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फेसबुक ने क्यों बैन की सरदार पटेल की मूर्ति वाली वेबसाइट?

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फेसबुक को स्टैचू ऑफ यूनिटी की वेबसाइट पसंद नहीं है.

कोलंबस घर से निकला था भारत खोजने. लेकिन पहुंच गया अमेरिका. ऐसे ही हम स्टैचू ऑफ यूनिटी में दरार आने का दावा करने वाली एक फेक वायरल पोस्ट की पड़ताल कर रहे थे. पड़ताल करते-करते ये बात पता चली. कि अगर आप किसी को ‘स्टैचू ऑफ यूनिटी’ की वेबसाइट का लिंक फेसबुक मैसेंजर पर भेजने की कोशिश करें, तो ये हो नहीं पाएगा. फेसबुक की तरफ से लाल फॉन्ट में एक मेसेज आएगा. इसमें लिखा होगा-

आपका मेसेज शेयर नहीं किया जा सकता है. क्योंकि ये लिंक हमारे कम्यूनिटी स्टैंडर्ड्स के खिलाफ है.

हमने वेबसाइट के लिंक को फेसबुक मेसेंजर पर किसी को भेजने की कोशिश की. लिखकर आया कि ये मेसेज नहीं भेजा जा सकता है.
हमने वेबसाइट के लिंक को फेसबुक मेसेंजर पर किसी को भेजने की कोशिश की. लिखकर आया कि ये मेसेज नहीं भेजा जा सकता है.

 

ये मेसेज भी आया. इसमें लिखा है कि ये लिंक फेसबुक के कम्युनिटी स्टैंडर्ड्स का उल्लंघन करता है. इसीलिए इसे शेयर नहीं किया जा सकता.
ये मेसेज भी आया. इसमें लिखा है कि ये लिंक फेसबुक के कम्युनिटी स्टैंडर्ड्स का उल्लंघन करता है. इसीलिए इसे शेयर नहीं किया जा सकता.

ये है 'यूनिटी ऑफ स्टैचू' की वेबसाइट का होम पेज.

ये है ‘यूनिटी ऑफ स्टैचू’ की वेबसाइट का होम पेज.

फेसबुक पेज पर शेयर भी नहीं कर सकते हैं
न केवल आप इस वेबसाइट का लिंक फेसबुक पर किसी को नहीं भेज सकते, बल्कि इसे अपने अकाउंट से पोस्ट भी नहीं कर सकते. आप इसे अपने पेज पर भी नहीं शेयर कर सकते हैं. फेसबुक ये बताने के बाद आपसे पूछेगा. कि अगर आपको लगता है कि ये उनके कम्यूनिटी स्टैंडर्ड के खिलाफ नहीं है, तो उन्हें ये बताइए.

आप इसका लिंक अपनी फेसबुक वॉल पर भी शेयर नहीं कर सकते हैं. करने की कोशिश करेंगे, तो ये मेसेज आएगा.
आप इसका लिंक अपनी फेसबुक वॉल पर भी शेयर नहीं कर सकते हैं. करने की कोशिश करेंगे, तो ये मेसेज आएगा.

क्या है फेसबुक का कम्युनिटी स्टैंडर्ड?
ये फेसबुक की एक पॉलिसी है. रोज़ाना दुनिया के कोने-कोने से लोग फेसबुक पर आते हैं. तस्वीरें, फोटोज़ शेयर करते हैं. स्टेटस लिखते हैं. एक-दूसरे से बात करते हैं. इनमें कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो इस प्लेटफॉर्म पर भी जमकर गंद मचाते हैं. गालियां देना. घटिया चीजें शेयर करना. कई बार ऐसी चीजें स्क्रॉल करते समय उनको भी दिख जाती हैं, जो ये सब बेहूदी चीजें देखना और पढ़ना नहीं चाहते. इसीलिए फेसबुक ने कुछ कम्यूनिटी स्टैंडर्ड सेट किए हैं. जैसे, सांप्रदायिक चीजें जो नफरत और हिंसा को भड़काती हैं, उन्हें फेसबुक हटा देता है.

ये फेसबुक के कम्युनिटी स्टैंडर्ड वाला पेज है.
ये फेसबुक के कम्युनिटी स्टैंडर्ड वाला पेज है.

 

किसी लिंक, पोस्ट, वीडियो या तस्वीर को आपत्तिजनक कब माना जाएगा, इसे तय करने के लिए फेसबुक ने अलग-अलग कैटगरी बनाई हुई हैं. बाईं तरफ देखिए, ये कैटगरी क्या-क्या हैं.
किसी लिंक, पोस्ट, वीडियो या तस्वीर को आपत्तिजनक कब माना जाएगा, इसे तय करने के लिए फेसबुक ने अलग-अलग कैटगरी बनाई हुई हैं. बाईं तरफ देखिए, ये कैटगरी क्या-क्या हैं.

किन चीजों को फेसबुक कम्युनिटी स्टैंडर्ड के खिलाफ मानता है?
इसके लिए फेसबुक ने कुछ पैमाना तय किया हुआ है. इसकी कैटगरी हैं-

– हिंसा, क्रिमिनल बर्ताव (ऐसे पोस्ट्स या ऐसा कॉन्टेंट जिससे लोगों को खतरा हो सकता है, या किसी आतंकवादी या आतंकी संगठन का अकाउंट, या फिर ऐसे पोस्ट्स जो हिंसा भड़काते हों)
– सुरक्षा (मसलन ऐसा कॉन्टेंट जो आत्महत्या, हैरेसमेंट, शोषण जैसी चीजों को बढ़ावा देता हो)
– आपत्तिजनक कॉन्टेंट (मसलन ऐसे पोस्ट्स या फोटोज़-वीडियोज़ जो हिंसा के लिए उकसाते हों, किसी समुदाय के प्रति नफरत पैदा करने की कोशिश करते हों)
– सच्चाई और विश्वसनीयता (जैसे, फेक न्यूज)
– इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (किसी और के क्रिएटिव कॉन्टेंट को बिना क्रेडिट दिए, बिना मंजूरी लिए इस्तेमाल करना) का सम्मान
– कॉन्टेंट रिलेटेड रिक्वेस्ट्स (जैसे कोई अपना अकाउंट बंद करना चाहे या किसी इंसान की मौत के बाद उसके परिवार के लोग उसका अकाउंट बंद करवाएं)
– अडिशनल प्रॉटेक्शन ऑफ माइनर्स (मसलन, किसी नाबालिग के अकाउंट को बंद करने की रिक्वेस्ट आए, या कोई ऐसी पोस्ट हो जिसमें बच्चों के साथ हुए शोषण से जुड़ा कुछ आपत्तिजनक हो)

'स्टैचू ऑफ यूनिटी' के होम पेज का नीचे वाला हिस्सा देखिए. भारत सरकार की अलग-अलग वेबसाइट्स के लिंक दिए हुए हैं. कुल मिलाकर वेबसाइट पर ऐसा कुछ नहीं मिला, जिसे आपत्तिजनक कहा जा सके.
‘स्टैचू ऑफ यूनिटी’ के होम पेज का नीचे वाला हिस्सा देखिए. भारत सरकार की अलग-अलग वेबसाइट्स के लिंक दिए हुए हैं. कुल मिलाकर वेबसाइट पर ऐसा कुछ नहीं मिला, जिसे आपत्तिजनक कहा जा सके.

‘स्टैचू ऑफ यूनिटी’ की वेबसाइट में आपत्तिजनक क्या है?
हमने फेसबुक के कम्यूनिटी स्टैंडर्ड्स को अच्छी तरह पढ़ा. एक भी ऐसी कैटगरी नहीं है, जिनके मुताबिक ‘स्टैचू ऑफ यूनिटी’ की वेबसाइट को कम्युनिटी स्टैंडर्ड्स के खिलाफ माना जाए.


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