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कमलेश तिवारी की मां, पत्नी और बेटा UP पुलिस पर भड़क गए

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कमलेश तिवारी हत्याकांड में दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी हो गई है. गुजरात एटीएस ने श्यामलाजी के पास से दोनों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के नाम अशफाक और मोइनुद्दीन हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों ने अपना नाम बदलकर लखनऊ में कमलेश से मुलाकात की थी. अशफाक रोहित बना था, मोइनुद्दीन ने संजय नाम रखा था.

आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कमलेश का परिवार गुजरात एटीएस की कार्रवाई से तो संतुष्ट है, लेकिन यूपी पुलिस की कार्रवाई से नाराज है. कमलेश के बेटे का कहना है,

‘गिरफ्तारी हो गई है. हम चाहते हैं कि दोनों को फांसी की सजा हो. गुजरात एटीएस के ऐक्शन से संतुष्टि मिली. लेकिन यूपी पुलिस ने ठीक से काम नहीं किया. हमसे कहा गया कि आईजी लेवल की जांच हो रही है. जिस दिन उन्हें मारा गया था, उस दिन पुलिस ने लापरवाही की. एसएसपी और थाने ने पूरी लापरवाही की. भाई और मां पर लाठीचार्ज किया था. उन्हें मारा था. पोस्टमॉर्टम के बाद बॉडी नहीं दे रहे थे. तो सर ये सारी लापरवाही पुलिस ने की. हम मांग कर रहे हैं कि SSP के खिलाफ कार्रवाई हो. सीतापुर प्रशासन को हम धन्यवाद कहना चाहते हैं. उन्होंने हमारा साथ दिया.’

कमलेश की पत्नी ने कहा,

‘लखनऊ पुलिस, लखनऊ प्रशासन ने हमारे साथ बदतमीजी की है. हमारे परिवार के साथ में. हमारे छोटे बेटे को नाका पुलिस ने धकेल दिया था. लाठीचार्ज करने के बाद किसी ने माफी भी नहीं मांगी.’

कमलेश तिवारी की मां कुसुम तिवारी ने भी गुजरात एटीएस को धन्यवाद कहा, लेकिन लखनऊ पुलिस से नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा,

‘हां, गुजरात पुलिस से संतुष्ट हैं. लेकिन यूपी पुलिस ने हमारे साथ कुछ नहीं किया है. कुछ नहीं कर रही है. और खासकर के नाके थाने की पुलिस ने, हम बयान नहीं कर सकते कितना दंडित किया है. हमको हमारे बेटे की लाश नहीं दे रहे थे. और जहां पर लाश रखी हो, उनके दो-दो बेटे वहां हो, परिवार के बाकी सदस्य हो, पत्नी हो, वहां हमको बुलाने की क्या जरूरत थी. मैं जब सीएम योगी आदित्यनाथ से मिली, तब भी मैंने पुलिस को लेकर बहुत शिकायत की. मीडिया में भी बार-बार ये मुद्दा उठा रही हूं. लेकिन मीडिया उतना दिखाती नहीं है, जितना पूछकर जाती है. हम कार्रवाई से संतुष्ट तो हैं, लेकिन पूरी तरह से नहीं.’

कमलेश तिवारी की हत्या के बाद यूपी डीजीपी ओपी सिंह ने कहा था कि पुलिस के डर से ही हत्यारे भागे थे. और गुजरात पहुंचे थे. इस पर कुसुम ने कहा,

‘भागने ही क्यों दिया. दिन का काम था. 11 बजे दिन में मर्डर हुआ है. क्यों भागने दिया? उनकी खबर आग की तरह फैली, तो कैसे गुजरात पहुंच गए. भागने कैसे दिया. क्या विदेश भेजना चाहते थे?’

इसके पहले कुसुम तिवारी पीएम नरेंद्र मोदी से भी नाराजगी जाहिर की थी. वो अपने बेटे की अस्थियां प्रवाहित करने बनारस गई थीं. जहां उनसे पूछा गया था कि वो अभी पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में हैं, कुछ कहना चाहेंगी कि उन तक बात पहुंच सके. इस सवाल पर उन्होंने कहा था, ‘अरे मोदी जी क्या शंकर जी हैं? हम भोले बाबा के दरबार में आए हैं. मोदी जी हमारे भगवान हैं क्या? मैं मोदी जी से कतई संतुष्ट नहीं हूं.’


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