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नितिन गडकरी ने कहा-20 लाख नहीं 50 लाख करोड़ रुपये का पैकेज है

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला साल पूरा हो गया. इस मौके पर सड़क परिवहन, हाइवे और लघु उद्योग मंत्री नितिन गडकरी ई-एजेंडा आज तक में शामिल हुए. यहां उन्होंने सरकार के कामकाज पर बात की. उन्होंने कहा कि जब से मोदी सरकार बनी है तबसे हर रोज नया काम हो रहा है. सरकार के काम के चलते देश की आन-बान और सम्मान पूरी दुनिया में बढ़ा है. गडकरी ने कहा कि देश के सामने कई संकट भी आए. लेकिन संकट को अवसर में बदलना ही नेतृत्व की परीक्षा होती है.

गडकरी ने और क्या कहा

’20 लाख नहीं 50 लाख करोड़ रुपये का पैकेज’

20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज पर गडकरी ने कहा कि यह 50 लाख करोड़ का पैकेज है. 20 लाख करोड़ केंद्र और राज्य सरकार के बजट से इकोनॉमी में आएंगे. 10 लाख करोड़ पब्लिक-प्राइवेट सेक्टर से आएंगे. इसके अलावा विदेशी निवेश से लाने की कोशिश होगी. यह निवेश शेयर मार्केट से भी आएगा. इससे परचेजिंग पावर बढ़ेगी. इससे ग्रोथ रेट बढ़ेगी और रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे.

 

मजदूरों के घर लौटने पर

गडकरी ने कहा कि पूरी इंडस्ट्री प्रवासी मजदूरों पर ही निर्भर नहीं है. 10 से 20 फीसदी ही प्रवासी मजदूर हैं. शेष स्थानीय मजदूर भी हैं. और सभी लोग गए भी नहीं है. उद्योगों से भी बात हुई है. उन्होंने बताया है कि श्रमिक आने को तैयार हैं. कई कंपनियों में रहने और खाने के इंतजाम भी हैं. उनसे संबंधित जिलाधिकारियों को पत्र भिजवाने के लिए कहा है. जिलाधिकारियों की सहमति से मजदूरों को वापस लाया जाए और काम चालू हो.

ऑटो सेक्टर हांफ रहा है. कहां है सरकार की स्क्रैपिंग पॉलिसी?

गडकरी ने कहा कि ऑटो सेक्टर 4.5 लाख करोड़ का कारोबार है. इसमें 1.45 लाख करोड़ का एक्सपोर्ट है. उन्होंने डॉलर के मुकाबले रुपये के गिरने से एक्सपोर्ट करने वालों को फायदे की बात कही. पुराने गाड़ियों को हटाने या नष्ट करने यानी स्क्रैपिंग पॉलिसी के बारे में उन्होंने कहा,

मैं दो साल से इस बारे में कह रहा हूं. मैं उसे नहीं ला पाया. उसे लाने से काफी फर्क पड़ेगा. उसे लाने से एल्युमिनियम, कॉपर, रबर, प्लास्टिक जैसे रॉ मटीरियल की रिसाइक्लिंग होगी. इससे स्पेयर पार्ट की कॉस्ट 40 से 50 प्रतिशत तक कम हो जाएगी. ऐसे में विश्व बाजार में हम अधिक प्रतिस्पर्धा कर पाएंगे. भारत को पांच साल में नंबर एक मैन्यूफैक्चरिंग सेंटर बनाने का लक्ष्य है.

उन्होंने कहा कि वह एक तारीख को दिल्ली आ रहे हैं. यहां पर 10-15 दिन में स्क्रैपिंग पॉलिसी को तैयार कराके इस पर काम शुरू कराएंगे.

क्या महाराष्ट्र सरकार 5 साल का कार्यकाल पूरा करेगी?

इस सवाल पर गडकरी ने कहा कि हर सरकार अपने हिसाब से चलती है. विपक्ष का काम होता है टीका-टिप्पणी करना. देश अभी गंभीर संकट से गुजर रहा है. कोरोना है. आर्थिक संकट है. गांव, गरीब, मजदूर, किसान बहुत दुखी है. अभी सभी नेताओं और दलों को खुशहाली के लिए काम करना चाहिए. थोड़े दिन राजनीति को रोके.

उन्होंने आगे कहा,

मेरा महाराष्ट्र की राजनीति में कोई रोल नहीं है. महाराष्ट्र की राजनीति में ज्यादा मतलब भी नहीं है. कॉन्टेक्ट भी नहीं है. मैं दिल्ली में ही रहता हूं. मुंबई में मेरा ज्यादा जाना भी नहीं है. पीएम ने जिन जिलों की जिम्मेदारी दी है, उनका काम देखता हूं. बाकी राजनीति के बारे में मुझे पता नहीं. 


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