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पृथ्वी शॉ ने अपने आलोचकों को ये कैसा जवाब दिया?

पृथ्वी शॉ. लंबे वक्त से फॉर्म खोज रहे इंडियन ओपनर. साल की शुरुआत में शॉ न्यूज़ीलैंड टूर पर गए थे. चार पारियों में बस 98 रन बना पाए. इंडियन प्रीमियर लीग में खेले. वहां भी बल्ला नहीं चला. अब ऑस्ट्रेलिया टूर पर भी यही हाल है. टूर मैचों की चार पारियों में 15.5 के ऐवरेज से 62 रन ही बना पाए. फिर आया पहला टेस्ट. एडिलेड में हुए इस डे-नाइट टेस्ट की पहली पारी में शॉ ज़ीरो पर आउट हो गए. दूसरी पारी में भी उनके नाम पर बस चार रन दर्ज हुए.

अब ऐसे प्रदर्शन पर आलोचना तो होनी ही थी. जमकर हुई. लोगों ने कप्तान, कोच, सेलेक्टर किसी को नहीं बख्शा. पूर्व क्रिकेटर्स ने भी शॉ के सेलेक्शन पर सवाल उठाए. किसी ने उनकी टेक्नीक में कमी बताई तो किसी ने उन्हें ऑस्ट्रेलिन पेस बोलिंग खेलने के लिए अयोग्य ठहरा दिया. इन तमाम आलोचनाओं पर शॉ ने अब प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सीधे तौर पर कुछ ना कहते हुए अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक क़ोट डाला.

शॉ की इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर हुए क़ोट में लिखा है,

‘अगर आप कुछ करने की कोशिश कर रहे हों, और लोग आपको डीमोटिवेट करने लगें, इसका अर्थ यह है कि आप ये कर सकते हैं लेकिन वे नहीं.’

# बाहर होंगे शॉ?

पिंक बॉल टेस्ट की नाकामी के बाद शॉ चौतरफा आलोचना झेल रहे हैं. इस टेस्ट की दोनों पारियों में शॉ लगभग एक ही तरह से बोल्ड हुए. इस प्रदर्शन को देख पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर टॉम मूडी ने तो सेलेक्टर्स पर ही सवाल खड़ कर दिए. उन्होंने क्रिकइंफो से कहा,

‘सबसे पहले तो मैं ये कहना चाहूंगा कि यहां पृथ्वी शॉ नहीं, सेलेक्टर्स फेल हुए हैं. क्योंकि उनका सेलेक्शन ही नहीं होना चाहिए था. सबको पता था कि इस टेस्ट सीरीज से पहले उनकी फॉर्म कैसी थी. सब उनकी तकनीकी कमियां भी जानते थे, जो कि तमाम बार सामने आ चुकी थीं. मेरे हिसाब से उन्हें फेल करने के लिए सेटअप किया गया था.’

मूडी ने साफ कहा कि शॉ की जगह शुभमन गिल को टीम में जगह मिलनी चाहिए थी. उन्होंने कहा,

‘मेरी मानें तो शुरुआत शुभमन गिल से करनी चाहिए थी. उनकी टेक्नीक बहुत बेहतर है और उन्होंने दिखाया है कि उनके पास कमाल का टेम्परामेंट भी है.’

पूर्व भारतीय क्रिकेटर ज़हीर खान ने भी मूडी से सहमति जताई. ज़हीर ने साफ कहा कि शॉ के लिए अब दूसरे टेस्ट की टीम में एंट्री कर पाना आसान नहीं होगा.


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