Submit your post

Follow Us

LIC का IPO आने से आप पर क्या असर पड़ने वाला है?

दिल्ली सहित कई जगहों पर बंद मुठ्ठियों से मोदी सरकार के खिलाफ नारे लगे हैं. विरोध करने वाले ये लोग कौन हैं? देश की एक बहुत बड़ी और बहुत पुरानी सरकारी कंपनी के कर्मचारी. कंपनी कितनी बड़ी, इसका अनुमान यूं लगाइए कि ये निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज की कुल संपत्ति के तीन गुना मूल्य की है. देश का हर पांचवां आदमी इस कंपनी का ग्राहक है. और कुल ग्राहकों को जोड़ दें तो उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र की आबादी के बराबर हो जाएगा. हम एलआईसी यानी लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की बात कर रहे हैं. हम सब जानते हैं कि LIC की कितनी लोकप्रियता है, लोगों को कितना भरोसा है. देश के दूर दराज के गांव में भी एलआईसी के ग्राहक मिल जाते हैं. जीवन बीमा का मतलब ही एलआईसी समझा जाता है. और ये बात आंकड़ों के हिसाब से भी सही ठहरती है. देश में लाइफ इंश्योरेंस सेक्टर में LIC की हिस्सेदारी करीब 66 फीसदी है. लेकिन अब LIC को लेकर सरकार के एक फैसले पर सवाल उठ रहे हैं, कंपनी से जुड़े लोगों का भरोसा हिल रहा है. LIC के कर्मचारी हड़ताल कर रहे हैं. पॉलिसी धारकों में भी कंफ्यूज़न है. ऐसी बातें चल निकली हैं कि दशकों पुरानी इस सरकारी कंपनी को सरकार ने बेचने की शुरुआत कर दी है. इसका प्राइवेटाइजेशन हो रहा है. ये सब बातें शुरू हुईं बजट में सरकार के IPO जारी करने वाले ऐलान के बाद. और अब विवाद ने ज़ोर पकड़ा इसको लेकर संसद में लाए बिल की वजह से.

तो असल में हो क्या रहा है?

सरकार क्यों IPO निकालना चाहती है, और क्यों LIC के ही कर्मचारी इसका विरोध कर रहे हैं… और अगर आपके पास एलआईसी की पॉलिसी है, तो LIC के IPO निकालने से आप पर क्या असर पड़ेगा, इस पूरी बात को समझते हैं.

पहले IPO का मतलब समझिए. किसी भी कंपनी का मलिक कंपनी में अपनी हिस्सेदारी मोटा-मोटी दो तरह से कम कर सकता है. एक तो उसका एक हिस्सा या पूरी कंपनी किसी दूसरे बंदे या कंपनी को बेच दे. या दूसरा, अपनी कंपनी के बहुत ही छोटे-छोटे टुकड़े (सिर्फ़ ऑन पेपर्स) करके उन्हें आम जनता को बेच दे. जब कंपनी के कुछ छोटे छोटे हिस्से और कंपनियों या लोगों के पास जाते हैं, तो कहा जाता है कि कंपनी अपना IPO लेकर आई है. और इस तरह हर टुकड़ा कहलाता है शेयर. लेकिन अगर कंपनी का मालिक सरकार है और उसकी बड़ी हिस्सेदारी बेची जाती है, तो इसे कहते हैं- प्राइवेटाइजेशन. जैसे सरकार एयर इंडिया का प्राइवेटाइजेशन करना चाह रही है. मतलब हिस्सेदारी, बड़ी-बड़ी कंपनियों को एकमुश्त बेचना चाहती है, इसमें IPO की ज़रूरत नहीं पड़ती. और दूसरा तरीका IPO वाला है जिससे LIC का प्राइवेटाइजेशन हो रहा है. सरकार ने इस दूसरे तरीक़े से LIC में अपनी 10% तक की हिस्सेदारी बेचने का मन बनाया हुआ है.

अब इस सरकारी कंपनी के IPO लाने की जरूरत सरकार को क्यों पड़ी?

ये समझने से पहले उस इतिहास पर चलते हैं जब LIC के साथ सरकारी होने का टैग लगा. 1947 में देश की आज़ादी के बाद एक बॉम्बे प्लान बना था. भारत के उद्योगपतियों के सुझावों से. इसी से राष्ट्रीयकरण की शुरुआत हुई. और इस तरह से 245 छोटी-बड़ी, देसी-विदेशी इंश्योरेंस कंपनीज़ को मिलाकर LIC बनाई गई. ये बात 1 सितंबर, 1956 की है. जब इंश्योरेंस कंपनीज़ का LIC के रूप में राष्ट्रीयकरण हुआ था, तब सरकार ने LIC को पांच करोड़ रुपए दिए थे. और यहीं से LIC का सफर शुरू होता है. उदारीकरण से पहले के दौर में सरकार सब सामान बेचती थी.. हाथ की घड़ियां बनाती थी, कार बनाती थी, कोल्ड ड्रिंक बनाती थी. इस तरह की हर चीजें. और उस समय में जीवन बीमा बेचने वाली बड़ी सरकारी कंपनी थी LIC. 1990 के दशक से उदारीकरण की नीति के तहत सरकार ने सरकारी कंपनियों का एकाधिकार खत्म करना शुरू कर दिया, बाजार में निजी कंपनियों आने लगीं, कई सरकारी कंपनियों को धीरे-धीरे करके निजी कंपनियों को बेच दिया गया. लेकिन तब भी LIC को सरकार ने नहीं छुआ. 1990 के दशक के आखिर में लाइफ इंश्योरेंस सेक्टर को भी निजी कंपनियों के लिए खोल दिया. लेकिन इसका ज्यादा असर LIC पर नहीं पड़ा और इसका सिक्का वैसे ही चलता रहा. LIC आज की तारीख में करीब 36 लाख करोड़ की संपत्ति का प्रबंधन करती है, यानी मुकेश अंबानी की कंपनी से भी तीन गुना ज्यादा. और ये इसलिए हुआ क्योंकि LIC हर साल खूब कमाई करती है. साल 2019-20 में LIC ने 6 लाख 16 हजार करोड़ की आमदनी की और 2,713 करोड़ का शुद्ध मुनाफा कमाया है. ये ही बात सरकार के हिस्से में जाती है. सरकार के लिए LIC साहूकार की तिजोरी की तरह रही है. जब सरकार को किसी बड़े कर्ज़ की ज़रूरत होती है तो LIC के पास जाना पड़ता है. अगर कोई बैंक डूब रहा होता है तो LIC से हिस्सेदारी खरीदवाई जाती है. इसीलिए सरकार ने इसकी हिस्सेदारी बेचने के बारे में कभी नहीं सोचा.

तो फिर अब सरकार ऐसा क्यों कर रही है. क्योंकि अर्थव्यवस्था मुश्किल दौर में है. सरकार की देनदारी बहुत बढ़ गई है. सरकार को बहुत बड़ी रकम चाहिए. ऐसा LIC की हिस्सेदारी बेचने से हो सकता है.. हालांकि सरकार ने अभी करीब 10 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का ही मन बनाया है… इसके लिए सरकार ने आज बीमा संशोधन विधेयक भी संसद में पेश किया. संसद में इसलिए जाना पड़ रहा है कि क्योंकि LIC का संसद के एक्ट से ही बनाया था.

LIC के कर्मचारियों की क्या चिंताएं हैं?

लेकिन सरकार के मंसूबों पर LIC के ही कर्मचारी सवाल उठा रहे हैं, और आईपीओ निकालने का विरोध कर रहे हैं. कई इंश्योरेंस यूनियन इन प्रदर्शनों में हिस्सा ले रही हैं.

इसके अलावा LIC के कर्मचारी बीमा क्षेत्र में FDI को बढ़ाकर 74 फीसदी करने के फैसले का भी विरोध कर रहे हैं. इससे पहले 49% से बढ़ाकर 74% करने जा रही है. इसका बिल भी गुरुवार को ही राज्य सभा में पारित होने के लिए रखा गया है. बिल पास होने पर विदेशी कंपनियों की हिस्सेदारी बढ़कर इतनी हो जाएगी कि वो कंपनी की मालिक बन सकती है. इससे LIC के अलावा भारत की बाकी बीमा कंपनियों पर भी असर पड़ सकता है.

LIC के कर्मचारियों की अपनी चिंताएं. और भी कई खेमों से इस फैसले की आलोचना हो रही है. कहा जा रहा है कि सरकार घर में रखा सोना सस्ते में बेच रही है. तर्क ये भी आ रहे हैं कि क्या सरकार को थोड़ा थोड़ा करके हिस्सा बेचना चाहिए.

अब एक पहलू और. इस IPO लाने से उन पर क्या फर्क पड़ेगा जिनके पास LIC की पॉलिसी हैं. इसका सीधा जवाब ये है कि कोई असर नहीं पड़ेगा. शेयर बाजार में लिस्टेड होने से कंपनी के कामकाज में पारदर्शिता आएगी. तो ये था LIC का पूरा विवाद.


वीडियो- LIC का IPO निकालने के फ़ैसले के साथ सरकार अपनी स्कीम्स क्यों बंद करना चाह रही?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

क्या चल रहा है?

मैनचेस्टर टेस्ट रद्द होने पर क्या बोले विराट कोहली?

मैनचेस्टर टेस्ट रद्द होने पर क्या बोले विराट कोहली?

RCB पर भी बोले कप्तान.

हिंदू लड़के के साथ मुस्लिम लड़की देखी तो घेर लिया, बदतमीजी की और बोले- कौम को बदनाम कर रखा है

हिंदू लड़के के साथ मुस्लिम लड़की देखी तो घेर लिया, बदतमीजी की और बोले- कौम को बदनाम कर रखा है

पुलिस ने इस मामले में 4 युवकों को गिरफ्तार कर लिया है.

दादा ने बता ही दिया शास्त्री ने परमिशन ली थी या नहीं!

दादा ने बता ही दिया शास्त्री ने परमिशन ली थी या नहीं!

मैनचेस्टर टेस्ट पर भी बोले BCCI चीफ.

अमरिंदर सिंह बोले- किसान संगठन दिल्ली में आंदोलन करें, पंजाब को नुकसान न पहुंचाएं

अमरिंदर सिंह बोले- किसान संगठन दिल्ली में आंदोलन करें, पंजाब को नुकसान न पहुंचाएं

ऐसा क्यों बोले सीएम अमरिंदर!

जो रूट ने बुमराह को पछाड़कर जीता ICC का बड़ा अवॉर्ड

जो रूट ने बुमराह को पछाड़कर जीता ICC का बड़ा अवॉर्ड

इंडिया के खिलाफ खूब चले थे रूट.

तमिलनाडु के छात्रों को NEET से मिली मुक्ति, 12वीं के नंबरों पर हो जाएगा मेडिकल एडमिशन

तमिलनाडु के छात्रों को NEET से मिली मुक्ति, 12वीं के नंबरों पर हो जाएगा मेडिकल एडमिशन

NEET नहीं कराने का विधेयक तमिलनाडु विधानसभा में पास हो गया है.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ऑस्कर फर्नांडिस का निधन, पीएम मोदी ने जताया शोक

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ऑस्कर फर्नांडिस का निधन, पीएम मोदी ने जताया शोक

ऑस्कर फर्नांडिस इसी साल जुलाई में अपने घर पर योग करते समय गिर गए थे.

क्या है ये 'डंकी फ्लाइट', जिस पर शाहरुख-राजू हिरानी फ़िल्म बना रहे हैं?

क्या है ये 'डंकी फ्लाइट', जिस पर शाहरुख-राजू हिरानी फ़िल्म बना रहे हैं?

गैरकानूनी काम होता है ये.

भूपेंद्र पटेल के सीएम बनने से नाराजगी की चर्चाओं पर नितिन पटेल ने क्या जवाब दिया?

भूपेंद्र पटेल के सीएम बनने से नाराजगी की चर्चाओं पर नितिन पटेल ने क्या जवाब दिया?

तीसरी बार गुजरात का सीएम बनने से चूके हैं नितिन पटेल.

विराट कोहली के कप्तानी छोड़ने के मसले पर क्या बोला BCCI?

विराट कोहली के कप्तानी छोड़ने के मसले पर क्या बोला BCCI?

रोहित फै़न्स के साथ प्रैंक हो गया मितरों.