Submit your post

Follow Us

भीमा-कोरेगांव मामले में NIA ने किन-किन लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर को भीमा कोरेगांव मामले में आठ लोगों के खिलाफ मुंबई की अदालत में चार्जशीट दायर की है. चार्जशीट में जिन लोगों ने नाम हैं, वो हैं- गोवा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के प्रोफेसर आनंद तेलतुंबडे, सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा, दिल्ली विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर हनी बाबू, कबीर कला मंच के तीन कलाकार- सागर गोरखे, रमेश गाइछोर और उनकी पत्नी ज्योति जगताप. इसके अलावा सामाजिक कार्यकर्ता फादर स्टेन स्वामी और मिलिंद तेलतुंबडे का नाम है.

कौन, कब गिरफ्तार किए गए

एनआईए के मुताबिक, प्रोफेसर हानी बाबू नक्सल गतिविधियों और नक्सली विचारधारा का लगातार समर्थन कर रहे थे. बाबू को इसी साल जुलाई में गिरफ्तार किया गया था. उसके बाद एनआईए ने गौतम नवलखा और आनंद तेलतुंबड़े को गिरफ्तार किया था.

एनआईए की चार्जशीट में शाम‍िल गौतम नवलखा ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इसी साल अप्रैल महीने में राष्ट्रीय जांच एजेंसी के सामने आत्मसमर्पण किया था.

गाइछोर, जगताप और गोरखे को सितंबर के शुरू में गिरफ्तार किया गया था. इन सभी के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के अलावा कड़े गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

वहीं 83 साल के झारखंड बेस्ड सामाजिक कार्यकर्ता स्टेन स्वामी, जिन्हें गुरुवार, 8 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था, उन्हें रांची से मुंबई लाया गया और शुक्रवार दोपहर 1.30 बजे अदालत में पेश किया गया. अदालत ने उन्हें 23 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने का निर्देश दिया है. उन्हें तलोजा केंद्रीय जेल में रखा जाएगा.

क्या है पूरा मामला

महाराष्ट्र में पुणे के भीमा कोरेगांव में 1 जनवरी, 2018 को दलित समुदाय के लोगों का एक कार्यक्रम हुआ था. इस दौरान हिंसा हुई. भीड़ ने तमाम वाहन जला दिए थे. दुकानों-मकानों में तोड़फोड़ की गई थी. हिंसा में एक शख्स की मौत हुई, कई लोग जख्मी हो गए. इल्ज़ाम लगा कि महाराष्ट्र की अगड़ी जातियों के लोगों ने जलसे पर हमला किया. इसके बाद पुणे और आसपास के इलाकों में दलित गुटों के प्रदर्शन, हुए जिस दौरान हिंसा हुई.

पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. पुलिस की थ्योरी थी कि 1 जनवरी, 2018 से शुरू हुई हिंसा पूरी प्लानिंग के साथ की गई थी. इसके तहत भीमा कोरेगांव में 31 दिसंबर, 2017 को यलगार परिषद की एक बैठक हुई. इसी बैठक में दिए भाषणों के चलते हिंसा हुई. परिषद से संबंध के आरोप में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया.

पुणे पुलिस ने दो साल इस मामले की जांच की. इसके बाद इसी साल जनवरी में केस एनआईए को सौंप दिया गया. इस एजेंसी ने दावा किया कि आरोपियों के लैपटॉप और कम्प्यूटर से लेटर और अन्य डॉक्यूमेंट मिले, जिससे पता चलता है कि उनका संबंध बैन किए गए ग्रुप से है. वहीं जिन आरोपियों पर माओवादी से लिंक का आरोप लगा, उन्होंने इससे इनकार किया.


मुंबई पुलिस ने TRP रैकेट में रिपब्लिक टीवी का नाम लिया, अर्नब गोस्वामी का रिप्लाई आया है

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

टॉप खबर

नेमावर हत्याकांड: आरोपी सुरेंद्र चौहान की प्रॉपर्टी पर चली जेसीबी, CBI जांच की मांग उठी

कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा नेता होने के चलते सुरेंद्र चौहान को इस मामले में संरक्षण मिला.

जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर धमाका, DGP दिलबाग सिंह बोले-ड्रोन से हुआ हमला

दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है.

आंदोलन के सात महीने पूरे, किसानों ने देशभर में राज्यपालों को सौंपे ज्ञापन,कुछ जगहों पर झड़प

चंडीगढ़ और पंचकुला में बवाल.

कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ही नहीं, शशि थरूर का अकाउंट भी लॉक कर दिया था ट्विटर ने

ट्विटर ने क्या वजह बताई?

एक्ट्रेस पायल रोहतगी को अहमदाबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया

मामला एक वायरल वीडियो से जुड़ा है.

CBSE और ICSE की परीक्षाएं रद्द करने के खिलाफ याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किया

नंबर देने के फॉर्मूले से सुप्रीम कोर्ट भी सहमत.

LJP में कलह की वजह बताए जा रहे सौरभ पांडेय के बारे में रामविलास पासवान ने चिट्ठी में क्या लिखा था?

चिराग को राजनीति में आने की सलाह किसने दी थी?

सरकार फिल्मों के सर्टिफिकेशन में क्या बदलाव करने जा रही, जो फ़िल्ममेकर्स की आज़ादी छीन सकता है?

कुछ वक़्त से लगातार हो रहे हैं फ़ेरबदल.

यूनिवर्सिटी-कॉलेजों में लग रहे 'थैंक्यू मोदी' के बैनर पर बवाल क्यों हो रहा है?

क्या यूनिवर्सिटीज़ और कॉलेजों को सरकारी प्रचार के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है?

ये किन दो नेताओं को चुनाव से ठीक पहले योगी आदित्यनाथ ने बड़ा काम दे दिया है?

कौन हैं रामबाबू हरित और जसवंत सैनी?