Submit your post

Follow Us

दलित को खंभे से बांधकर पीटा, पानी मांगा तो पेशाब पिलाया, जान बचाने के लिए पैर काटना पड़ा लेकिन जान नहीं बची

5
शेयर्स

पंजाब के संगरूर में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है. ऐसी घटना, जिसे सुनकर किसी भी इंसान की रूह कांप जाए. यहां एक 37 साल के दलित की 4 लोगों ने इस कदर पिटाई की कि उसकी मौत हो गई. यहां तक कि उसके पैरों में इतने ज़ख्म थे कि जान बचाने के लिए डॉक्टरों को उसकी दोनों टांगे काटनी पड़ी लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका.

मामला क्या है?

37 साल के जगमेल सिंह. संगरूर के चंगालीवाला गांव के रहने वाले थे. गांव के ही कुछ युवकों के साथ विवाद चल रहा था. विवाद बढ़ने के बाद मामला पंचायत के पास पहुंचा. 21 अक्टूबर के दिन सभी लोगों की मौजूदगी में पंचों ने मामले का निबटारा कर दिया. लेकिन जगमेल सिंह के परिवार वालों के मुताबिक सामने वालों के दिमाग में कुछ और ही चल रहा था. जब 7 नवंबर के दिन जगमेल सिंह गांव के ही पंच के घर बैठे थे, तभी वहां रिंकू, गोली, बिट्टा और लक्की नाम के युवक पहुंचे और जगमेल को उठा ले गए.

Untitled Design (21)
चारों युवकों ने इस दरिंदगी से जगमेल सिंह को मारा कि उसकी मौत हो गई.

रिंकू के घर ही हुई जगमेल की पिटाई

जगमेल सिंह को रिंकू के घर ले जाया गया, जहां उसकी जमकर पिटाई की गई. परिवार वालों के मुताबिक उसे खंबे से बांध कर पीटा गया. इतना ही नहीं आरोपियों ने पिलास से जगमेल सिंह के जांघों के मांस खींच लिए. यहां तक कि पिटाई के दौरान जब जगमेल बेहोश हुआ तो होश में लाने के लिए पैरों के नाखून तक उखाड़ दिए. प्यास लगने पर जब जगमेल ने पानी मांगा तो उन्होंने उसे पेशाब पिलाया गया.  मामले की जानकारी जगमेल के दोस्त को मिली तो वो दूसरे लोगों के साथ वहां पहुंचा और दरिंदों के चंगुल से छुड़ाकर उसे घर ले आए.

Untitled Design (23)
जगमेल सिंह के घरवाले आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 9 दिन भटकते रहे.

घर पर हालत और बिगड़ने लगी

परिवारवालों के मुताबिक जगमेल की हालत इतनी बुरी थी कि वे सीधा उसे चंडीगढ़ पीजीआई लेकर गए. डॉक्टरों की टीम ने इलाज की लेकिन 9 दिन लगातार ज़िंदगी से जंग लड़ने के बाद 16 नंवबर की दोपहर जगमेल की मौत हो गई. पत्नी के मुताबिक इलाज के दौरान उसके जांघों पर पिलास के इतने चोट थे, कि इन्फेक्शन पूरे शरीर में फैलता जा रहा था. डॉक्टरों ने जान बचाने के लिए उसके दोनों पैर भी काटे, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका.

Untitled Design (20)
जगमेल सिंह की मौत के बाद घर पर मायूस बैठे उनके बच्चे.

9 दिन के भीतर क्या-क्या हुआ?

परिवारवालों के मुताबिक इधर जगमेल अस्पताल में भर्ती था तो दूसरी तरफ वे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार पुलिस के पास हाजिरी लगा रहे थे. और चारों दरिंदे खुले आम घूम रहे थे. 16 नवंबर के दिन जगमेल की मौत के बाद जब मामले ने और तूल पकड़ा तब पुलिस ने चारों आरोपियों को एक ही दिन में गिरफ्तार कर लिया.

आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मूनक के डीएसपी बूटा सिंह ने जानकारी दी कि जगमेल सिंह से मारपीट करने के आरोप में आइपीसी और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है. आरोपितों की पहचान रिंकू सिंह, अमरजीत सिंह, लक्की और बिंदर के रूप में हुई है.

वहीं दूसरी तरफ पंजाब एससी आयोग ने भी एसएसपी से रिपोर्ट तलब की है. ये  रिपोर्ट 28 नवंबर तक सबमिट करनी होगी. जगमेल सिंह की मौत के बाद विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच एससी कमीशन की सदस्य पूनम कांगड़ा भी पहुंची. उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी.


Video-ओडिशा की एक फैक्ट्री में लीक हुई अमोनिया गैस, 90 कर्मचारी हॉस्पिटल में भर्ती

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

टॉप खबर

नागरिकता कानून में हुए संशोधन पर संविधान एक्सपर्ट्स का क्या कहना है?

एक्सपर्ट्स का दावा, ये संशोधन संविधान के आर्टिकल 14, 5 और 11 का उल्लंघन है.

पासपोर्ट पर कमल छाप तो दिया लेकिन सरकार खुद इसे राष्ट्रीय फूल नहीं मानती

बवाल मचा तो सरकार ने कहा था राष्ट्रीय प्रतीकों को छाप रहे हैं.

16 दिसंबर को इस वजह से नहीं होगी निर्भया के चारों दोषियों को फांसी

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद ही डेथ वारंट पर फैसला होगा.

CAB विरोध: असम में पुलिस की फायरिंग से दो की मौत, कर्फ़्यू मान नहीं रही है भीड़

तीन BJP विधायकों के घर पर हमला. मेघालय के भी कुछ इलाकों में कर्फ़्यू. तीन राज्य में इंटरनेट बंद.

नागरिकता संशोधन बिल पास होने पर IPS ऑफिसर ने विरोध में इस्तीफा दिया

उन्होंने कहा, 'ये बिल देश को बांटने वाला है.'

कर्नाटक में 15 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में BJP का क्या हुआ?

BJP सरकार बनी रहेगी या जाएगी?

मोदी सरकार के इस कदम से घरेलू इंडस्ट्री चमक सकती है, पर रिस्क भी बहुत बड़ी है

सरकार नई नौकरियों का दावा कर रही. पर आंकड़ा किसी को नहीं पता.

अगर संसद में ये बिल पास हो गया तो एक ही तमंचे पर डिस्को हो पाएगा

वैसे नए कानून के मुताबिक, तमंचे पर डिस्को करने पर भी 2 साल की सज़ा हो सकती है.

तेलंगाना पुलिस ने खुद बताई एनकाउंटर के पीछे की पूरी कहानी

'आरोपियों ने पुलिस से हथियार छीनकर फायरिंग की'.

हैदराबाद डॉक्टर रेप केस: चारों आरोपी पुलिस एनकाउंटर में मारे गए

उसी जगह मारे गए, जहां रेप किया. पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने उनपर हमला करके भागने की कोशिश की.