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लखनऊ में लोगों को तीन-तीन दिन तक ऑक्सीजन के लिए इंतजार क्यों करना पड़ रहा है?

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ऑक्सीजन सिलेंडर को लेकर मारामारी जारी है. सरकार ने ऑक्सीजन सिलेंडर तो मंगवा लिए हैं, लेकिन उन टैंकरों के ऑक्सीजन को प्लांट में भरने के लिए टेक्निकल इक्विपमेंट ही नहीं हैं. इसके चलते टैंकर ऑक्सीजन प्लांट के बाहर खड़े हैं. लोगों को एक सिलेंडर के लिए तीन-तीन दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है.

आज तक की खबर के मुताबिक, अवध ऑक्सीजन प्लांट पर दो दिन पहले ऑक्सीजन का कैप्सूल आया था, लेकिन औजार नहीं होने और टेक्निकल एक्सपर्ट नहीं होने से ये ऐसे ही पड़ा रहा. अंत में देसी जुगाड़ के जरिए ऑक्सीजन को अनलोड किया जा सका. खबर के मुताबिक, 73 मीट्रिक ऑक्सीजन लखनऊ पहुंचा है, लेकिन औजार की कमी की वजह से अनलोड नहीं हो पा रहा है. इसके चलते सिलेंडर नहीं भरे जा रहे हैं और अस्पातल में मरीजों को ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है.

क्या कहना है लोगों का?

लखनऊ के रानीगंज से आई खुशबू की मां घर में बीमार हैं. उन्हें अस्थमा की शिकायत है. डॉक्टर ने ऑक्सीजन के लिए कहा है, लेकिन ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए खुशबू, तो कभी उनका भाई इंतजार कर रहे हैं. तीन दिन से खुशबू ऑक्सीजन प्लांट में सिलेंडर भरवाने के लिए लाइन में खड़ी हो रही हैं, लेकिन ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है.

ऑक्सीजन प्लांट के बाहर लोग तीन-तीन दिन से लाइन लगा रहे हैं. सिलेंडर पर लेटे आशीष ने बताया कि तीन दिन से इंतजार कर रहे हैं. थक हार कर सिलेंडर पर ही लेट गया. रायबरेली में आशीष के पिता होम आइसोलेशन में हैं. उनको ऑक्सीजन की जरूरत है. रायबरेली में ऑक्सीजन नहीं मिली तो वह सिलेंडर भराने के लिए लखनऊ आ गए. वह कभी बक्शी तालाब के ऑक्सीजन प्लांट पर पहुंचते हैं, तो कभी अवध ऑक्सीजन प्लांट पर, लेकिन कहीं भी उन्हें ऑक्सीजन नहीं मिल पाई.

Oxygen (2)
तीन दिन से ऑक्सीजन का इंतजार करते आशीष

ऑक्सीजन का टैंकर लेकर पहुंचे ड्राइवर ने बताया कि तीन दिन से खड़े हैं. प्लांट के पास टैंकर खाली करने के लिए समान नहीं था, अभी बनाया है. उसके बाद खाली कर रहे हैं. ऑक्सीजन किल्लत की वजह लापरवाही है. औजार नहीं होने की वजह से टैंकरों को प्लांट के बाहर इंतजार करना पड़ा और लोगों को सिलेंडर लेकर प्लांट के बाहर.

वहीं बुधवार को लखनऊ में ही ऑक्सीजन सिलेंडर रिफिल करने के दौरान सिलेंडर फटने से 3 लोगों की मौत हो गई. कई लोग घायल हो गए. प्लांट में काम कर रहे एक कर्मचारी का हाथ ब्लास्ट के दौरान बुरी तरह जख्मी हो गया. हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने राहत और बचाव का काम शुरू किया. हादसा चिनहट के केटी ऑक्सीजन प्लांट में हुआ. घायलों को गोमती नगर स्थित लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है.


जानिए, दूसरी के बाद तीसरी लहर से बचने के लिए क्या-क्या करना होगा?

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