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अब इन देशों में नहीं बिकेगा जॉनसंस बेबी पाउडर, कंपनी ने वजह बताई है

जॉनसन एंड जॉनसन. अमेरिका की कंपनी है. इसने अमेरिका और कनाडा में बेबी पाउडर की बिक्री रोक दी है. इस पाउडर की वजह से कंपनी हज़ारों मुकदमों का सामना कर रही है. आरोप है कि पाउडर में एस्बेस्टस होता है, जिसकी वजह से कैंसर हो रहा है. कंपनी को मुआवजे के रूप में अरबों डॉलर के भुगतान का आदेश भी दिया गया है.

कंपनी ने कहा है कि आने वाले समय में वह पाउडर की बिक्री और कम करेगी.

क्यों लेना पड़ा फैसला?

कंपनी का कहना है कि नॉर्थ अमेरिका में बेबी पाउडर की डिमांड घट रही थी. ऐसा उपभोक्ताओं की आदतों में बड़े स्तर पर बदलाव और बेबी पाउडर को लेकर गलत सूचनाएं फैलने की वजह से हो रहा था. कंपनी ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि जॉनसंस बेबी पाउडर सुरक्षित है. कहा, “दुनियाभर के मेडिकल एक्सपर्ट द्वारा दशकों की इंडिपेंडेंट साइंटिफिक स्टडी हमारे उत्पाद के सुरक्षित होने का समर्थन करते हैं.”

कंपनी ने अक्टूबर में कहा था कि परीक्षण में इसके बेबी पाउडर में कोई एस्बेस्टस (कैंसर के कारक) नहीं पाया गया था, क्योंकि अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा जांच की गई थी.

कंपनी का ये भी कहना है कि यह कदम कोरोना महामारी के बीच उपभोक्ता उत्पादों के पुनमूर्ल्यांकन के कदमों का हिस्सा है.

बताते चलें कि 2018 में अमेरिका में एक ज्यूरी ने कंपनी को 22 महिलाओं और उनके परिवार को 4.69 अरब डॉलर लगभग 32 हजार करोड़ रुपए हर्जाना देने का आदेश दिया था. इन महिलाओं ने दावा किया था कि कंपनी के टैलकम पाउडर प्रोडक्ट्स के चलते उन्हें ओवेरियन कैंसर जैसी बीमारी हो गई.

किस चीज़ से बनते टैल्कम पाउडर?

टैल्कम पाउडर में जिंक स्टेरेट और मैग्निशियम सिलकेट जैसे कार्सिनोजेन होते हैं. कार्सिनोजेन यानी वो चीज़ें जिनसे कैंसर होता है. ज़िंक स्टेरेट और मैग्नीशियम सिलिकेट को पीसकर टैल्कम पाउडर में मिलाया जाता है. पाउडर के रूप में ये नमी को अच्छी तरह से एब्सॉर्ब करते हैं. यह त्वचा को ऑइल फ्री रखने और चकत्ते को रोकने में मदद करते हैं. इनका इस्तेमाल कई कॉस्मेटिक उत्पादों में होता है.


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