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जिस गार्ड पर मरकज़ जाने, कॉलोनी में कोरोना फैलाने के आरोप में FIR हुई, उसकी रिपोर्ट आ गई

दिल्ली की डिफेंस कॉलोनी. कुछ दिन पहले यहां रहने वाले एक परिवार के तीन लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे. इसके बाद कॉलोनी के एक गार्ड पर वायरस फैलाने के आरोप लगे थे. पुलिस ने गार्ड के खिलाफ FIR भी दर्ज की थी. अब इसी गार्ड की कोरोना रिपोर्ट सामने आई है, जो कि निगेटिव है.

क्या गार्ड मरकज़ गया था?

‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, 54 साल के गार्ड पर ये आरोप लगा था कि वो निजामुद्दीन के मरकज़ गया था और उसने ये बात सबसे छिपाई थी. DCP (साउथ) अतुल कुमार ठाकुर का कहना है कि उन्हें लोकल सूत्रों से पता चला था कि वो निजामुद्दीन मरकज़ गया था.

8 अप्रैल को गार्ड के खिलाफ FIR हुई. उसके सैंपल लिए गए. डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल में उसकी जांच हुई. रिपोर्ट निगेटिव आई. गार्ड को पहले क्वारंटीन सेंटर में रखा गया था. बाद में उसे उसके घर भेज दिया गया, जहां उसका पूरा परिवार इस वक्त क्वारंटीन है.

8 अप्रैल को पुलिस ने क्या कहा था?

‘एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, गार्ड के खिलाफ FIR करने के बाद डिफेंस कॉलोनी के SHO ने रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) को एक मैसेज भेजा था. रेसिडेंट्स को जानकारी दी थी कि गार्ड कथित तौर पर निजामुद्दीन के मरकज़ गया था. इसके अलावा रेसिडेंट्स से कहा था कि डोमेस्टिक हेल्प, ड्राइवर और गार्ड रखते वक्त और ज्यादा सावधानी बरती जाए.

अब क्या कहती है पुलिस?

जब पुलिस से सवाल किया गया कि अगर गार्ड की टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आई है, तो क्या इसका मतलब ये हुआ कि बिना आधार के केस किया गया? इस पर अतुल कुमार ठाकुर ने कहा कि FIR गार्ड को नौकरी पर रखने वाले की शिकायत पर की गई थी. आगे कहा-

‘हमने कॉलोनी के बाकी गार्ड से पूछताछ की. उन्होंने बताया कि उस गार्ड ने उन्हें बताया था कि वो मरकज़ गया था. हमने उसके खिलाफ FIR दर्ज की, लेकिन कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की.’

वहीं डिफेंस कॉलोनी के एक व्यक्ति ने एक गार्ड से बात की. उसने बताया-

‘हमने उससे बात की. उसने बताया कि वो मरकज़ गया ही नहीं था. FIR केवल उसके धर्म के कारण की गई.’

इधर पुलिस का कहना है कि टेक्निकल सर्विलांस और उसकी मोबाइल लोकेशन से ये पता चला है कि केस दर्ज होने के कुछ दिन पहले गार्ड मरकज़ गया था.

देखिये भारत में कोरोना कहां-कहां और कितना फैल गया है.


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