Submit your post

Follow Us

ICMR ने एक महीने में कोरोना की वैक्सीन लॉन्च करने का झूठा दावा किया है!

कोरोना वायरस की वैक्सीन को लेकर जिस समय पूरी दुनिया में होड़ मची हुई है कि कैसे जल्द से जल्द वैक्सीन को बाज़ार में ला दें, उस समय भारतीय एजेंसी ICMR ने हल्ला तोड़ दिया है. दावा है कि सब सही रहा, तो 15 अगस्त, 2020 यानी स्वतंत्रता दिवस के दिन देश के हाथों में कोरोना वायरस की वैक्सीन होगी. 

किस वैक्सीन की बात हो रही है? Covaxin की. कोरोना वायरस की वैक्सीन को हैदराबाद की भारत बायोटेक, ICMR और पुणे के National Institute of Virology (NIV) ने मिलकर बनाया है. 

30 जून को ही भारत बायोटेक की बनाई गयी Covaxin को ह्यूमन ट्रायल की मंज़ूरी मिल गयी थी. इसके बाद ट्रायल की तैयारी शुरू हुई. एक इंटरव्यू में भारत बायोटेक के चेयरमैन डॉ. कृष्णा एला ने बताया कि वैक्सीन तेज़ी से मिल सके, इसके लिए ह्यूमन ट्रायल का पहला और दूसरा चरण एक साथ किया जाएगा. इन दो चरणों में सब ठीक गया, तो दिसम्बर, 2020 आते-आते लोगों के हाथ में वैक्सीन होगी. बक़ौल कृष्णा एला, ह्यूमन ट्रायल के दो चरणों में कम से कम चार-पांच महीनों का वक़्त लग सकता है. 

ICMR का पत्र और आदेश
ICMR का पत्र और आदेश

लेकिन डॉ. एला के बयान के ठीक एक दिन बाद यानी 2 जुलाई को ICMR के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने एक पत्र ज़ारी किया. कहा कि 15 अगस्त, 2020 को कोरोना की वैक्सीन लॉन्च करने का फ़ैसला लिया गया है. और इसके पहले सारे क्लिनिकल ट्रायल पूरे कर लिए जाएंगे. 

इस ह्यूमन ट्रायल के लिए देशभर में 12 सेंटरों को ICMR ने चिह्नित किया है. ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ में छपी ख़बर की मानें, तो ओडिशा के भुवनेश्वर, आंध्र प्रदेश के विशाखापटनम, हरियाणा के रोहतक, नई दिल्ली, बिहार के पटना, कर्नाटक के बेलगाम, महाराष्ट्र के नागपुर, तमिलनाडु के कट्टंकुलाथुर, तेलंगाना के हैदराबाद, गोवा और यूपी के कानपुर और गोरखपुर के अस्पतालों में इस ह्यूमन ट्रायल को अंजाम दिया जाएगा.

इसके लिए इन सेंटरों पर तत्काल रूप से ट्रायल के लिए वॉलंटियरों की भर्ती होगी और 7 जुलाई से ट्रायल शुरू कर दिया जाएगा.

इन सेंटरों को जो पत्र भेजा गया है, उसमें साफ़ लिखा हुआ है कि ये ट्रायल सरकार में सबसे ज़्यादा प्राथमिकता के साथ देखा जा रहा विषय है. वैक्सीन सफल हो, इसके लिए इन सेंटरों की मुस्तैदी बहुत बड़ा फ़ैक्टर है. ट्रायल को लेकर जो भी आदेश और अनुमति दी जानी है, उसके लिए देर नहीं करिए. और साथ ही जो भी टेस्टिंग सेंटर इस आदेश का पालन नहीं करते हैं, तो इसे गम्भीरता से लिया जाएगा. ऐसी हिदायतें दी गयी हैं. 

लेकिन इस आदेश में किसी जगह इस बात का ज़िक्र नहीं है कि 15 अगस्त को वैक्सीन लॉन्च हो, उसके लिए ह्यूमन ट्रायल का सफल होना ज़रूरी है, जो इतने कम समय में किया जा रहा है. बस केंद्रों को हिदायत दी गयी है.  

ऐसे में उठता है एक ज़रूरी सवाल. सवाल ये कि क्या जिस ह्यूमन ट्रायल में अमूमन कई महीने लगते हैं, वो भारत बायोटेक और ICMR कैसे कर रहे हैं? क्योंकि जिन भी देशों में कोरोना की वैक्सीन पर काम चल रहा है, उनके दावों की मानें, तो दुनिया को अगले साल के आख़िर तक ही वैक्सीन उपलब्ध हो सकेगी. जैसा हमने बताया, भारत बायोटेक के डॉ. एला ने ख़ुद बताया था कि ह्यूमन ट्रायल के दो चरणों में ही चार-पांच महीने बीत जाएंगे. ऐसे में एक महीने में कैसे होगा ट्रायल?

और भी है कंफ़्यूजन 

भारत में किसी भी दवा और वैक्सीन के जब ट्रायल की बात होती है, तो उसके लिए CTRI यानी क्लिनिकल ट्रायल रजिस्ट्री ऑफ़ इंडिया में जाकर रजिस्ट्रेशन कराना होता है. वहां से अनुमति मिलती है. तब जाकर ट्रायल शुरू होते हैं. भारत बायोटेक की वैक्सीन के बारे में छानबीन करते हुए जब आप CTRI की वेबसाइट पर जाते हैं, तो अलग ही खेल पता चलता है. ICMR का पत्र जिस ह्यूमन ट्रायल को एक महीने के आसपास के समय में पूरा करने की सोच रहा है, उस ट्रायल की मियाद CTRI पर 1 साल, 3 महीने की दी गयी है. ये भी दिया है कि सारे चरणों में कुल मिलाकर कितना समय लगेगा. ICMR ने 7 जुलाई से ट्रायल के शुरुआत के बात की है, लेकिन CTRI बताता है कि ये ट्रायल 13 जुलाई से शुरू होगा. 

CTRI पर वैक्सीन के ट्रायल का पूरा ब्यौरा, जहां आफ लिखा है कि ट्रायल में 1 साल 3 महीने लग सकते हैं,
CTRI पर वैक्सीन के ट्रायल का पूरा ब्यौरा, जहां आफ लिखा है कि ट्रायल में 1 साल 3 महीने लग सकते हैं,

यानी ICMR द्वारा अस्पतालों को दिए गए आदेश, और CTRI में दी गयी जानकारी में अंतर है. 

नहीं सहमत हो रहे हैं वैज्ञानिक

बायोएथिक्स यानी विज्ञान के क्षेत्र के नियम के क्षेत्र में काम करने वाले अनंत भान ने अपने ट्विटर पर ICMR के दावे पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा है,

“इतनी जल्दी क्लिनिकल ट्रायल करने का मतलब कि वैक्सीन कारगर है, ये पहले ही डिसाइड कर लिया गया है? ट्रायल का तरीक़ा क्या होगा? इस बारे में ICMR ने निर्णय लिया या भारत बायोटेक ने?”

उन्होंने आगे कहा है कि

“इतनी तेज़ी से किसी भी वैक्सीन के लिए कभी ट्रायल नहीं किया गया. किसी भी देश में. और अगर तेज़ी से वैक्सीन बनानी है, तो भी ये कुछ ज़्यादा ही तेज़ तरीक़ा है. इसलिए इसमें ख़तरे पैदा होने की आशंका है.”

पुणे के Indian Institute of Science Education and Research (IISER) में विज़िटिंग प्रोफेसर और इम्युनॉलॉजिस्ट विनीता बल का भी ऐसा ही सोचना है. ‘इंडियन एक्सप्रेस’ से बातचीत में कहा है,

“15 अगस्त बहुत ही अवास्तविक डेट है. आजतक कोई भी वैक्सीन इतनी तेज़ी से तैयार नहीं की जा सकी है. वैक्सीन के ट्रायल में बहुत सारे स्टेप होते हैं, बहुत सारी प्रक्रियाएं होती हैं, जिनका पालन करना ज़रूरी होता है. ये डेट तो वास्तविकता से बहुत दूर है.”

क्या कहना है वैक्सीन बनाने-टेस्ट करने वालों का?

हमने भारत बायोटेक के वैज्ञानिक और इस ट्रायल के इन्वेस्टिगेटर डॉ. वी. कृष्णा मेनन से बात करने की कोशिश की, उनका फ़ोन नहीं उठा. हमने कुछ सवाल पूछे हैं. इन सवालों के जवाब मिलते हैं, तो आपको ज़रूर बतायेंगे. 

इस बारे में ICMR के वैज्ञानिक लोकेश शर्मा ने ‘इंडियन एक्सप्रेस’ से बातचीत में कहा,

“इसको डेडलाइन की तरह नहीं देखा जाना चाहिए. ये हमारा लक्ष्य है, जो इन संस्थानों के पार्टिसिपेशन पर डिपेंड करता है. अगर हम कोई काम शुरू करने जा रहे हैं, तो हमें एक लक्ष्य के साथ शुरू करना होगा. हमारी उम्मीद है कि ट्रायल समय से पूरे हो जायेंगे. और हमारी वैक्सीन तो रेडी ही है.”

यानी 15 अगस्त तक ट्रायल का आंकड़ा आ जाएगा. फिर भी वैज्ञानिक दृष्टि से भी देखें, तो भी ये बहुत जल्दी है. बहुत ही जल्दी. 


वीडियो : कोरोना वैक्सीन: बंदरो पर सफल रहा टेस्ट, हमारे लिए गुड न्यूज़ किस महीने आए़गी?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

क्या चल रहा है?

जिन्होंने माधुरी को एक से बढ़कर एक गाने दिए, उनके जाने पर माधुरी ने क्या कहा?

सरोज खान को गुरू और दोस्त मानती थीं माधुरी.

कानपुर: क्या मुखबिरी की वजह से आठ पुलिस वाले शहीद हो गए?

हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम पर गुंडों ने फायरिंग कर दी.

कोरोना के मरीज़ों के लिए होम आइसोलेशन के जो नए नियम आए हैं, वो क्या हैं?

नई गाइडलाइन्स में HIV के मरीज़ों को एक सुविधा मिली है.

कानपुर : बदमाशों ने यूपी पुलिस पर किया AK47 से फ़ायर, 8 पुलिसकर्मी शहीद और 7 घायल

कौन है पुलिस पर AK47 चलाने वाला विकास दुबे?

नहीं रहीं जानी-मानी कोरियोग्राफर सरोज खान, मुंबई में 71 साल की उम्र में निधन

कुछ दिन पहले अस्पताल में भर्ती हुई थीं.

शादी और अंतिम संस्कार में आए 111 लोगों को कोरोना कौन दे गया?

दूल्हे की मौत हो गई थी, उसमें कोरोना के लक्षण थे, लेकिन बिना टेस्ट के अंतिम संस्कार कर दिया गया था.

यूनिस खान ने अपने बैटिंग कोच की गर्दन पर चाकू क्यों लगा दिया?

ऑस्ट्रेलिया में हुई थी ये तकरार.

इटली के दो नौसैनिकों ने 2012 में दो मछुआरों की हत्या की थी, अब कोर्ट ने फैसला सुनाया है

विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर बताया कि किसके पक्ष में फैसला आया है.

जब मनोज बाजपेयी आत्महत्या करने की कगार पर पहुंच गए थे

फ्रस्ट्रेशन का लंबा दौर था. उनके दोस्त उन्हें अकेला नहीं छोड़ते थे

चला गया वेस्टइंडीज़ का वो दिग्गज, जिसका टेस्ट रिकॉर्ड 72 साल से कोई नहीं तोड़ पाया

क्रिकेट जगत ने दी सर एवर्टन वीक्स को श्रद्धांजलि.