Submit your post

Follow Us

नहीं रहा 235 लाशों को कब्र तक पहुंचाने वाला कश्मीरी अट्टा

5
शेयर्स

हैदर फिल्म देखी है. कब्रिस्तान में दो बूढ़े लाशें दफनाने का काम करते थे. अब रील से रियल लाइफ में आ जाइए. कश्मीर में 235 लाशों को कब्र तक पहुंचाने वाले 75 साल के अट्टा मोहम्मद रविवार को दुनिया से अलविदा कह गए. श्रीनगर से 80 किलोमीटर दूर बिमयार गांव में लंबी बीमारी के बाद उनकी मौत हो गई.

बताते हैं कि बीते 25 साल में अट्टा मोहम्मद ने 235 बुलेट लगी लावारिस लाशों को दफनाया था. एसोसिएशन ऑफ पेरेंट्स एंड डिसेपियर्ड पर्संस के मुताबिक, इंडियन मिलिट्री इन लाशों को एनकाउंटर में मारे गए आतंकियों की लाश बताती थी.

लाशों में एक छह महीने की बच्ची भी शामिल थी. अट्टा मोहम्मद कहते थे कि इन अज्ञात लोगों को मारने के बाद सुरक्षाबल मृतकों को सम्मान नहीं देते थे. इसलिए ही उन्होंने ऐसी अज्ञात लाशों को दफनाने का काम शुरू किया.

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

टॉप खबर

निर्भया के दोषियों की फांसी की नई तारीख आ गई

पहले 22 जनवरी दी जानी थी फांसी.

दूसरे वनडे से ऋषभ पंत बाहर हुए, तो संजू सैमसन को टीम में जगह क्यों नहीं दी गई?

सैमसन को BCCI ने कॉन्ट्रैक्ट भी नहीं दिया है.

T20 मैच में 14वें नंबर की टीम ने वेस्टइंडीज़ को घर में घुसकर पटक दिया

मैच में बने 412 रन, फिर भी वेस्टइंडीज़ 4 रन से हार गया.

VVS लक्ष्मण ने विराट कोहली को लेकर वो बात कही जो पूरा देश चाह रहा है

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले वनडे में कोहली नंबर चार पर उतरे थे.

निर्भया केस के चार दोषियों में से एक ने पेच फंसा दिया, फिर टल सकती है फांसी

केस 7 साल से अटका था, अभी 10 दिन पहले ही डेथ वॉरंट आया.

Amazon के CEO जेफ बेजोस के भारत आने पर विरोध क्यों हो रहा है?

एमेजॉन का 2025 तक भारत से 71 हज़ार करोड़ का माल एक्सपोर्ट करने का लक्ष्य है.

यूपी पुलिस में मचा हंगामा, तो योगी ने की ये बड़ी कार्रवाई

सेक्स चैट से शुरू हुआ था मामला, "घूसखोरी" और पोस्टिंग पर अटकी बात

JNU : जिस समय आइशी घोष को पीटा जा रहा था, उसी वक़्त उन पर FIR हो रही थी

और नक़ाबपोश गुंडों का न कोई नाम, न कोई सुराग

बवाल हुआ तो JNU प्रशासन ने मंत्रालय से कैम्पस को बंद करने की मांग उठा दी

मंत्रालय ने भी ये जवाब दिया.

5 जनवरी की रात तीन बजे तक JNU कैम्पस में क्या-क्या हुआ?

जेएनयू कैम्पस में 5 जनवरी को नकाबपोशों ने स्टूडेंट्स और टीचर्स पर हमला किया.