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दिल्ली की जेल में सजा काट रहे सिख दंगे के दोषी नेता की कोरोना से मौत हो गई

दिल्ली के पूर्व विधायक और 1984 में हुए सिख दंगों के दोषी महेंद्र यादव की मौत हो गई. वो कोरोना पॉजिटिव थे और इलाज के लिए उन्हें जेल से अस्पताल में भर्ती किया गया था. परिवार का आरोप है कि अस्पताल में उनका इलाज सही से नहीं किया गया.

पूरा मामला?

महेंद्र यादव कांग्रेस नेता थे. पालम से विधायक थे. मंडोली के जेल नंबर 14 में 10 साल की सजा काट रहे थे. 26 जून को वो कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, दिल्ली जेल के डीजी संदीप गोयल ने बताया कोरोना पॉजिटिव पाने के बाद महेंद्र यादव को डीडीयू अस्पताल में शिफ्ट किया गया था. उन्हें सांस लेने में तकलीफ थी और हार्ट से संबंधित कुछ समस्या थी. कुछ दिन बाद उन्हें लोकनायक अस्पताल में रेफर किया गया. फिर परिवार के कहने पर उन्हें 30 जून को द्वारका के आकाश हेल्थकेयर में ले जाया गया. वहां वो ICU में एडमिट थे.

परिवारवालों ने 27 जून को कोर्ट में उनकी अंतरिम जमानत याचिका दायर की थी. एक जुलाई को परिवार की तरफ से सीनियर एडवोकेट आर बसंत ने कोर्ट में कहा कि महेंद्र यादव के स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें जमानत दी जानी चाहिए. पर कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी.

पहले भी एक कैदी की मौत हुई थी

इसी जेल के एक कैदी कंवर सिंह की 15 जून को मौत हो गई थी. वो भी कोरोना पॉजिटिव था. इसके बाद उसकी बैरक के 29 अन्य कैदियों का कोरोना टेस्ट करवाया गया. इनमें 17 की रिपोर्ट पॉजिटिव और 12 की रिपोर्ट नेगेटिव आई थी. 25 जून को नेगेटिव आए कैदियों का दोबारा टेस्ट करवाया गया था. इनमें से तीन लोग पॉजिटिव निकले थे. महेंद्र यादव इन्हीं में से एक थे.

बेटे का आरोप

महेंद्र यादव के बेटे रघुविंदर ने आरोप लगाया है कि जेल प्रशासन की तरफ से उन्हें सूचना नहीं दी गई थी. किसी और अधिकारी से उन्हें इस बारे में पता चला था.रघुविंदर ने कहा कि वो अपने पिता को प्राइवेट अस्पताल ले जाना चाहते थे, पर जेल प्रशासन ने उन्हें शिफ्ट करने में दो दिन लगा दिए. उन्होंने कहा कि महेंद्र यादव ने उन्हें बताया था कि जेल के अधिकारी उनके साथ सही बर्ताव नहीं कर रहे हैं.

जेल प्रशासन ने क्या कहा?

डीजी संदीप गोयल ने कहा कि जेल के डॉक्टर्स महेंद्र यादव का उचित देखभाल कर रहे थे. और उन्होंने खुद 26 जून को उनके परिवार को उनके पॉजिटिव होने की सूचना दी थी.

2018 में सरेंडर किया था

महेंद्र यादव 2018 में विधायक किशन खोखर के साथ सिख दंगे के दोषी पाए गए थे. उन्होंने दिसंबर, 2018 में हाईकोर्ट के सामने सरेंडर कर दिया था. इसी मामले में कांग्रेस के ही नेता सज्जन कुमार को भी उम्र कैद की सजा सुनाई गई थी.



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