Submit your post

Follow Us

संतरे बेचकर गांव के लिए खोला स्कूल, पद्मश्री हरेकाला हजब्बा ही आज की सबसे बड़ी खबर हैं

खबर बताने से पहले एक किस्सा. एक बार क्लास में टीचर ने हमसे पूछा कि आपके जन्मदिन पर दो दोस्त आपको गिफ्ट देते हैं. एक दोस्त हजार रुपए का गिफ्ट देता है और दूसरा 50 रुपए का. कौन सा महंगा है? सबने कहा, हजार रुपए वाला तोहफा महंगा है. फिर टीचर ने कहा, लेकिन जिसने हजार रुपए का गिफ्ट दिया, वो महीने में 10 लाख रुपए की कमाई करता है. और जिसने 50 रुपए का गिफ्ट दिया, वो एक दिन में सौ रुपए ही कमा पाता है. तो अब बताओ कि किसका गिफ्ट महंगा है?

अब सवाल का सीधा जवाब देना आसान नहीं था. क्योंकि पैसे वाली कीमत देखें तो हजार रुपए का गिफ्ट बड़ा है, लेकिन भावनाओं की कीमत समझने वालों के लिए 50 रुपए वाला गिफ्ट बेशकीमती होगा. क्योंकि उसमें आपके प्रति आपके दोस्त का समर्पण दिखता है. उसने अपनी एक दिन की आधी कमाई आपके नाम कर दी, जिसके लिए शायद उसने बहुत ज्यादा मेहनत की हो. कर्नाटक के मैंगलोर में रहने वाले हरेकाला हजब्बा की कहानी भी ऐसी ही है. बस उनका समर्पण व्यक्ति नहीं, बल्कि समाज के प्रति है.

68 वर्षीय हरेकाला हजब्बा संतरे बेचते हैं. एक दिन में 150-200 रुपए ही कमा पाते हैं. लेकिन उन्होंने इस कमाई से वो काम कर डाला कि 8 नवंबर 2021 को भारत सरकार ने उन्हें देश के चौथे बड़े नागरिक सम्मान पद्मश्री से नवाजा.

क्या है हरेकाला हजब्बा की कहानी?

कई सालों पहले की बात है. हरेकाला हजब्बा रोज की तरह संतरे बेच रहे थे. तभी एक विदेश पर्यटक उनके पास आया और संतरों का भाव पूछा. लेकिन हरेकाला को कुछ समझ ना आया. वे उस पर्यटक को संतरों का भाव तक नहीं बता सके. इस बात पर उन्हें ऐसी शर्मिंदगी महसूस हुई कि एक बड़ा फैसला कर लिया.

द बेटर इंडिया नाम की वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक इस वाकये के बाद हरेकाला हजब्बा ने स्कूल बनाने की कसम खा ली ताकि उनके गांव की आने वाली पीढ़ी को उनकी तरह शर्मिंदा ना होना पड़े. इसलिए हरेकाला ने अपनी हर दिन की कमाई को स्कूल बनाने में लगा दिया. साल 2000 में हरेकाला ने ये कारनामा कर दिखाया. उन्होंने जीवनभर की कमाई से गांव में स्कूल खोला. समाज के प्रति उनके इस बेमिसाल समर्पण को भारत सरकार ने पहचाना और उन्हें पद्मश्री देकर सम्मानित किया.

हरेकाला कहते हैं कि उन्हें कभी भी शिक्षा प्राप्त करने का कोई मौक़ा नहीं मिला, और वो नहीं चाहते थे कि गांव के बच्चों का भी ऐसा ही हाल हो. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक हरेकाला हजब्बा के गांव के बच्चों को भी ठीक प्रकार से शिक्षा नहीं मिल रही थी. इसलिए उन्होंने अपनी कमाई में से बचत कर उनके लिए स्कूल शुरू करने का निर्णय लिया था.

न्यूज़ 18 की ख़बर के मुताबिक़ हजब्बा का लोअर प्राइमरी स्कूल शुरुआत में एक मस्जिद से चलता था. जिसे लोग हजब्बा अवरा शाले के नाम से जानते थे. कुछ वक़्त बाद जिला प्रशासन ने हजब्बा को 40 सेंट ज़मीन दी. इसके बाद वहां क्लासरूम का निर्माण करवाया गया. हजब्बा आगे अपने गांव में प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज भी बनवाना चाहते हैं.

जनवरी 2020 में ही हरेकाला हजब्बा को पद्मश्री पुरस्कार मिलने की घोषणा कर दी गई थी. लेकिन कोरोना महामारी के चलते समारोह आयोजित नहीं किया जा सका.


‘एमी अवार्ड्स’ को लेकर नया विवाद, ज्यूरी पर पक्षपात के आरोप क्यों लगे?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

टॉप खबर

1 अप्रैल से E-Invoicing अनिवार्य, फर्जी बिल बनाने वालों की नींद उड़ी

1 अप्रैल से E-Invoicing अनिवार्य, फर्जी बिल बनाने वालों की नींद उड़ी

20 करोड़ सालाना बिक्री पर ई-इनवॉइसिंग जरूरी, टैक्स चोरी थमेगी.

रुचि सोया के FPO के 'चमत्कार' को नमस्कार करने के बजाय SEBI ने क्यों दिखाई सख्ती?

रुचि सोया के FPO के 'चमत्कार' को नमस्कार करने के बजाय SEBI ने क्यों दिखाई सख्ती?

वजह पतंजलि समूह का एक कथित संदेश बताया गया है?

योगी सरकार 2.0 में राज्यमंत्री बने नेताओं के बारे में ये बातें जानते हैं आप?

योगी सरकार 2.0 में राज्यमंत्री बने नेताओं के बारे में ये बातें जानते हैं आप?

कई पुराने तो कुछ नए चेहरों को मंत्रीमंडल में जगह मिली है.

योगी आदित्यनाथ ने ली CM पद की शपथ, जानें कौन-कौन बना मंत्री

योगी आदित्यनाथ ने ली CM पद की शपथ, जानें कौन-कौन बना मंत्री

योगी आदित्यनाथ के साथ 52 मंत्रियों ने भी ली शपथ

बीरभूम हिंसा पर सीएम ममता बनर्जी ने क्या कहकर अपनी ही पुलिस पर निशाना साधा?

बीरभूम हिंसा पर सीएम ममता बनर्जी ने क्या कहकर अपनी ही पुलिस पर निशाना साधा?

ममता बनर्जी ने घटना के पीछे साजिश होने की आशंका भी जताई.

बिहार विधानसभा में शून्य हुई VIP, तीनों विधायक बीजेपी में शामिल

बिहार विधानसभा में शून्य हुई VIP, तीनों विधायक बीजेपी में शामिल

बोचहां विधानसभा उपचुनाव और एमएलसी इलेक्शन से पहले मुकेश सहनी को तगड़ा झटका.

यूनिवर्सिटी बनी ही नहीं, राजस्थान सरकार ने बिल पेश कर दिया, फिर हुई मिट्टी पलीद!

यूनिवर्सिटी बनी ही नहीं, राजस्थान सरकार ने बिल पेश कर दिया, फिर हुई मिट्टी पलीद!

सरकार को बिल वापस लेना पड़ा, बीजेपी बोली- पूरे कुएं में भांग है.

थोक ग्राहकों के लिए 25 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ डीजल, आम लोगों पर ये असर पड़ेगा

थोक ग्राहकों के लिए 25 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ डीजल, आम लोगों पर ये असर पड़ेगा

कीमतें बढ़ने से ब्लैक मार्केटिंग बढ़ने की आशंका. बंद हो सकते हैं कई पंप.

हरभजन सिंह को राज्यसभा में भेजने के साथ AAP उन्हें एक और बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है

हरभजन सिंह को राज्यसभा में भेजने के साथ AAP उन्हें एक और बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है

पंजाब के सीएम भगवंत मान और भज्जी काफी करीबी दोस्त माने जाते हैं.

इराक में अमेरिकी दूतावास के पास मिसाइल हमला करने की ईरान ने क्या वजह बताई?

इराक में अमेरिकी दूतावास के पास मिसाइल हमला करने की ईरान ने क्या वजह बताई?

ईरान ने इजरायल का नाम क्यों लिया है?