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ट्रेन के बाद अब फ़्लाइट शुरू होगी तो यात्रा के क्या नियम होंगे?

जिस तरह से लॉकडाउन में ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया, उसी तरह से अब घरेलू फ़्लाइट सेवा की शुरुआत भी की जा सकती है. इसके लिए देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर तैयारी कर ली गयी है. कई सूत्रों से आ रही ख़बरों की मानें तो 17 मई को लॉकडाउन ख़त्म होने के पहले ही फ़्लाइट सेवा को शुरू करने की घोषणा की जा सकती है.

दी हिंदू में छपी ख़बर की मानें तो केंद्र सरकार से जुड़े सूत्रों ने बताया है कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के साथ ही ये भी देखना होगा कि कितने राज्य इसमें सहयोग करने के लिए तैयार होते हैं. क्योंकि कल यानी 11 मई को प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई मीटिंग में कुछ राज्यों ने अपने यहां रेल और हवाई यात्रा को न शुरू करने की मांग की थी. 

इसके साथ ही एयरलाइंस कम्पनियों ने सरकार के इस प्रस्ताव पर पहले ही आपत्ति जताई थी कि इकॉनमी क्लास में बीच की सीट को ख़ाली रखकर हवाईजहाज़ संचालित करने होंगे. ख़बरों की मानें तो सरकार दम्मी साधकर इस बात पर राज़ी हो गयी है कि बीच की सीट पर भी यात्री सवार रहेंगे.

सूत्रों ने ये भी बताया है कि देश के उन हिस्सों के बीच फ़्लाइट संचालित की जाएगी, जहां कोरोना के केस कम हैं और संक्रमण फैलने का ख़तरा कम है. ये भी कहना है कि बाहर फ़ंसे भारतीयों को देश में लाने के लिए जो मिशन वन्दे भारत चलाया जा रहा है, उसके लिए पहले ही देश के भिन्न-भिन्न राज्यों के एयरपोर्ट्स को कोरोना के लिए तैयार किया गया है. ऐसे में अंतर्देशीय यात्रा शुरू करने के पहले हवाईअड्डों पर कुछ ख़ास इंतज़ाम करने की ज़रूरत नहीं होगी. 

इन बातों के साथ ही नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरलाइंस कम्पनियों और एयरपोर्ट ऑपरेटरों के साथ एक SOP यानी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर साझा किया है. SOP यानी किस तरीक़े से एयरपोर्ट और हवाईजहाज़ों में नियम-क़ानून का पालन किया जाएगा. इस SOP पर कम्पनियों और ऑपरेटरों से राय मांगी गयी है. अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स और टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने प्रकाशित किया है. इसके कुछ ख़ास बिंदु हम साझा कर रहे हैं.

# एयरपोर्ट पर आने वाले सभी यात्रियों और कर्मचारियों को आरोग्य सेतु ऐप इंस्टॉल करना होगा. ऐप में अगर स्टेटस ग्रीन दिखाएगा, तभी एयरपोर्ट में एंट्री मिलेगी. 

# ऐसा कहा जा रहा है कि यात्रियों को एयरपोर्ट के गेट पर अपनी ID नहीं दिखानी होगी. जिससे गेट पर भीड़ कम करने में मदद मिलेगी. 

# यात्रियों से वेब चेकिन करने को भी कहा जा सकता है. इस वजह से एयरपोर्ट के भीतर एयरलाइन के काउंटर पर भीड़ कम हो सकती है. 

# SOP में ये भी सुझाया गया है कि यात्री केबिन लगेज नहीं रख सकेंगे. केवल कार्गो में लगेज जा सकेगा. 

# 80 साल के ज़्यादा उम्र के लोगों को यात्रा करने की इजाज़त नहीं दी जाएगी.

# एयरपोर्ट में घुसने के पहले स्क्रीनिंग की जाएगी. अगर लक्षण दिखाई देते हैं तो आगे यात्रा करने से रोक दिया जाएगा. इसके बाद बोर्डिंग गेट पर भी स्क्रीनिंग की जाएगी. यहां पर भी दिक़्क़त हुई तो आगे जाने से रोक दिया जाएगा. लेकिन अगर किसी को औचक स्वास्थ्य कारणों से यात्रा करने से रोका जाता है, तो उसकी टिकट को आगे की तारीख़ों में बढ़ाया जा सकता है. एयरलाइंस कम्पनियों से कहा गया है कि वो ऐसे यात्रियों का डाटा सुरक्षित रखें.

# यात्रा के पहले सभी लोगों से एक काफ़ी लम्बा फ़ॉर्म भरवाया जाएगा. इसमें उन्हें नए नियमों से परिचित कराया जाएगा, और उनके बारे में सारी जानकारी मांगी जाएगी. अगर पिछले 1 महीने में उन्हें क्वॉरंटीन किया गया है, तो एयरपोर्ट पर उनकी सुरक्षा जांच अलग से होगी.

# एयरपोर्ट पर मेडिकल जांच के लिए केबिन और क्वॉरंटीन करने की सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी.

# एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच के लिए भी नियम बदले जा सकते हैं. गहन और क़रीब से जांच कम की जाएगी. अगर मेटल डिटेक्टर गेट बीप करेगा, तभी यात्रियों की गहन जांच की जाएगी. 

# जो फ़्लाइट क्रू और कप्तान एक एयरक्राफ़्ट को उड़ा रहा है, उसी क्रू-कप्तान को लगातार उसी एयरक्राफ़्ट में काम करना होगा. इससे इन्फ़ेक्शन फैलने का ख़तरा कम रहेगा. 

# छोटी दूरी की यात्रा में खाना नहीं दिया जाएगा. बोतलबंद पानी एयरपोर्ट पर उपलब्ध रहेगा. 

# एयरपोर्ट में हाथ धोने और सैनिटाइज करने के लिए स्टेशन-बूथ की व्यवस्था भी रहेगी.

# फ़्लाइट में सीटों की आख़िरी की तीन लाइनें ख़ाली रहेंगी. अगर किसी यात्री की तबीयत यात्रा के दौरान ख़राब होती है, तो उसे इन तीन सीटों पर लिटाया जा सकता है.

# क्रू को PPE सूट पहनना होगा. इसके लिए एयरलाइन कम्पनियों को ठीकठाक मात्रा में PPE किट देने की बात भी की गयी है. 


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