Submit your post

Follow Us

लखनऊ: श्मशान में जगह नहीं मिली, परिजन कोविड बॉडी छोड़कर चले गए

कोरोना से हर दिन हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो रही है. शवों के अंतिम संस्कार के लिए श्मशानों में लंबी-लंबी लाइनें लग रही हैं. लखनऊ उन शहरों में से एक है जिसकी हालत कोरोना से खराब है. अस्पतालों में बेड नहीं है, लोग ऑक्सीजन की कमी की शिकायत कर रहे हैं. इलाज के अभाव में लोगों की मौत हो जा रही है. यहां के एक श्मशान की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया में खूब वायरल हुईं. उसके बाद भी हालात सुधरे नहीं हैं.

क्या है मामला?

कोरोना संक्रमित बॉडी को जगह ना मिल पाने पर परिजन बॉडी श्मशान घाट के बाहर छोड़कर चले गए. इसके बाद रात 12:00 बजे सफाई कर्मचारियों और पंडा ने मिलकर शव का अंतिम संस्कार किया.

आज तक के आशीष श्रीवास्तव की रिपोर्ट के मुताबिक, लखनऊ के आलमबाग क्षेत्र में स्थित नहर शवदाह गृह पर कोविड पॉजिटिव बॉडी को जलाने के लिए काफी तादात में लोग पहुंच रहे हैं. तकरीबन 60 बॉडी हर रोज जलाई जा रही है. लोगों को श्मशान घाट पर शव जलाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है. नहर शव दाह ग्रह में काम करने वाले नितिन पंडित के मुताबिक,

17 अप्रैल की देर शाम कुछ लोग कोरोना संक्रमित बॉडी के अंतिम संस्कार के लिए आए. ये लोग गोरखपुर से आए थे. जिस समय ये लोग श्मशान पहुंचे उस समय वहां जगह नहीं थी. उन्हें इंतजार करने को कहा गया. लेकिन शाम को देखा तो श्मशान घाट के गेट पर डेड बॉडी रखी हुई थी और परिजन नहीं थे. काफी देर इंतजार किया गया, लेकिन कोई नहीं आया. लंबे इंतजार के बाद देर रात तकरीबन 12 बजे सफाई कर्मचारी ने मिलकर उस बॉडी का अंतिम सांस्कार कर दिया.

पूर्व पार्षद आलमबाग भूपेंद्र सिंह के मुताबिक, प्रशासन की तरफ से कोई भी इंतजाम नहीं किए गए हैं. लगातार लोग यहां पर आ रहे हैं. कोविड-19 पेशेंट की बॉडी को जलाने में काफी दिक्कत आ रही है. लोगों को जगह नहीं मिल जा रही है.

बेटे ने अंतिम संस्कार से किया मना

वहीं अमर उजाला की एक खबर के मुताबिक, राजस्थान के सिरोही में बेटे ने अपनी मां का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया. महिला की मौत कोरोना से नहीं हुई थी, इसके बावजूद बेटे ने शव लेने से मना कर दिया. शव घर में ही पड़ा रहा, जब ये बात पड़ोसियों को पता चली तो उन्होंने नगर पालिका को इसकी खबर दी. नगर पालिका वाले भी महिला का शव उठाने के लिए कचरा ढोने वाली गाड़ी लेकर आए. खबर के मुताबिक कोरोना की वजह से बेटा डर रहा था. कुछ दिन पहले ही वह शहर से आया था. बाद में समझाने के बाद वह अंतिम संस्कार में शामिल हुआ.


अर्थात: अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन और रेमडेसिविर की कमी, सरकार क्या कर रही?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

टॉप खबर

डेढ़ महीने पहले राजनीति छोड़ने का ऐलान करने वाले बाबुल सुप्रियो ने TMC जॉइन की

डेढ़ महीने पहले राजनीति छोड़ने का ऐलान करने वाले बाबुल सुप्रियो ने TMC जॉइन की

केंद्रीय मंत्री पद से हटाए जाने के बाद भाजपा छोड़ी थी.

मनोज पाटिल सुसाइड अटेम्प्ट केस: साहिल खान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, कहा नकली स्टेरॉयड्स का रैकेट

मनोज पाटिल सुसाइड अटेम्प्ट केस: साहिल खान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, कहा नकली स्टेरॉयड्स का रैकेट

कहानी में एक और किरदार सामने आया है, राज फौजदार.

राजस्थान में अब सब-इंस्पेक्टर परीक्षा का पेपर लीक, वॉट्सऐप बना जरिया

राजस्थान में अब सब-इंस्पेक्टर परीक्षा का पेपर लीक, वॉट्सऐप बना जरिया

पुलिस ने बीकानेर, जयपुर, पाली और उदयपुर से 17 लोगों को गिरफ्तार किया है.

क्या पाकिस्तान यूपी चुनाव में आतंकी हमले कराने की तैयारी में है?

क्या पाकिस्तान यूपी चुनाव में आतंकी हमले कराने की तैयारी में है?

दिल्ली पुलिस ने 6 संदिग्धों को गिरफ्तार कर कई दावे किए हैं.

नसीरुद्दीन शाह ने योगी आदित्यनाथ के 'अब्बा जान' वाले बयान पर बड़ी बात कह दी है!

नसीरुद्दीन शाह ने योगी आदित्यनाथ के 'अब्बा जान' वाले बयान पर बड़ी बात कह दी है!

नसीर ने ये भी कहा कि कई मुस्लिम अपने पिता को बाबा भी कहते हैं.

AIMIM के पूर्व नेता पर FIR, दोस्त के साथ हलाला कराने की कोशिश का आरोप

AIMIM के पूर्व नेता पर FIR, दोस्त के साथ हलाला कराने की कोशिश का आरोप

पूर्व पत्नी ने लगाया रेप के प्रयास का आरोप, AIMIM नेता ने कहा- बेबुनियाद.

75 साल बाद नर्सिंग के पाठ्यक्रम में किए गए बड़े बदलाव हैं क्या?

75 साल बाद नर्सिंग के पाठ्यक्रम में किए गए बड़े बदलाव हैं क्या?

ये बदलाव जनवरी 2022 से लागू होंगे.

पश्चिम बंगाल के पूर्व CM बुद्धदेव भट्टाचार्य की साली बेघर हैं, फुटपाथ पर सोती हैं

पश्चिम बंगाल के पूर्व CM बुद्धदेव भट्टाचार्य की साली बेघर हैं, फुटपाथ पर सोती हैं

इरा बसु वायरोलॉजी में PhD हैं और 30 साल से भी ज्यादा समय तक पढ़ाया है.

'माओवादी' बताकर CRPF ने 8 आदिवासियों का एनकाउंटर किया था, 8 साल बाद ये 'एक भूल' साबित हुई है

'माओवादी' बताकर CRPF ने 8 आदिवासियों का एनकाउंटर किया था, 8 साल बाद ये 'एक भूल' साबित हुई है

यहां तक कि CRPF कान्स्टेबल की मौत भी फ्रेंडली फायर में हुई थी!

अक्षय कुमार की मां का निधन

अक्षय कुमार की मां का निधन

अपने जन्मदिन से सिर्फ एक दिन पहले अक्षय को मिला गहरा सदमा.