Submit your post

Follow Us

मुकेश भाई की रिलायंस के दिए 19 किलो सोने से सजा कामख्या मंदिर देख लो

51 शक्ति पीठों में से कुछ सबसे पुराने शक्ति पीठों में से एक, गुवाहाटी का कामख्या देवी मंदिर अब दूर से ही अपनी सुनहरी चमक के चलते दिख जाएगा. शब्दशः

# सोने की चमक-

देश के सबसे अमीर शख़्स हैं मुकेश धीरूभाई अंबानी. उनकी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज़. जिसने किया है दान. हम-आप जैसे आम आदमी 501-1001 करते हैं. मोटा भाई की कंपनी का दान भी मोटा है. 19 किलोग्राम सोना. और ख़बर की शुरुआत से ही पता चल गया होगा कि ये दान गया है असम के नीलांचल पहाड़ी के ऊपर स्थित प्रसिद्ध कामख्या मंदिर को. और इस 19 किलो सोने से मंदिर के मुख्य गुंबद को सजाया गया है.

ये तो थी रिलायंस के 19 किलो सोने की बात. लेकिन, इसके अलावा भी मंदिर की ‘स्वर्ण सजावट’ की गई है. इसके अलावा मंदिर को तीन स्वर्ण कलशों से भी सजाया गया है. हालांकि स्वर्ण कलश तो पहले भी थे, लेकिन ये वाले विशाल आकार के हैं.

कामाख्या मंदिर प्रबंधन समिति के अनुसार, गुरुवार 19 नवंबर, 2020 को इसका अनावरण किया गया.

कामाख्या मंदिर के वरिष्ठ पुजारी मोहित चंद्र सरमा ने बताया-

मंदिर जीर्णोद्धार का कार्य 17-18 सितंबर से शुरू हो गया था. हालांकि नवरात्र के दौरान कार्य को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था, लेकिन दशमी के बाद से इसे फिर से शुरू किया गया.

मोहित ने बताया कि मुंबई से पहुंचे कारीगरों की एक टीम ने मुख्य गुंबद में सोने का आवरण चढ़ाने का कार्य किया था.

# कामाख्या – ‘द मिथ’

कामाख्या को ‘सती’ (जो कि भगवान शिव की पत्नी थीं) का एक अवतार माना जाता है. सती की मृत्यु के बाद, शिव ने तांडव नृत्य शुरू कर दिया था. उन्हें रोकने के लिए विष्णु ने अपना चक्र छोड़ा था. जिसने सती के शरीर को 51 हिस्सों में काट दिया था. ये 51 हिस्से धरती पर जहां-जहां गिरे, उन्हें ‘शक्तिपीठ’ का नाम दिया गया. इन्हीं में से एक हिस्सा वहां गिरा, जहां पर इस वक्त कामाख्या मंदिर है.

 

जीर्णोद्धार से पहले ऐसा दिखता था शक्तिपीठ.
जीर्णोद्धार से पहले ऐसा दिखता था शक्तिपीठ.

# क्यों पड़ा ये नाम?

सती का गर्भाशय जिस जगह पर गिरा था, उसका पता तब तक नहीं चल पाया था जब तक कामदेव ने उसे ढूंढा नहीं था. कामदेव ने शिव के शाप से मुक्त होने के लिए इसे ढूंढा. कामदेव का शरीर तहस-नहस हो चुका था. लेकिन उन्होंने सती की योनि ढूंढ कर उसकी पूजा की. और अपना शरीर वापस पा लिया. इसलिए इस मंदिर या देवी को कामाख्या के नाम से जाना जाता है. क्योंकि कामदेव इनकी पूजा करते थे.

# कामाख्या मंदिर-

गुवाहाटी से 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित नीलांचल पर्वत पर स्थित कामाख्या मंदिर तंत्रमंत्र की साधना के लिए जाना जाता है. ये मंदिर 1565 में नर-नारायण ने बनवाया था. अपने बनने के साथ ही ये मंदिर अंबुबाची मेले से जुड़ गया था. मंदिर के गर्भगृह (मेन हिस्सा) में देवी की कोई मूर्ति नहीं है. उनकी पूजा की जाती है एक पत्थर के रूप में. जो एक योनि के आकार का है और जिसमें से नैचुरली पानी निकलता है.


वीडियो देखें-

सुरेश चव्हाणके के सुदर्शन टीवी को सशर्त ‘बिंदास बोल’ चलाने की परमिशन मिली है-

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

क्या चल रहा है?

EVM छोड़िए, कांग्रेस अपना नया अध्यक्ष डिजिटल वोटिंग से चुनने जा रही है

राहुल गांधी को यहां कितने वोट मिलेंगे?

ICC ने कुंबले की बात मानी और विराट की टीम का बड़ा नुकसान कर दिया

मामला ICC टेस्ट चैंपियनशिप का है.

आयुष डॉक्टर कोरोना का इलाज कर सकते हैं या नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

केंद्र सरकार के आदेश का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है

ऑस्ट्रेलिया में बढ़ते कोरोना मामलों के बीच IND-AUS पहले टेस्ट पर बड़ा अपडेट!

जहां मैच होना है वहां दुनिया का सबसे सख्त लॉकडाउन लगा है.

दलितों के बाल काटे तो सलून वाले पर 50 हज़ार रुपये का जुर्माना लग गया

पूरे परिवार का सामाजिक बहिष्कार भी कर दिया गया है.

इस देश में दुनिया का सबसे सख्त लॉकडाउन लगा है

क्या हैं इस लॉकडाउन के नियम.

iPhone को धीमा करना ऐपल को 838 करोड़ रुपए महंगा पड़ा

अपने इस कदम के लिए ऐपल ने क्या दलील दी है?

कोरोना के कारण कर्फ़्यू का ऐलान लेकिन अहमदाबाद के बाज़ारों में भीड़ फट पड़ी

जानिए कब से कब तक रहेगा कर्फ्यू?

ड्रग्स केस: कोर्ट ने कहा- वॉट्सऐप की चैट भर से कोई ड्रग पेडलर साबित नहीं होता

अर्जुन रामपाल की पार्टनर के भाई को कोर्ट ने दी जमानत.

ऑस्ट्रेलियन दिग्गज ने विराट के बच्चे के लिए जो कहा, वो सुनकर aww करने से खुद को नहीं रोक पाएंगे

लेकिन उनकी ये बात मान न लें विराट.