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अफवाह फैली कि मोदी ने पैसा भेजा है, नहीं निकाला तो वापस चला जाएगा, भीड़ टूट पड़ी

राजस्थान का जयपुर. यहां के कुछ गांवों में अफवाह उड़ी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबके खाते में 500 रुपए डाले हैं. वहीं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सबके खाते में 2500 रुपए भेजे हैं. अगर बैंक से ये पैसे नहीं निकाले तो पैसे वापस चले जाएंगे. इस अफवाह के बाद बैंकों के सामने लंबी-लंबी लाइन देखने को मिल रही है. पूरे देश में लॉकडाउन है. धारा 144 लगी हुई है, लेकिन लोग पैसे निकालने के लिए बैंक के चक्कर काट रहे हैं.

जयपुर जिले के फागी तहसील का मंडोर गांव के बैंक के बाहर आसपास के गांव से सुबह 8:00 बजे से ही महिलाएं, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग हाथ में पासबुक लिए जुटने लगे.  70 साल की गुलाबो और 27 साल की फुला. चार किलोमीटर पैदल चलकर सुबह 8 बजे बैंक पहुंच गई थीं. उन्हें गांव में बताया गया कि बैंक में पैसा मिल रहा है. पासबुक लेकर काउंटर पर गईं तो पता चला कि 2014 में खुला इनका अकाउंट कब का बंद हो चुका है.

पंजाब नेशनल बैंक के मैनेजर प्रत्येक पांडे ने बताया, “हमने बहुत से लोगों को समझाया, लेकिन कोई समझने के लिए तैयार नहीं हो रहा है. ग्रामीण इलाका है. ज्यादातर लोग पढ़े-लिखे नहीं हैं. हालांकि कुछ लोगों के पैसे जनधन खाते में आए थे. इसकी वजह से पूरे इलाके में अफवाह फैल गई कि सब के खाते में पैसे आए हैं और लोग बैंक चले आ रहे हैं.”

वहीं गांव वालों का कहना है कि बैंक वाले पैसे निकालने वाली रसीद के भी पैसे ले रहे हैं. रसीद भरने के भी पैसे ले रहे हैं, क्योंकि यहां पर जो लोग पैसे निकालने आए हैं वो सारे गरीब और अनपढ़ हैं.

इसी तरह की खबरें यूपी से भी आ रही हैं. कुशीनगर में बड़ौदा यूपी बैंक लक्ष्मीगंज के सहायक प्रबंधक श्रेयांशु द्विवेदी का कहना है कि उनके यहां बैंक स्टाफके पहुंचने से पहले ही दो लंबी-2 कतार लगी रहती है. जिनका भी बैंक में खाता है वो पासबुक लेकर सीधा बैंक आ जाते हैं कि पेंशन हो या मनरेगा हो या किसान निधि हो या गैस हो या फिर जनधन एकाउंट वाला पैसा हो. कोई तो पैसा आया होगा. लोग ऐसा इसलिए कर रहे हैं कि अफवाह फैली की अगर ये पैसे लॉकडाउन में नहीं निकाले तो वापस चला जाएगा.

सरकार ने कोरोना राहत पैकेज का एलान किया था. इसमें 20 करोड़ जनधन खाताधारक महिलाओं को 500 रुपये प्रति महीने अगले तीन महीने तक भेजने की बात कही गई थी. पैसे निकालने के लिए लाइन में लगी महिलाएं-(प्रतीकात्मक फोटो)
सरकार ने कोरोना राहत पैकेज का एलान किया था. इसमें 20 करोड़ जनधन खाताधारक महिलाओं को 500 रुपये प्रति महीने अगले तीन महीने तक भेजने की बात कही गई थी. पैसे निकालने के लिए लाइन में लगी महिलाएं-(प्रतीकात्मक फोटो)

उन्होंने बताया कि भीड़ कंट्रोल करने के लिए हम लोगों का पासबुक चेक करते हैं और जिनका पैसा नहीं आया है उन्हें बाहर से ही वापस भेज देते हैं. बैंक आई एक बुजुर्ग महिला ने उतना ही पैसा निकाला जितना लॉकडाउन के दौरान उन्हें पेंशन के रूप में मिला था. निकाल गए पैसे में एक हजार मिलाकर फिर उसे जमा कराने काउंटर पर पहुंच गई. जब उनसे पूछा गया कि आप ऐसा क्यों कर रही हैं तो उन्होंने बताया, पहले मेरे खाते में मोदी वाला पैसा था. हमने उसे निकाल लिया. वो मेरा हो गया. अब मैं अपना पैसा जमा कर रही हूं.

बैंक के अधिकारी लोगों को समझा रहे हैं कि हर किसी के खाते में पैसा नहीं आया है. और जिनके खाते में पैसा आया है वो लोग जरूरत होने पर ही निकालें. ये पैसा वापस नहीं जाएगा. लेकिन लोग सुन नहीं रहे हैं.

सरकार ने 26 मार्च को एक लाख 70 हजार करोड़ रुपये के राहत पैकेज का ऐलान किया. इसमें वित्त मंत्री ने बताया था कि 20 करोड़ जनधन खाताधारक महिलाओं को 500 रुपये प्रति महीने अगले तीन महीने तक दिये जाएंगे. इसी पैसे को निकालने के लिए लोगों की भीड़ बैंकों के बाहर देखने को मिल रही है.


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