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चौथी बार MP के सीएम बने शिवराज, बोले- कोरोना से मुकाबला मेरी पहली प्राथमिकता

तारीख 22 मार्च, 2020. शाम के लगभग 5.28 बजे. पूरा देश एक सुर में जनता कर्फ्यू के दौरान काम करने वालों का हौसला आफजाई कर रहा था. सोशल मीडिया पर फोटो और वीडियो की बाढ़ आ गई. इसी दौरान एक वीडियो सामने आया. पूरा परिवार एक साथ खड़े होकर ताली-थाली बजा रहा था. इस वीडियो में कैमरे का फोकस कई बार घर के बाहर टंगे नेम प्लेट पर गया. नेम प्लेट, जिस पर लिखा था शिवराज सिंह चौहान. पूर्व मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश.

अगले दिन. तारीख 23 मार्च, 2020. इस दिन शिवराज के नाम के आगे से ‘पूर्व’ शब्द हट चुका है. एमपी के ‘मामा’ 15 महीने के अंदर फिर से सूबे के मुखिया बन गए हैं. राज्यपाल लालजी टंडन ने उन्हें राजभवन में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. मध्य प्रदेश की सियासत में ये पहली बार है कि कोई व्यक्ति चौथी बार सूबे की कमान संभाल रहा हो. पहली बार शिवराज 29 नवंबर, 2005 को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे. इसके बाद वह 12 दिसंबर, 2008 को दूसरी बार सीएम बने. 8 दिसंबर, 2013 को शिवराज ने तीसरी बार सीएम पद की शपथ ली थी.

कैसे गिरी कमलनाथ की सरकार?

20 मार्च को कमल नाथ ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. इससे पहले प्रदेश में कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हो गए थे. जिसके बाद सिंधिया समर्थक 22 कांग्रेसी विधायकों ने भी इस्तीफा दे दिया था. इसमें छह मंत्री शामिल थे. इन विधायकों के इस्तीफे के बाद कमल नाथ की सरकार अल्पमत में आ गई थी. भाजपा लगातार फ्लोर टेस्ट कराने की मांग कर रही थी लेकिन स्पीकर ने इससे मना कर दिया. मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. सुप्रीम कोर्ट ने कमलनाथ सरकार को तुरंत फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश दिया. आदेश के बाद स्पीकर ने सभी बागी विधायकों का इस्तीफा मंजूर किया और फ्लोर टेस्ट पहले ही कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया.

क्या बोले शिवराज?
शपथ लेने के बाद शिवराज ने अपनी पहली प्राथमिकता कोरोना वायरस से मुकाबला बताया. उन्होंने कहा, बाकी सब बाद में, मेरी सबसे पहली प्राथमिकता कोरोना वायरस से मुकाबला है. उन्होंने उन 22 पूर्व विधायकों को धन्यवाद दिया जो कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए. इससे पहले 23 मार्च को विधायक दल की बैठक में शिवराज सिंह चौहान को विधायक दल का नेता चुना गया. विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा का आभार व्यक्त किया.

शिवराज ने कहा, मेरे लिए यह बहुत भावुक क्षण है. मैं पार्टी का एक साधारण कार्यकर्ता हूं. यह केवल बीजेपी में ही हो सकता है कि बिना किसी राजनैतिक और पारिवारिक पृष्ठभूमि के एक साधारण कार्यकर्ता को एक बड़ा काम करने का अवसर दिया जाए.

शिवराज ने ज्योतिरादित्य सिंधिया का भी आभार प्रकट किया. उन्होंने सिंधिया के साथ मिलकर मध्यप्रदेश की प्रगति और विकास के लिए काम करने की बात कही.


शिवराज सिंह चौहान के MP से दिल्ली जाने और लौटकर मुख्यमंत्री बनने की कहानी

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