Submit your post

Follow Us

बलबीर सिंह सीनियर: तीन बार के हॉकी गोल्ड मेडलिस्ट, जिन्होंने 1948 में इंग्लैंड को घुटनों पर ला दिया था

साल 1948. भारत अभी-अभी ब्रिटेन की ग़ुलामी से आज़ाद हुआ था. 12 सितंबर की तारीख. लंदन ओलंपिक्स. वेंबली स्टेडियम. करीब 25,000 दर्शकों का शोर. भारत और ब्रिटेन का फाइनल हॉकी मुकाबला. मैच का सातवां मिनट और एक लड़के ने भारत की तरफ से पहला गोल दागा. लोग संभले ही थे कि 15वें मिनट पर उसने दूसरी बार गेंद गोलपोस्ट में डाल दी. इसके बाद दो गोल तरलोचन सिंह बावा और पैट जैंसन ने किए. भारत ने 4-0 से ब्रिटेन को हरा दिया था. आज़ादी की लड़ाई के बाद एक और लड़ाई में. पहली बार इंग्लैंड की धरती पर किसी स्पोर्टिंग इवेंट में भारत का तिरंगा लहरा रहा था.

भारत के लिए पहले दो गोल दागने वाले शख्स का नाम था बलबीर सिंह दोसांझ उर्फ बलबीर सिंह सीनियर. तीन बार के ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट हॉकी लेजेंड बलबीर सिंह सीनियर नहीं रहे. सोमवार, 25 मई को सुबह 6:30 बजे चंडीगढ़ में उनका निधन हो गया. वो 96 साल के थे. उन्हें कई स्वास्थ्य समस्याएं थीं. मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में उन्हें 8 मई को भर्ती किया गया था. तमाम हस्तियां उनके निधन पर शोक जता रही हैं.

1948 के ओलंपिक्स में ऐक्शन में बलबीर सिंह सीनियर. फोटो: Sportstar
1948 के ओलंपिक्स में ऐक्शन में बलबीर सिंह सीनियर. फोटो: Sportstar

दिग्गज सेंटर फॉरवर्ड

एक दौर था जब आज के क्रिकेट की तरह हॉकी की गेंद के साथ भारत के दर्शकों की धड़कन दौड़ती थी. उस दौर की आखिरी कड़ियों में एक थे बलबीर सिंह सीनियर. 1948 के लंदन ओलंपिक्स के बाद 1952 के हेलसिंकी ओलंपिक्स में वो वाइस कैप्टन थे और 1956 के मेलबर्न ओलंपिक्स में कैप्टन थे और तीनों बार सोना भारत के खाते में आया था. वो भारत के दिग्गज सेंटर फॉरवर्ड में एक थे. उन्हें बलबीर सिंह ‘सीनियर’ इसलिए कहा जाने लगा क्योंकि इसी नाम के कई हॉकी खिलाड़ी भारत के लिए खेल चुके हैं.

1948 की भारतीय हॉकी टीम, जिसमें किशन लाल कप्तान थे और केडी सिंह बाबू उप-कप्तान थे. फोटो: bhartiyahockey.org
1948 की भारतीय हॉकी टीम, जिसमें किशन लाल कप्तान थे और केडी सिंह बाबू उप-कप्तान थे. फोटो: bhartiyahockey.org

दूसरे मैच में तूफान मचा दिया था फिर भी…

लंदन ओलंपिक्स के लिए टीम में शुरुआत में बलबीर सिंह का नाम नहीं था लेकिन उनकी तेज़तर्रार प्रतिभा को देखते हुए इस लिस्ट में उन्हें जोड़ा गया. टीम में चार सेंटर फॉरवर्ड में वो एक थे. उनके अलावा तीन थे रेजी रोड्रिगेज, गेराल्ड ग्लैकन और ए शकूर. ऑस्ट्रिया के खिलाफ ओलंपिक्स का पहला मैच बलबीर सिंह ने नहीं खेला. अर्जेंटीना के खिलाफ दूसरा मैच खेला तो तूफान मचा दिया. छह गोल दागे, जिसमें हैट-ट्रिक भी शामिल थी. 9-1 से भारत जीता. लेकिन इसके बावजूद उन्हें बाकी के ग्रुप मैचों में जगह नहीं मिली. यहां तक कि स्पेन के खिलाफ क्वार्टरफाइनल और नीदरलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में भी नहीं. फिर वो लौटे फाइनल मुकाबले में. ब्रिटेन के खिलाफ. और जैसा ऊपर लिखा है, रेस्ट इज हिस्ट्री. 1948 के लंदन ओलंपिक्स पर 2018 में अक्षय कुमार की फिल्म ‘गोल्ड’ आई थी. इसमें विकी कौशल के भाई सनी कौशल ने हिम्मत सिंह का रोल किया था, जो बलबीर सिंह सीनियर से प्रेरित था.

रीमा कागती के डायरेक्शन में बनी फिल्म आज़ाद भारत के पहले गोल्ड मेडल के बैकड्रॉप पर बनी थी.
रीमा कागती के डायरेक्शन में बनी फिल्म आज़ाद भारत के पहले गोल्ड मेडल के बैकड्रॉप पर बनी थी.

छुटपना, स्कूल-कॉलेज और हॉकी स्टिक

पंजाब के हरिपुर खालसा गांव में 31 दिसंबर, 1923 को वो पैदा हुए. पिता सरदार दलीप सिंह और मां करम कौर. छुटपने में हॉकी की स्टिक हाथ में आई. मोगा में अपने स्कूल टीम में उन्होंने शुरुआत की गोलकीपर बनने से की. इसके बाद डिफेंडर और उसके बाद सेंटर फॉरवर्ड की पोजीशन पर खेले. अपनी आत्मकथा ‘द गोल्डन हैट-ट्रिक’ में उन्होंने कहा था कि जब वो पांच बरस के थे तब उनके स्वतंत्रता सेनानी पिता ने हॉकी स्टिक थमाई थी. पहले वो अविभाजित भारत में लाहौर के सिख नेशनल कॉलेज के लिए खेले. 1940 के दशक की शुरुआत में. फिर 1942 में अमृतसर के खालसा कॉलेज आए. 1943, 1944, 1945 के ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी टाइटल्स में उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी टीम की अगुआई की. विभाजन से पहले 1947 में ही उन्होंने अविभाजित पंजाब के लिए नेशनल चैंपियनशिप खेली.

बलबीर सिंह पंजाब पुलिस के लिए खेलते थे, जब उन्हें 1948 के लंदन ओलंपिक्स के लिए चुना गया. फोटो: sports20.in
बलबीर सिंह पंजाब पुलिस के लिए खेलते थे, जब उन्हें 1948 के लंदन ओलंपिक्स के लिए चुना गया. फोटो: sports20.in

वाइस कैप्टन और कैप्टन

1952 के हेलसिंकी ओलंपिक में केडी सिंह बाबू कैप्टन थे और बलबीर सिंह वाइस-कैप्टन. सेमीफाइनल में बलबीर सिंह ने ग्रेट ब्रिटेन के खिलाफ तीन गोल दागे. फाइनल में छह में से पांच गोल, जो आज तक एक रिकॉर्ड है. 1956 का मेलबर्न ओलंपिक. अब बलबीर सिंह कप्तान थे. अफगानिस्तान के खिलाफ पहले मैच में पांच गोल उन्होंने किए. जर्मनी के खिलाफ सेमीफाइनल और पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में उनका दाहिना हाथ चोटिल था. लेकिन फिर आई जीत.

1956 के मेलबर्न ओलंपिक विक्ट्री सेरेमनी में बीच में खड़े कप्तान बलबीर सिंह सीनियर. फोटो: विकीमीडिया
1956 के मेलबर्न ओलंपिक विक्ट्री सेरेमनी में बीच में खड़े कप्तान बलबीर सिंह सीनियर. फोटो: विकीमीडिया

लीजेंड चीफ कोच 

बाद के दिनों में उन्होंने पंजाब पुलिस के लिए छह राष्ट्रीय खिताब जीते. 1961 में भारतीय हॉकी टीम के चीफ कोच मैनेजर बने और 1982 तक आठ बड़े टूर्नामेंट में वो चीफ कोच रहे. 1975 में उनके चीफ कोच रहते भारत ने 1975 का हॉकी वर्ल्ड कप जीता. मलेशिया में हुए इस वर्ल्ड कप में भारत ने पाकिस्तान को हराया था. उनके चीफ कोच रहते भारत ने 1966 में एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता. 1971 वर्ल्ड कप में कांस्य पदक, 1982 चैंपियंस ट्रॉफी में कांस्य और 1982 एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीता. उन्होंने चंडीगढ़ के अलावा कनाडा में भी अपना जीवन बिताया. भारत के तमाम एथलीट्स हीना सिंधू, अभिनव बिंद्रा, मनप्रीत सिंह, विजेंद्र सिंह, पीटी उषा ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है.


कोरोना से लड़ने के लिए भारतीय महिला हॉकी टीम ने ऑनलाइन कैम्पेन चलाकर लाखों रुपये बटोरे!

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

क्या चल रहा है?

रेल मंत्री ने रात के दो बजे तक महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे को ताबड़तोड़ 12 ट्वीट क्यों किए?

इतने ट्वीट के बाद भी सीएम या महाराष्ट्र सरकार की ओर से जवाब नहीं मिला.

क्रिकेट मैच खेलने दिल्ली से सोनीपत पहुंचे मनोज तिवारी ये क्या कर बैठे?

और तो और सोशल मीडिया पर क्रिकेट खेलने का वीडियो भी अपलोड किया.

गेंद को थूक लगाकर चमकाने पर रोक, क्या बोले टीम इंडिया के बॉलिंग कोच?

भारतीय क्रिकेट टीम के बॉलिंग कोच भरत अरुण ने किस बात पर चिंता जताई है?

एयर इंडिया की फ्लाइट्स में मिडिल सीट की बुकिंग को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है

ईद की छुट्टी के बावजूद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चीफ जस्टिस एसएस बोबडे की बेंच ने की सुनवाई.

तबलीगी जमात पर बीजेपी नेता के सवाल को लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने कायदे की बात कही है

लॉकडाउन पर कहा-इसने एक तरह से प्रभावी सामाजिक वैक्सीन की तरह काम किया.

राजगढ़ SHO सुसाइड के बाद पूरे थाने ने मांगा ट्रांसफर, केस में आया कांग्रेस विधायक पूनिया का नाम

राजगढ़ थानाप्रभारी विष्णुदत्त विश्नोई का शव 23 मई को मिला था.

महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने पीएम मोदी के लॉकडाउन के फैसले पर ये क्या बोल दिया?

ठाकरे ने पैकेज को लेकर भी केंद्र पर निशाना साधा है.

एक दिन पहले आई घरेलू उड़ानों के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय की नई गाइडलाइंस में क्या है?

25 मई से घरेलू उड़ानें शुरू हो रही हैं.

कटहल सिर पर गिरने से चोट आई, अस्पताल पहुंचा तो पता चला कोरोना पॉजिटिव है

मामला केरल के कासरगोड का है.

महाराष्ट्र के नांदेड़ में मठ में लिंगायत साधु की हत्या, आरोपी तेलंगाना से पकड़ा गया

आरोपी पर हत्या सहित कई मामले पहले से दर्ज हैं.