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प्रज्ञा ठाकुर से है मालेगांव ब्लास्ट के भगोड़े और बम ट्रेनिंग कैम्प लगाने वाले का कनेक्शन: SIT

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इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर के अनुसार पत्रकार गौरी लंकेश हत्याकांड की जांच रिपोर्ट आई है. इस हत्याकांड की जांच कर्नाटक पुलिस कर रही थी. बेंगलुरु कोर्ट में गौरी लंकेश हत्याकांड की जांच रिपोर्ट पेश की गई है. इस हत्याकांड की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाई गई थी. इसी रिपोर्ट में कुछ चौंकाने वाले खुलासे भी हुए हैं.

# क्या है रिपोर्ट में?

एस.आई.टी का दावा है कि नरेंद्र दाभोलकर, गोविंद पानसरे, एम एम कलबुर्गी और गौरी लंकेश हत्याकांड एक सुनियोजित सीरीज का हिस्सा थे. जांच में पता चला है कि गौरी लंकेश हत्याकांड दोषियों ने एक ट्रेनिंग कैम्प में हिस्सा लिया था. जहां एक ‘बाबाजी’ और चार ‘गुरूजी’ बम बनाना सिखाते थे. नवंबर 2018 में गिरफ्तारी के बाद इस बाबाजी का राज़ खुला था. ये 2007 में हुए अजमेर दरगाह ब्लास्ट का आरोपी सुरेश नायर था जो 11 साल से फ़रार चल रहा था. नायर की गिरफ़्तारी के बाद ही पता चला था कि कैम्प में आए बाक़ी तीन ट्रेनर थे दांगे, कलसांगरा और अश्विनी चौहान, जो किसी न किसी ब्लास्ट के दोषी हैं.

2017 में पत्रकार गौरी लंकेश को उनके घर के बाहर गोली मार दी गई थी
2017 में पत्रकार गौरी लंकेश को उनके घर के बाहर गोली मार दी गई थी

गौरी लंकेश हत्याकांड के दोषियों ने जैसा बताया उसी आधार पर कैम्प में आए ‘गेस्ट ट्रेनरों’ के स्केच बनवाए गए . और अब टीम उनकी तलाश कर रही है. एस आई टी ने बताया कि सुरेश नायर को गुजरात एटीएस ने 2018 में भरूच से गिरफ़्तार किया था. और गौरी लंकेश हत्याकांड के दोषी जिस ट्रेनिंग कैंप वाले ‘बाबाजी’ की बात कह रहे हैं वो यही सुरेश नायर है. नायर को जब बाकी के तीन स्केच दिखाए गए तो उसने इन्हें पहचाना. नायर ने बताया कि ये दांगे, कलसांगरा और अश्विनी चौहान हैं.

बाएं से दाभोलकर, कलबुर्गी और पनसारे: तीनों की ही ह्त्या की गई
बाएं से दाभोलकर, कलबुर्गी और पनसारे: तीनों की ही ह्त्या की गई

# कौन है ये दांगे?

दांगे कभी आर.एस.एस में था. और अब बम एक्सपर्ट के तौर पर जाना जाता है. दांगे के खिलाफ़ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी है. कलसांगरा और अश्विनी चौहान के साथ दांगे भी NIA की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में है. सबके सिर पर दस-दस लाख इनाम है सरकार की तरफ़ से.

# कौन हैं गौरी लंकेश के हत्यारे?

गौरी लंकेश की हत्या के तीन आरोपी हैं. पहला है श्रीकांत पंगारकर, जो एक समय महाराष्ट्र से शिव सेना काउंसलर हुआ करता था. दूसरा है शरद कालस्कर, जो नरेंद्र दाभोलकर हत्याकांड में भी दोषी है. तीसरा है वासुदेव सूर्यवंशी, जो एक मैकेनिक है. और उसने कई बम धमाकों के लिए गाड़ियां चोरी करके मुहैया कराई थीं.

SIT का कहना है कि ऐसे कुल 19 कैम्प लगाए गए जिसमें हथियार चलाने से लेकर बम धमाकों की ट्रेनिंग दी गई. इन कैम्पों में कई तरह के एक्सपर्ट ट्रेनिंग देने आया करते थे. नरेंद्र दाभोलकर, गोविंद पानसरे, एम एम कलबुर्गी और गौरी लंकेश हत्याकांड के सभी आरोपी और दोषी इन ट्रेनिंग कैम्पों का कभी न कभी हिस्सा रहे हैं.

# मालेगांव और प्रज्ञा ठाकुर का भी कनेक्शन है इनसे?

भोपाल से भाजपा की लोकसभा कैंडिडेट हैं प्रज्ञा ठाकुर. 2008 में हुए मालेगांव बेम धमाकों में हालिया जेल से बाहर आई हैं. उसी मालेगांव में जो बाकी तेरह लोग अभियुक्त थे, उनमें से एक ‘दांगे’ भी था जिसके बारे में ऊपर बताया गया है.

लेकिन इंडियन एक्सप्रेस की इस खबर पर SIT ने अलग ही बात कही है. अब SIT का कहना है कि उनकी तरफ़ से बेंगलुरु स्पेशल कोर्ट में ऐसे सबूत पेश ही नहीं किए जिससे ये पता चले कि प्रज्ञा ठाकुर, मालेगांव और गौरी लंकेश मर्डर केस में कोई लिंक है. इस पर हमारी स्टोरी पढ़ने के  लिए यहां क्लिक करें. 


वीडियो देखें: आधी बात सुनकर भड़क उठे पार्क में खड़े बुज़ुर्ग

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Malegaon’s wanted, linked to Pragya, held bomb training camps: Gauri Lankesh probe SIT to court

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