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क्या सरकार ने फाइल ट्रांसफर करने वाली साइट WeTransfer को बैन कर दिया है?

सरकार ने फाइल शेयरिंग वेबसाइट WeTransfer (वी ट्रांसफर) पर बैन लगा दिया गया है. दूरसंचार विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किया है. मुंबई मिरर ने यह रिपोर्ट दी है. रिपोर्ट के अनुसार, वी ट्रांसफर को बंद करने की वजह नेशनल और पब्लिक इंट्रेस्ट को बताया गया है. यानी देश के हित में यह फैसला लिया है.

क्या लिखा है रिपोर्ट में

मुंबई मिरर ने लिखा है कि दूरसंचार मंत्रालय ने 18 मई को इस बारे में पत्र लिखा. पत्र इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों को भेजा गया. इसमें तीन Uniform Resource Locator (यूआरएल) यानी वेबसाइटों के पतों को बैन करने को कहा गया. इनमें से पहले दो यूआरएल वी ट्रांसफर से जुड़े हुए थे. वहीं तीसरा यूआरएल वी ट्रांसफर वेबसाइट का था. सरकार के आदेश के अनुसार इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों ने वी ट्रांसफर को बैन कर दिया.

हालांकि सरकार की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया कि वेबसाइट को लेकर आपत्ति क्या थी. यह भी नहीं बताया कि किस तरह की फाइल के शेयर होने के चलते बैन लगाया गया?

कंपनी ने क्या कहा 

कंपनी की साइट पर दो दिन पहले लिखा है कि इस समय भारत में वी ट्रांसफर उपलब्ध नहीं है. ऐसा लगता है कि इसे ब्लॉक किया गया है. ब्लॉक किए जाने की वजह का पता लगाया जा रहा है. इसे ठीक करने की कोशिश की जा रही है. जल्द ही इस बारे में बताया जाएगा.

सोशल मीडिया पर शिकायत कर रहे लोग

बता दें कि पिछले कई दिनों से कई यूजर भी वी ट्रांसफर से फाइल न जाने की शिकायतें कर रहे हैं. ऐसे ही एक यूजर को वी ट्रांसफर ने जवाब भी दिया है. इसमें उसकी ओर से कहा गया है,

हमें ऐसी खबरें मिली हैं कि भारत में वी ट्रांसफर को (आंशिक रूप से) ब्लॉक किया जा रहा है. हमारी टीम मामले की जांच कर रही है, उम्मीद है कि हमें जल्द ही ज्यादा जानकारी मिलेगी. इस बीच बेहतर यही होगा कि हमारी साइट चलाने के लिए वीपीएन सर्विस का इस्तेमाल किया जाए. सब्र रखने के लिए शुक्रिया.

हालांकि कई यूजर कह रहे हैं कि वे अभी भी वी ट्रांसफर का एक्सेस कर पा रहे हैं.

क्या है वी ट्रांसफर

वी ट्रांसफर फाइल शेयर करने के लिए सबसे लोकप्रिय वेबसाइट में एक है. यह नीदरलैंड की कंपनी है. पूरी दुनिया में इसके करीब 5 करोड़ यूजर हैं. इस पर हर महीने करोड़ों फाइलें ट्रांसफर होती है. लॉकडाउन के चलते घर बैठे काम करने वाले लोगों के लिए यह साइट काफी उपयोगी थी.

वी ट्रांसफर का इस्तेमाल करना काफी आसान था. इसे यूज करने के लिए अकाउंट बनाने की जरूरत नहीं है. इस पर एक बार में कोई भी व्यक्ति 2 जीबी तक की फाइल भेज सकता है. फाइल मंगाने वाले को मेल पर फाइलों को लिंक मिलता है. पैसे देकर इस वेबसाइट के जरिए दो जीबी से बड़ी फाइल भी भेजी जा सकती है.

ऐसा पहली बार नहीं हुआ है 17-18 साल में…

वैसे वी ट्रांसफर पहली ऐसी साइट नहीं है जिसे भारत सरकार ने बैन किया है. इससे पहले साल 2011 में मेगा अपलोड नाम की साइट पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था. यह कदम इस साइट के जरिए पायरेटेड फिल्में शेयर किए जाने के बाद उठाया गया था. पिछले कुछ सालों में भारत में कई यूआरएल बैन किए गए हैं.


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