Submit your post

Follow Us

कोरोना के मरीज़ों के लिए होम आइसोलेशन के जो नए नियम आए हैं, वो क्या हैं?

कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं. इसे देखते हुए सरकार नए-नए नियम ला रही है और पुराने कुछ नियमों में भी समय के साथ बदलाव हो रहे हैं. अभी हेल्थ मिनिस्ट्री ने होम आइसोलेशन को लेकर नई गाइडलाइन्स जारी की हैं. 2 जुलाई को मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर अपडेट किया है.

इसके मुताबिक, 10 मई 2020 को होम आइसोलेशन के लिए जो गाइडलाइन्स जारी हुई थीं, उसकी जगह 2 जुलाई 2020 को जारी हुई गाइडलाइन्स पर अमल करना होगा.

क्या है नई गाइडलाइन्स में?

कोरोना के ऐसे मरीज़ जिन्हें हल्के लक्षण हैं, शुरुआती लक्षण है या फिर कोई लक्षण नहीं हैं, उन्हें होम आइसोलेशन में रहना होगा. उनके घरवालों को भी क्वारंटीन रहना होगा.

कैसे मरीज़ होम आइसोलेशन में रह सकते हैं?

डॉक्टर या मेडिकल ऑफिसर से सलाह लेना ज़रूरी है. जब डॉक्टर ये कहेगा कि मरीज़ को हल्के लक्षण हैं, या शुरुआती लक्षण हैं या फिर कोई लक्षण नहीं हैं, तभी वो होम आइसोलेशन में जा सकते हैं. इसके अलावा मरीज़ को खुद एक अंडरटेकिंग फॉर्म भी साइन करना होगा. जिस पर लिखा होगा कि वो होम आइसोलेशन के नियमों का कड़ाई से पालन करेगा.

मरीज़ के घर पर होम आइसोलेशन और परिवार वालों को क्वारंटीन रखने के लिए सारी ज़रूरी सुविधा हो. जैसे अलग-अलग कमरे हों वगैरह.

अगर मरीज़ HIV, अंग प्रत्यारोपण या कैंसर जैसी बीमारियों का इलाज करवा रहा हो, तो वो होम आइसोलेशन में नहीं रह सकता.

60 बरस से ऊपर के मरीज़ और जो हाइपरटेंशन, डायबिटीज़, दिल से जुड़ी बीमारी, लंग/लिवर/किडनी से जुड़ी दिक्कतों के मरीज़ हों, उन्हें तभी होम आइसोलेशन में रखा जाएगा, जब मेडिकल ऑफिसर अच्छी तरह से उनकी जांच न कर ले.

एक केयर गिवर यानी देखभाल करने वाले व्यक्ति को चौबीसों घंटे मरीज़ की सेवा में मौजूद रहना होगा. जो समय-समय पर डिस्ट्रिक्ट सर्विलेंस ऑफिसर (जिला निगरानी अधिकारी) को मरीज़ से जुड़े अपडेट्स देता रहेगा.

केयर गिवर और मरीज़ के सभी करीबियों को, जो उसके साथ होम क्वारंटीन हैं, उन्हें मेडिकल अधिकारी के कहने पर और प्रोटोकॉल के हिसाब से हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन प्रोफिलेक्सिस खानी होगी. सभी के फोन पर आरोग्य सेतू ऐप होना चाहिए.

मरीज़ को रोज़ाना अपनी हेल्थ को मॉनिटर करना होगा, और सारी जानकारी ज़िला निगरानी अधिकारी को देनी होगी.

कुछ सावधानियां भी ज़रूरी हैं

– मरीज़ को हर वक्त ट्रिपल लेयर मेडिकल मास्क पहनकर रहना होगा. जिसे हर आठ घंटे बाद या फिर उसके गंदे और गीले होने की कंडिशन में फेंकना होगा. फेंकने से पहले मास्क को 1% सोडियम हाइपो-क्लोराइट से डिस-इन्फेक्ट करना होगा. यानी शुद्ध करना होगा, ताकि उससे वायरस न फैले.

– मरीज़ को अपने ही कमरे में रहना होगा. घर के सभी लोगों से दूर. खासतौर पर बुज़ुर्गों के टच में आना ही नहीं है. ज्यादा से ज्यादा आराम करना है, तरल पदार्थ जैसे- पानी, जूस पीते रहना है.

– साबुन से बार-बार हाथ धोना है. सैनिटाइज़र का इस्तेमाल भी करते रहना है. पर्सनल सामान तो किसी के साथ गलती से भी शेयर नहीं करना है. कमरे को 1% हाइपो-क्लोराइट सॉल्यूशन से बार-बार साफ करना है.

– डॉक्टर जो भी सलाह दे, उसका कड़ाई से पालन करना है. रोज़ाना शरीर का तापमान नापना है. अगर सेहत में ज़रा भी गड़बड़ी लगे तो अधिकारियों को खबर करनी है.

अधिकारियों का क्या रोल है?

राज्य या ज़िले के स्वास्थ्य अधिकारी होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना मरीज़ से लगातार कॉन्टैक्ट में रहें. फील्ड स्टाफ या सर्विलेंस टीम समय-समय पर मरीज़ की हेल्थ को जांचने पर्सनल विज़िट करें. कॉल सेंटर के ज़रिए भी मरीज़ की स्थिति के बारे पता करते रहें.

मरीज़ के शरीर का तापमान, पल्स रेट और ऑक्सिजन की मात्रा के बारे में पता करते रहें. फील्ड स्टाफ मरीज़ के फैमिली मेंबर्स और सभी क्लोज़ कॉन्टैक्ट की सेहत का जायज़ा लें और टेस्ट करें, प्रोटोकॉल के अनुसार.

मेडिकल हेल्प कब लें?

मरीज़ को अगर सांस लेने में दिक्कत हो, ऑक्सिजन लेवल कम हो, सीने में दर्द हो या दबाव महसूस हो, भ्रम की स्थिति पैदा हो, कमज़ोरी लगे, ठीक से बोलते न बने, चेहरा या लिप्स नीले पड़ने लगे तो तुरंत ज़िले के स्वास्थ्य अधिकारियों से संपर्क करना है.

कब खत्म होगा होम आइसोलेशन?

लक्षण सामने आने के दस दिन बाद और लगातार तीन दिन तक बुखार न आने पर मरीज़ को होम आइसोलेशन से डिस्चार्ज माना जाएगा. उसके बाद भी मरीज़ को लगातार सात दिन तक आइसोलेट रहना होगा और अपनी सेहत को मॉनिटर करते रहना होगा. होम आइसोलेशन का वक्त खत्म होने के बाद दोबारा टेस्टिंग की कोई ज़रूरत नहीं है.

ये सब कुछ होम आइसोलेशन की नई गाइडलाइन्स में लिखा हुआ है.

आखिर में हेल्थ मिनिस्ट्री की होम आइसोलेशन पर बनी वीडियो भी देख लीजिए-


वीडियो देखें: कोरोना वायरस के लक्षणों की लिस्ट अपडेट हुई है, अब उल्टी-दस्त हो तो सतर्क हो जाएं

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

टॉप खबर

भारत-चीन के तनाव के बीच पीएम मोदी ने लद्दाख़ पहुंचकर किससे बात की?

पहले राजनाथ सिंह जाने वाले थे, नहीं गए.

मलेरिया वाली जिस दवा को कोरोना में जान बचाने के लिए इस्तेमाल कर रहे, वो उल्टा काम कर रही है?

हाईड्रॉक्सीक्लोरोक्विन पर चौंकाने वाली रिसर्च!

इस साल के आख़िर तक मिलने लगेगी कोरोना की 'मेड इन इंडिया' वैक्सीन!

भारत बायोटेक के अधिकारी ने क्या बताया?

'कोरोनिल' पर पतंजलि के आचार्य बालकृष्ण पूरी तरह यू-टर्न मार गए!

पतंजलि का दावा था कि 'कोरोनिल' दवा कोरोना वायरस ठीक करने में कारगर होगी.

चीन के ऐप तो बैन हो गए, पर उन भारतीयों का क्या जो इनमें काम करते हैं

चीनी ऐप के कर्मचारियों में घबराहट है.

चीनी ऐप पर बैन के बाद चीन ने भारत के बारे में क्या बयान दिया है?

भारत को कैसी जिम्मेदारी याद दिलाई चीन ने?

लगभग 16 मिनट के राष्ट्र के नाम संदेश में नरेंद्र मोदी ने क्या काम की बात की?

संदेश का सार यहां पढ़िए.

भारत सरकार के चाइनीज़ ऐप बंद करने के स्टेप पर TikTok ने चिट्ठी में क्या लिखा?

अपने यूज़र्स के बारे में भी कुछ कहा है.

PM CARES के तहत बने देसी वेंटिलेटर इस हाल में मिले कि लौटाने की नौबत आ गई

और ख़राब वेंटिलेटर बनाने वालों ने क्या सफ़ाई दी?

भारत में चीन के 59 मोबाइल ऐप बैन, टिकटॉक, यूसी, वीचैट भी लपेटे में

कहा कि देश की सुरक्षा की ख़ातिर इन्हें बैन किया जा रहा है.