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अनचाही कॉल करने वालों की खैर नहीं, सरकार ने सख्त इंतजाम कर दिए हैं

शायद ही कोई फोन यूजर होगा, जो बार-बार बजने वाली अनचाहे कॉलर्स की घंटी से परेशान नहीं होगा. गाहे बगाहे कॉल करके कहा जाता है कि फलां सामान ले लीजिए या फलां सर्विस ले लीजिए. इन पर लगाम के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं, लेकिन कंपनियां इन सभी नियम-कानूनों को छकाती रहती हैं. अनचाही फोन कॉल्स पर लगाम के लिए सरकार ने एक नया कदम उठाया है. अब ऐसी कंपनियों पर पेनाल्टी लगाई जाएगी. इसके अलावा सरकार ऐसा सिस्टम बनाने जा रही है जिससे कॉल करने के लिए इस्तेमाल किए गए नंबर ही नहीं, डिवाइस को भी ब्लॉक किया जा सके.

अब 10 हजार रुपए की पेनाल्टी

सरकार ने अनावश्यक फोन करके परेशान करने वालों पर अधिकतम 10 हजार रुपए की पेनाल्टी का प्रावधान रखा है. ऐसा टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर में बताया गया है. अक्सर देखने में आता है कि कंस्यूमर ने ‘डू नॉट डिस्टर्ब’ का ऑप्शन चुन रखा है, फिर भी प्रमोशनल कॉल्स और मैसेज आते रहते हैं. अब इस पर सख्ती बढ़ाई गई है. अगर कोई रजिस्टर्ड टेलीमार्केटिंग कंपनी नियम तोड़ती है तो उसे हर बार की गलती पर 1 हजार रुपए भरने होंगे. अगर किसी केस में ऐसा तीन महीने तक चलता है या एक महीने में 50 से ज्यादा कॉल्स होती हैं तो पेनाल्टी 10 हजार रुपए तक हो सकती है. इसके साथ ही नंबर को डिसकनेक्ट भी कर दिया जाएगा.

फर्जीवाड़ा रोकने को 2 अलग यूनिट

आजकल हम अक्सर ही फोन से होने वाले फ्रॉड के किस्से सुनते हैं. कभी मैसेज करके फुसलाया जाता है तो कभी फोन करके पर्सनल जानकारियां ले ली जाती हैं. इसके बाद काम तमाम. इस ठगी से निपटने के लिए टेलिकॉम डिपार्टमेंट ने दो नए स्पेशल विंग बनाए हैं. इनमें से एक है डिजिटल इंटेलिजेंस यूनिट (DIU). और दूसरी टेलिकॉम अनालिसिस फॉर फ्रॉड मैनेजमेंट एंड कंस्यूमर प्रोटेक्शन (TAFCOP). इनका काम होगा टेलिकॉम नेटवर्क के जरिए अपराध करने वालों का पता लगाना.

ये दोनों यूनिट सीधे सरकारी एजेंसियों से तालमेल बिठाएंगी. मतलब पुलिस, बैंक और दूसरी सरकारी एजेंसियां इनसे सीधे संपर्क में रहेंगी. इससे लंबे प्रक्रिया में उलझने से होने वाली लेटलतीफी से बचा जा सकेगा. एक्शन ज्यादा जल्दी हो सकेगा. ये दोनों यूनिट मोबाइल के जरिए फ्रॉड पर नजर रखने के अलावा ये भी पता लगाएंगी कि फेक डॉक्युमेंट्स के जरिए कौन से नंबर हासिल किए गए हैं. ये यूनिट एक और जरूरी काम करेंगी. इनके जरिए कंस्यूमर को यह सुविधा भी दी जाएगी कि वो जान सके कि उसके नाम पर कौन-कौन से नंबर काम कर रहे हैं. अगर कंस्यूमर किसी नंबर को यह कहकर रिपोर्ट करता है कि वह उसका नहीं है, तो उस नंबर पर एक्शन लिया जाएगा.

ऐसे एक्टिवेट होगी ‘स्टॉप’ SMS सर्विस

अगर आप प्रमोशनल SMS से तंग आ चुके हैं तो 1909 पर ‘STOP’ और उस कंपनी का नाम लिखें, जहां से मैसेज आ रहे हैं. इसके बाद उस कंपनी से होने वाली हर तरह की प्रमोशनल एक्टिविटी आपके लिए बंद हो जाएगी. हालांकि ट्रांजैक्शन संबंधी मैसेज मिलते रहेंगे. मिसाल के तौर पर अगर कोई बैंक आपको दिनभर में ढेरों मैसेज भेजता है तो स्टॉप सर्विस लेने के बाद ये मैसेज बंद हो जाएंगे. लेकिन इसके बाद भी बैंक में पैसे निकालने और जमा करने जैसे जरूरी मैसेज आते रहेंगे.


वीडियो – दिल्ली पुलिस की नई साइबर हेल्पलाइन ऑनलाइन फ्रॉड होने पर पैसा वापस दिलवाएगी?

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