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लॉकडाउन के बीच इस कंपनी ने 600 लोगों को नौकरी से निकाल दिया?

पीएम मोदी ने अपने लॉकडाउन भाषण में अपील की थी कि संकट के इस दौर में कोई भी कंपनी किसी को नौकरी से न निकाले. मुश्किल वक्त में हम एक-दूसरे का ध्यान रखें. लेकिन कुछ कंपनियां कॉस्ट कटिंग के नाम पर अपने कर्मचारियों को नौकरी से निकालने में लगी हुई हैं. इन्हीं में से एक है- रूपीक फिनटेक. ऑनलाइन कंपनी है जो गोल्ड जूलरी के बदले कर्ज देती है. हाल में में कंपनी ने फ्लिपकार्ट के को-फाउंडर बिन्नी बंसल के BTB वेंचर और कोरिया की KB इनवेस्टमेंट कंपनी से छह करोड़ डॉलर का फंड जुटाया था. इस कंपनी के कई कर्मचारियों ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि कंपनी ने 600 लोगों को निकाल दिया है. मामले को लेकर हमने कंपनी के तीन एम्प्लॉई से कॉल पर बात की.

विजय सहदेव (बदला हुआ नाम)

14 अप्रैल को जब पीएम मोदी ने लॉकडाउन को एक्सटेंड किया तो उसी दिन दोपहर में मुझे मेरे ऑपरेशन हेड का कॉल आया. उन्होंने कहा कि आज आपका लास्ट वर्किंग डे है. मैं मार्च में ही रूपीक से जुड़ा था. महीनेभर के बाद उन्होंने इस्तीफ़ा मांग लिया. मैं वर्क फ्रॉम होम करता हूं. जहां से काम करता हूं वहां रूपीक के लिए 10 लोग और काम करते हैं. उन सभी से इस्तीफ़ा मांगा गया. मेरे कई दोस्तों ने इस्तीफ़ा दे  दिया तो आख़िर में मुझे भी देना पड़ा.

अश्विनी प्रकाश (बदला हुआ नाम)

14 अप्रैल की दोपहर मुझे एचआर की ओर से कॉल आया और इस्तीफा मांगा गया. कहा 6 बजे तक अगर इस्तीफ़ा नहीं भेजा तो हमारी ओर से आपको टर्मिनेशन लेटर भेजा जाएगा. मैं हैदराबाद में रहकर कंपनी के लिए काम करता है. मैंने इस्तीफ़ा नहीं भेजा तो उन्होंने शाम में टर्मिनेशन लेटर भेज दिया.

Termination Letter
रूपीक के कर्मचारी को भेजा गया टर्मिनेशन लेटर. (फोटो: इंडिया टुडे)

रहीमुद्दीन (बदला हुआ नाम)

मैं अवसर के साथ जुड़ा हुआ हूं. अवसर और रूपीक साथ में काम करते हैं. 14 अप्रैल की दोपहर मुझे एचआर कल्पना का कॉल आया और उन्होंने मुझसे कहा कि शाम तक इस्तीफ़ा दे दीजिए. मैंने पूछा एकाएक ऐसा क्यों? तो उनका जवाब था कि कंपनी का पुनर्गठन होना है. इसलिए. शाम तक मैंने इस्तीफ़ा नहीं भेजा तो उनका फिर से कॉल आया कि अगर आप खुद से इस्तीफ़ा नहीं भेजते हैं तो आपको टर्मिनेट कर दिया जाएगा. ऐसे में आपको दिक्कत होगी. अभी हम आपको 2 हफ्ते की सैलरी + एक महीने की नोटिस पीरियड वाली सैलरी दे रहे हैं. मैंने अभी तक इस्तीफ़ा नहीं भेजा है. मेरा ई-मेल आदि सब डिसएबल कर दिया गया है.

Message To Resign
मैसेज भेजकर इस्तीफ़ा मांगा गया. (फोटो: इंडिया टुडे)

चीनू थ्रेजा और वेंकट जैसे कई लोगों ने अपने फेसबुक पेज पर विडियो पोस्ट करके इस बात कि जानकारी दी है कि रूपीक कंपनी से कई लोगों को निकाला गया है. मदद की मांग की है.

मामले को लेकर कंपनी क्या कह रही है?

दी लल्लनटॉप ने कंपनी के सीनियर एसोसिएट डायरेक्टर अमित मनियार से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने जवाब नहीं दिया. इसके बाद रूपीक की कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन प्रमुख स्वर्णा विश्वनाथन से बात हुई तो उन्होंने बताया कि कंपनी शाम में स्टेटमेंट जारी करेगी. दी लल्लनटॉप को भेजे मेल में कंपनी ने कहा है-

हम स्पष्ट करना चाहेंगे कि फिलहाल कारोबार और इकॉनमी की जो स्थिति है, उसे देखते हुए हमें अपने ह्युमन रिर्सोस कॉन्ट्रैक्टर्स के साथ मौजूदा करार को आगे न बढ़ाने (इसे रीन्यू न करने) का फैसला लेना पड़ा. इसकी वजह से हमारे साथ काम करने वाले आउटसोर्स्ड स्टाफ की संख्या में भी कमी आई है. इस बात का बहुत खेद है हमें. ऐसी संकट की घड़ी में हमें ये फैसला लेना पड़ा, इसका हमें बहुत अफ़सोस हैं. उनके हितों को मद्देनज़र रखते हुए हम उन्हें अलग होते समय ज़्यादा पैसा दे रहे हैं. उनके कॉनट्रैक्ट के हिसाब से जो बकाया राशि बनती है, उससे ज़्यादा है ये रकम.

हमें अपने कर्मचारियों के रैशनलाइज़ेशन से जुड़े फैसलों को भी फिलहाल स्थगित करना पड़ा है. हम सही समय आने पर इस फैसले की समीक्षा करेंगे. Rupeek अपने साथ काम करने वाले सभी लोगों, अपने ग्राहकों और सभी स्टेकहोल्डर्स की बेहतरी के प्रति प्रतिबद्ध है.

Company Statement
रूपीक का आधिकारिक स्टेटमेंट (फोटो: इंडिया टुडे)

मामले को लेकर जयनगर, कर्नाटक से विधायक सौम्या रेड्डी ने ट्वीट करके लिखा-

रूपीक फिनटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के कई कर्मचारी मुझसे मिले. 600 लोगों को बिना कोई नोटिस दिए रातों रात नौकरी से निकाल दिया गया. मैंने मामले को लेकर राज्य के श्रम मंत्री शिवराम हेब्बर और असिस्टेंट लेबर कमिश्नर उमेश से बात की है.

सौम्या ने केन्द्रीय श्रम मंत्रालय, कर्नाटक के मुख्यमंत्री और पीएम नरेन्द्र मोदी को ट्विटर पर टैग करते हुए लिखा है- इस नाइंसाफी को सुलझाने के लिए तत्काल ध्यान देने की जरूरत है.


विडियो- एक सांड के लिए लोगों ने लॉकडाउन को पीछे छोड़ दिया

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