Submit your post

Follow Us

वो स्वैगर वाले नेता फिर चर्चा में हैं, जिन्होंने कांग्रेस के डूबते 'चाणक्य' को एक निर्णायक वोट से जिताया था

कहते हैं कि नाम में क्या रखा है. कहने वाले थे अंग्रेजी के लेखक विलियम शेक्सपियर. 16 वीं शताब्दी में उन्होंने ये बात कही थी. अब चल रही है 21 वीं शताब्दी, लेकिन उनका कथन आज भी सामयिक है.

collage-647_080317033225

गुजरात में चुनाव हैं. 9 और 14 दिसंबर को वोट पड़ेंगे. पूरे देश की निगाह इस चुनाव पर है. इससे पहले भी गुजरात में कुछ दिन पहले एक चुनाव हुआ था, जिस पर पूरे देश की निगाह थी. वो चुनाव था राज्यसभा का, जिसमें कांग्रेसी दिग्गज अहमद पटेल की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी. अहमद पटेल तो चुनाव जीत गए, लेकिन सबसे ज्यादा जिस नाम की चर्चा हुई, वो नाम था एक विधायक छोटू वसावा का.

अब वो छोटू वसावा फिर से चर्चा में हैं. उन्होंने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से अपनी जान का खतरा बताया है. वसावा का आरोप है कि अमित शाह अपने चुने हुए पुलिस अधिकारियों के जरिए उनका एनकाउंटर करवाना चाहते हैं. उन्होंने कहा है कि मैंने राज्यसभा चुनाव में अपना वोट कांग्रेस के अहमद पटेल को देकर उन्हें जीता दिया था, इसलिए वो अब बदला लेने के लिए मेरी हत्या कराना चाहते हैं. छोटू वसावा ने फेसबुक पर इसका वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें वो खुले तौर पर अमित शाह का नाम ले रहे हैं.

इससे पहले भी छोटू वसावा चर्चा में रहे थे. वजह उनके नाम में छुपी थी. छोटू झागड़िया सीट से बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार की पार्टी जनता दल (यू) से चुनाव जीते थे. जब बिहार में जदयू ने बीजेपी से गठबंधन कर लिया, तो कायदे से छोटू वसावा को बीजेपी के लिए वोट करना था, लेकिन उन्होंने अपना वोट कांग्रेस के अहमद पटेल को दे दिया. इस एक वोट से अहमद पटेल चुनाव जीत गए. इसके बाद जदयू ने  छोटू वसावा को हराने के लिए नाम वाला पैंतरा अपनाया.

sharad

जदयू की ओर झागड़िया सीट पर जिस उम्मीदवार ने पर्चा भरा है, उसका भी नाम छोटू वसावा ही है. छोटू वसावा पांच बार विधायक रह चुके हैं और छठी बार विधायक बनने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं. जनता दल (यू) के बीजेपी के साथ जाने के बाद छोटू वसावा ने शरद यादव के साथ मिलकर पार्टी पर दावा किया था और पार्टी के चुनाव चिह्न तीर पर दावा करने के लिए चुनाव आयोग चले गए थे. आयोग की ओर से दावा खारिज होने के बाद छोटू वसावा भारतीय ट्राइबल पार्टी के से चुनाव लड़ रहे हैं. ये पार्टी उनके बेटे महेश ने बनाई है और आयोग की ओर से इस पार्टी के लिए चुनाव चिह्न ऑटो रिक्शा मिला है.

Ravji
रावजी वसावा ने छोटू वसावा के खिलाफ बीजेपी से पर्चा भरा है. रावजी ने सितंबर 2017 में बीजेपी जॉइन की थी.

वहीं जदयू ने भरूच जिले के हिरापुर गांव के किसान छोटू वसावा को मैदान में उतारा है. जदयू का मानना है कि एक जैसे दो नामों की वजह से वोटर परेशान हो जाएंगे और इससे पुराने वाले छोटू वसावा को 3-4 हजार वोटों का नुकसान होगा. इसके अलावा छोटू के सामने बीजेपी से रावजी वसावा मैदान में हैं, जिनसे छोटू को कड़ी चुनौती मिल रही है. रावजी वसावा पहले छोटू वसावा के ही साथी थे और जदयू में थे. इसी साल सितंबर में रावजी अपने बेटे दिनेश और 500 समर्थकों के साथ बीजेपी में शामिल हो गए थे.

पिछली बार छोटू ने झागड़िया की ये सीट 7500 वोटों के अंतर से जीती थी. इस बार अगर जदयू वाले छोटू कुछ वोट काटते हैं और बीजेपी का प्रत्याशी भी मजबूती से लड़ जाता है, तो कांग्रेस की मदद करने में अपनो साथ छोड़ने वाले छोटू को अपनी सीट बचाने में खासी मुश्किल हो सकती है.


 

गुजरात चुनाव में लल्लनटॉप से जुड़ने के लिए ये वीडियो देखें:

ये भी पढ़ें:

साबरकांठा में औरतों को गाली के तौर पर क्यों कहा जाता है – ‘वाडिया वाली’

गुजरात की इस रानी की कहानी जानते हैं, जिसने जौहर कर लिया

गुजरात चुनाव: कहानी उस सीट की, जिसने सबसे बुरे वक्त में बीजेपी का साथ दिया

जानिए गुजरात का ये मुख्यमंत्री देश का प्रधानमंत्री कैसे बन गया

 

 

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

टॉप खबर

कोरोना टेस्टिंग पर यूपी सरकार को घेरने वाले पूर्व IAS की पूरी कहानी जानिए!

सूर्यप्रताप सिंह, जिन पर FIR दर्ज हुई.

ज्योतिरादित्य सिंधिया की दूसरी कोरोना जांच रिपोर्ट में क्या निकला?

पिछले दिनों सिंधिया और उनकी मां को कोरोना पॉजिटिव पाया गया था.

WHO ने कोरोना पर राहत देने वाली बात की तो दुनियाभर के वैज्ञानिकों ने कहा, “अरी मोरी मईया!”

पलटकर WHO से ही सबूत मांग रहे हैं लोग.

ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी मां को हुआ कोरोना इंफेक्शन, दिल्ली के अस्पताल में भर्ती

बीते कुछ दिनों से दोनों की तबीयत खराब थी.

बिहार: अमित शाह ने वर्चुअल रैली में तेजस्वी को घेरा, कहा-लालटेन राज से एलईडी युग में आ गए

तेजस्वी यादव ने रैली पर 144 करोड़ खर्च करने का आरोप लगाया.

गर्भवती ने 13 घंटे तक आठ अस्पतालों के चक्कर लगाए, किसी ने भर्ती नहीं किया, मौत हो गई

महिला की मौत के बाद अब जिला प्रशासन जांच की बात कर रहा है.

दिल्ली के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में अब सिर्फ दिल्ली वालों का इलाज होगा

दिल्ली के बॉर्डर खोले जाने पर भी हुआ फैसला.

लद्दाख में तनाव: भारत-चीन सेना के कमांडरों की मीटिंग में क्या हुआ, विदेश मंत्रालय ने बताया

6 जून को दोनों देशों के सेना के कमांडरों की मीटिंग करीब 3 घंटे तक चली थी.

पहले से फंसी 69000 शिक्षक भर्ती में अब पता चला, रुमाल से हो रही थी नकल!

शुरू से विवादों में रही 69 हजार शिक्षक भर्ती में जुड़ा एक और विवाद

'निसर्ग' चक्रवात क्या है और ये कितना ख़तरनाक है?

'निसर्ग' नाम का मतलब भी बता रहे हैं.