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आईफोन होने से इतनी बड़ी दिक्कत आएगी, ब्रिटेन में रहने वालों ने नहीं सोचा होगा

यूरोप. जीवन की सुगमता के लिए प्रख़्यात महाद्वीप. वहां थर्ड वर्ल्ड की चुनौतियां नहीं हैं. रोटी-पानी का मसला लगभग हल है. तो अब यहां के लोग पर्यावरण के लिए चिंतित होते हैं. स्कूल-कॉलेजों में पर्यावरण बचाने के लिए धरने-प्रदर्शन होते हैं. लेकिन बीते 3 साल से यूरोप अशांत है. इसका कारण है एक शब्द. ब्रेग्ज़िट. जो अपने आप में ही अलग रायता है. ब्रेग्ज़िट का मतलब है ब्रिटेन का यूरोपियन संघ से बाहर जाना. इसके लिए 31 अक्टूबर 2019 की तारीख मुकर्रर हुई है. यानी, इस तारीख तक ब्रिटेन यूरोपीय संघ से बाहर हो जाएगा.

हाथ में ग्लास पकड़े खड़ी हैं एंजेला मर्केल. जर्मनी की चांसलर. इन्हें यूरोपियन संघ की सबसे ताक़तवर नेता माना जाता है.
हाथ में ग्लास पकड़े खड़ी हैं एंजेला मर्केल. जर्मनी की चांसलर. इन्हें यूरोपियन संघ की सबसे ताक़तवर नेता माना जाता है.

लेकिन वहां की सरकार एक अजब समस्या में पड़ गई है. समस्या इतनी भी बड़ी नहीं है. जैसे कि कुछ दिन पहले वहां प्रधानमंत्री ने अपना पद छोड़ा और नया प्रधानमंत्री आया. ऐसी समस्या नहीं है. टेक्नोलॉजी से जुड़ी समस्या है.

फोन दुनिया को मुट्ठी में समा देने की कुव्वत रखता है. लेकिन इसकी भी सीमा है जी.
फोन दुनिया को मुट्ठी में समा देने की कुव्वत रखता है. लेकिन इसकी भी सीमा है जी.

फाइनेंशल टाइम्स के मुताबिक, ब्रिटेन में रह रहे लोगों को ब्रेग्ज़िट के बाद ब्रिटेन में रहने के लिए सरकार के पास अप्लाई करना होगा. और दिक्कत यह है कि जिस मोबाइल ऐप्लीकेशन से अप्लाई करना है, वो सिर्फ एंड्रॉयड स्मार्टफोन के लिए उपलब्ध है. यानी, आईफोन यूजर्स के लिए नहीं. ऐप्पल के ऐप स्टोर पर उपलब्ध नहीं है ये.

ब्रिटेन की सरकार वहां रहने के लिए पहचान पत्र समेत जो ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स मांग रही है, उन्हें सरकारी दफ्तर में जल्द से जल्द जमा करवाना होगा. इस काम में एंड्राइड ऐप बहुत बड़ी मदद साबित हो रही है. लोगों को इससे काफी सहूलियत है. घर बैठे-बैठे ही डॉक्यूमेंट्स जमा करवा सकते हैं. लेकिन ऐप्पल यूज़र्स के लिए ऐप ना होने से उन्हें दफ्तरों में भटकना पड़ेगा.

28 देशों के संघ यूरोपियन यूनियन का झंडा नीले रंग में सामने फहरा रहा है. ये तस्वीर लंदन के बिग बेन क्लॉक के सामने है. उम्मीद की जा रही है 31 अक्तूबर के बाद ये यहां से उतर जाएगा.
28 देशों के संघ यूरोपियन यूनियन का झंडा नीले रंग में सामने फहरा रहा है. ये तस्वीर लंदन के बिग बेन क्लॉक के सामने है. उम्मीद की जा रही है 31 अक्तूबर के बाद ये यहां से उतर जाएगा.

ब्रिटेन सरकार ने अपनी साइट पर सेटलमेंट स्कीम के लिए कहा है कि-

‘ब्रेग्ज़िट डॉक्यूमेंट आईडी चेक’ के काग़ज़ात स्कैन करने के लिए लोग एंड्राइड ऐप का इस्तेमाल करें. जिन लोगों के पास एंड्रॉयड नहीं है या जो आईफोन यूजर हैं उन्हें या तो सभी कागजात खुद दफ्तर में जमा करने होंगे या फिर डाक के माध्यम से भेजने होंगे.’

ब्रिटेन के गृह मंत्रालय का कहना है कि वो आईफोन ऐप पर काम कर रहे हैं.

चूंकि, ब्रेग्ज़िट के लिए अब सिर्फ दो ही महीने बचे हैं. इसलिए कोई भी रिस्क नहीं लेना चाहता. सरकार ने सलाह दी है कि लोग आईफोन ऐप आने तक तो एंड्रॉयड फोन उधार लेकर काम चलाएं या फिर खुद दफ्तरों में आकर जरूरी दस्तावेज़ जमा कराएं.

ये फ्रांस में पूरी हुए हालिया G7 समिट में की हैं. प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के कई रूप.
प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के कई रूप.

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने साफ किया है कि ब्रेग्ज़िट के लिए 31 अक्टूबर, 2019 तय है, उसी दिन ब्रिटेन यूरोपियन संघ छोड़ देगा. ऐसी उम्मीद की जा रही थी कि यूरोपियन संघ के साथ किसी तरह की फायदेमंद डील करने के बाद ही ब्रिटेन यूरोपियन संघ को छोड़ेगा. लेकिन प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने साफ किया है कि

डील होती है तब ठीक, नहीं होती तब ठीक. तारीख तय है. 31 अक्टूबर को ब्रिटेन यूरोपीय संघ छोड़ देगा और उसी दिन यूरोपियन संघ के नागरिकों का ब्रिटेन में बिना रोक-टोक आवागमन बंद हो जाएगा.

हालांकि गृह मंत्रालय की बात इससे उलट है. उसके मुताबिक, यूरोपियन संघ के नागरिकों को ब्रिटेन में सेटल होने के लिए दिसंबर 2020 तक की डेडलाइन दी गई है.

ब्रेग्ज़िट में कई पेच हैं. विपक्षी लेबर पार्टी के जेरेमी कोर्बेन इस तस्वीर में फोकस में हैं. बोरिस जॉनसन बहुत कम मेजोरिटी के साथ सत्ता में हैं.
ब्रेग्ज़िट में कई पेच हैं. विपक्षी लेबर पार्टी के जेरेमी कोर्बेन इस तस्वीर में फोकस में हैं. बोरिस जॉनसन बहुत कम मेजोरिटी के साथ सत्ता में हैं.

यूरोपीय संघ के ब्रिटेन में रह रहे 3.6 मिलियन लोगों में से सिर्फ 1 मिलियन लोगों ने ही इसमें अब तक अप्लाई किया है. G7 में यूरोप और दुनिया के शीर्ष नेताओं से मुलाकात के बाद बोरिस जॉनसन ने बार-बार यही दोहराया है कि ब्रिटेन यूरोपियन संघ से बाहर निकलने के लिए प्रतिबद्ध है. देखना होगा कि आने वाले 2 महीनों में ब्रिटेन की सरकार लोगों को आ रही समस्याओं का कैसे हल निकालती है. खास तौर पर ये एंड्रॉयड ऐप वाली का हल.


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