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लोनी बॉर्डर पर मुस्लिम बुजुर्ग की पिटाई के मामले में क्या है सच्चाई?

एक 72 साल के बुजुर्ग अब्दुल समद सैफी ने आरोप लगाया कि उन पर कुछ लोगों ने हमला किया और उनसे जबदस्ती ‘जय श्री राम’ के नारे लगवाए. मामला दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के लोनी इलाके का है. बुजुर्ग ने पुलिस को बताया कि उसे ऑटो में अगवा कर सुनसान जगह पर ले जाकर पीटा गया और उसकी दाढ़ी काट दी गई. मुस्लिम बुजुर्ग को पीटे जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ. गाजियाबाद पुलिस ने कुछ ही घंटों में 3 आरोपियों को पकड़ कर केस के खुलासे का दावा किया है. आरोपियों में परवेश गुज्जर सहित कल्लू, पोली, आरिफ, आदिल और मुशाहिद शामिल हैं. पीड़ित अब्दुल समद सैफी कह रहे हैं कि उन्हें कुछ अनजान लोगों ने पीटा है तो पुलिस का दावा है कि पीटने वाले सैफी को पहले से जानते हैं. आइए जानते हैं पूरा मामला क्या है.

‘ताबीज के चक्कर में हुआ झगड़ा’

पुलिस इस झगड़े के पीछे ‘ताबीज़’ को कारण मान रही है. पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद गाजियाबाद पुलिस हरकत में आई और मामले में खुलासा किया. पुलिस के अनुसार यह बुजुर्ग ताबीज बनाता था. इन्होंने परवेश गुज्जर नाम के युवक को ताबीज़ दिया था. बताया जा रहा है कि ताबीज़ पहनने के बाद उल्टा असर हो गया. युवक को यही लगा कि ताबीज़ के कारण यह हुआ है. इसी को लेकर गुस्से में उसने अब्दुल समद की दाढ़ी काट दी और पिटाई कर दी. पिटाई होने के बाद पीड़ित अब्दुल समद ने थाना लोनी बॉर्डर पुलिस में मामला दर्ज कराया. पुलिस का यह भी दावा है कि आरोपी, अब्दुल समद सैफी को पहले से ही जानते हैं.

पुलिस ने बताया कि

दाढ़ी काटने के वायरल वीडियो के संबंध में जांच करने पर पाया कि पीड़ित अब्दुल समद 5 जून को बुलंदशहर से बेहटा, लोनी बॉर्डर आया. जहां से एक अन्य व्यक्ति के साथ मुख्य आरोपी परवेश गुज्जर के घर बंथला,लोनी गया था. परवेश के घर पर कुछ समय में अन्य लड़के कल्लू, पोली, आरिफ, आदिल और मुशाहिद आदि आ गए. उन्होंने परवेश के साथ मिलकर अब्दुल समद के साथ मारपीट शुरू कर दी. अब्दुल समद आरोपियों से पहले से परिचित थे. क्योंकि अब्दुल समद द्वारा गांव में कई लोग को ताबीज दिए गए थे. प्रकरण में पंजीकृत अभियोग में समुचित धाराओं की वृद्धि करते हुए पहले ही मुख्य अभियुक्त परवेश गुज्जर की गिरफ्तारी की जा चुकी है. 14 जून को अन्य दो अभियुक्तों कल्लू और आदिल की गिरफ्तारी की गयी है.

लोनी क्षेत्राधिकारी अतुल कुमार सोनकर ने बताया कि वायरल वीडियो को संज्ञान में लेते हुए पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत करके मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है. अभी भी कुछ आरोपी फरार हैं. जल्द से जल्द पुलिस इन अपराधियों को भी पकड़ लेगी. मामले की वैधानिक कार्रवाई जारी है.

अब्दुल समद सैफी ने कुछ और ही कहानी बताई थी

पीड़ित अब्दुल समद सैफी ने वीडियो वायरल होने के बाद इस पूरे मामले पर पुलिस से अलग कहानी बताई थी. उन्होंने समाजवादी पार्टी के एक लोकल नेता के साथ किए फेसबुक लाइव में बताया था कि

मैं लोनी बॉर्डर के पास एक ऑटोरिक्शा से जा रहा था. इसके बाद मुझे अगवा कर लिया गया. वो मुझे जंगल में ले गए. सुनसान जगह पर उन्होंने मुझे मारना शुरू कर दिया. मुझे दोनों तरफ से पकड़ लिया गया. मैं उनसे छोड़ देने की भीख मांगता रहा. इस दौरान मैं प्रार्थना कर रहा था. उन्होंने मुझसे कहा कि क्या तुम अल्लाह का नाम ले रहे हो? अब जय श्री राम बोलो. वह मुझे लगातार हंटर से मार रहे थे. साथ ही वह बार-बार जय श्री राम का नारा लगाने को भी कह रहे थे. मुझसे दर्द बर्दाश्त नहीं हो रहा था. उसके बाद वो एक कैची ले आए और मेरी दाढ़ी काट दी. मैं अपनी जान को लेकर बहुत डरा हुआ था. उन्होंने इस वीडियो को रेकॉर्ड किया और कहा कि वह मुस्लिमों के साथ ऐसा करेंगे. यह सब 4 घंटे तक चला और उसके बाद मुझे घर जाने दिया गया.

इंडियन एक्सप्रेस अखबार के मुताबिक अब्दुल समद सैफी, बुलंदशहर जिले के अनूपशहर कस्बे का रहने वाला है और कबाड़ का बिजनेस करता है. इंडियन एक्सप्रेस ने जब अब्दुल समद से बात की तो उन्होंने बताया कि

मेरे एक परिजन का 19 मई को देहांत हो गया था. रमजान की वजह से मैं उनके परिवार से मिलने नहीं जा पाया. ऐसे में मैंने 5 जून को जाने का फैसला किया. दोपहर बाद तकरीबन 2.30 बजे मेरे पास एक ऑटो मेरे पास रुका. उन्होंने कहा कि वह मुझे नहर के रास्ते तक छोड़ देंगे. मैं अकेला था और ऑटो में कई लोग थे. वह जब मुझे पीट रहे थे तो लगातार कह रहे थे कि मुस्लिमों को संदेश जाना चाहिए. मैं उनसे लगातार भीख मांगता रहा कि मैं बूढ़ा हूं मुझे छोड़ दें.

पुलिस ये तो मान रही है कि बुजुर्ग के साथ मारपीट हुई है लेकिन ये नहीं कि इस मारपीट के पीछे सांप्रदायिक एंगल है. 3 आरोपी गिरफ्तार है और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है. पुलिस का दावा है कि जल्द ही वह भी सलाखों के पीछे होंगे.


वीडियो – मेवात में आसिफ की मॉब लिंचिंग, घर वाले कह रहे- जय श्री राम नहीं बोला, इसलिए मारा

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