Submit your post

Follow Us

जामिया प्रोटेस्ट: किसने फैलाई हिंसा, दिल्ली पुलिस के वीडियोग्राफर कैप्चर नहीं कर पाए

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर 15 दिसंबर, 2019 को दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी और जामिया नगर में प्रोटेस्ट हुआ था. हिंसा भी हुई थी. प्रोटेस्ट के दौरान पुलिस ने कई वीडियोग्राफर भी तैनात किए थे, जिससे हिंसा में शामिल लोगों को पकड़ने में आसानी हो. लेकिन पुलिस ने FIR में दावा किया कि वो वीडियोग्राफर उन प्रदर्शनकारियों को कैप्चर ही नहीं कर पाए, जिन्होंने हिंसा भड़काई थी.

हालांकि जामिया के स्टूडेंट्स के साथ-साथ कुछ लोकल लोग भी इस प्रोटेस्ट में शामिल हुए थे. प्रदर्शनकारी संसद तक मार्च करने की कोशिश कर रहे थे, पर पुलिस ने उन लोगों को मथुरा रोड पर ही रोक दिया. तभी कुछ प्रदर्शनकारियों ने पत्थर फेंकना और बसों-गाड़ियों को आग लगाना शुरू कर दिया था. पुलिस ने उन पर काबू पाने के लिए लाठीचार्ज किया. सबूत जुटाने के लिए कुछ वीडियोग्राफर भी तैनात किए. इसलिए कि अगर हालात बिगड़ें, तो वो प्रदर्शनकारी वीडियो में रिकॉर्ड हो जाएं. पुलिस के पास सबूत इकट्ठा हो सके और बाद में उनकी पहचान हो सके.

‘रॉ फुटेज की जांच करेगी पुलिस’

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, जितने मामले दर्ज हुए थे, सभी की जांच SIT को सौंप दी गई थी. SIT ने जब मामले की जांच की, तो उन्हें ये जानकर हैरानी हुई कि पथराव करने वालों और बसों को आग लगाने वालों का एक भी फोटो और वीडियो नहीं मिला. हालांकि उन्हें लोगों के फोन से लिए गए कुछ वीडियो और फोटो मिले हैं, जिससे आरोपियों को पकड़ा जा सके. फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज के साथ-साथ टीवी चैनलों के रॉ फुटेज की भी जांच कर रही है.

वहीं, SIT के पास प्रदर्शनकारियों के पुलिस बैरिकेड पर चढ़ने के फुटेज हैं. साथ ही घायल पुलिसकर्मी, बसों और प्राइवेट वाहनों को जलाने का वीडियो भी रिकॉर्ड किया गया है, पर एक भी दोषी उस वीडियो में नजर नहीं आ रहा है.

SIT ने पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने और दंगा करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के नाम हैं- मोहम्मद राना, मोहम्मद हारून और मोहम्मद हामिद. ये तीनों तैमूर नगर में रहते हैं. इन्हें अगल-अगल मामलों में गिरफ्तार किया गया है.

‘एक भी छात्र नहीं हैं’

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपियों की गिरफ्तारी लोकल पुलिस कॉन्स्टेबल की मदद से की गई है, जिन्होंने फोन में रिकॉर्डेड वीडियो के जरिए इनकी पहचान की है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जामिया और न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में हुई हिंसा को लेकर दो FIR दर्ज हुई थी. इसमें पुलिस ने अब तक 16 लोगों को दंगा भड़काने, पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. हालांकि इसमें कोई भी यूनिवर्सिटी स्टूटेंड शामिल नहीं है.


वीडियो देखें : JNU हिंसा: दृष्टिबाधित छात्र की बातें सुनिए, हमले के वक्त जेएनयू में कैसा खौफनाक मंजर था

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

टॉप खबर

अब केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने लगवाया नारा, "देश के गद्दारों को, गोली मारो *लों को"

क्या केन्द्रीय मंत्री ऐसे बयान दे सकता है?

माओवादियों ने डराया तो गांववालों ने पत्थर और तीर चलाकर माओवादी को ही मार डाला

और बदले में जलाए गए गांववालों के घर

बंगले की दीवार लांघकर पी. चिदम्बरम को गिरफ्तार किया, अब राष्ट्रपति मेडल मिला

CBI के 28 अधिकारियों को राष्ट्रपति पुलिस मेडल दिया गया.

झारखंड के लोहरदगा में मार्च निकल रहा था, जबरदस्त बवाल हुआ, इसका CAA कनेक्शन भी है

एक महीने में दूसरी बार झारखंड में ऐसा बवाल हुआ है.

BJP नेता कैलाश विजयवर्गीय लोगों को पोहा खाते देख उनकी नागरिकता जान लेते हैं!

विजयवर्गीय ने कहा- देश में अवैध रूप से रह रहे लोग सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं.

CAA-NRC, अयोध्या और जम्मू-कश्मीर पर नेशन का मूड क्या है?

आज लोकसभा चुनाव हुए तो क्या होगा मोदी सरकार का हाल?

JNU हिंसा केस में दिल्ली पुलिस की बड़ी गड़बड़ी सामने आई है

RTI से सामने आई ये बात.

CAA पर सुप्रीम कोर्ट में लगी 140 से ज्यादा याचिकाओं पर बड़ा फैसला आ गया

असम में NRC पर अब अलग से बात होगी.

दिल्ली चुनाव में BJP से गठबंधन पर JDU प्रवक्ता ने CM नीतीश को पुरानी बातें याद दिला दीं

चिट्ठी लिखी, जो अब वायरल हो रही है.

CAA और कश्मीर पर बोलने वाले मलयेशियाई PM अब खुद को छोटा क्यों बता रहे हैं?

हाल में भारत और मलयेशिया के बीच रिश्तों में खटास बढ़ती गई है.