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कोरोना के कारण पड़ोसी परेशान करते थे, डॉक्टर ने कहा- कुत्ते के साथ होटल में रह लूंगा

डॉक्टर मणि शंकर माधव. इस वक्त अपने पालतू कुत्ते के साथ OYO होटल के एक कमरे में रहने पर मजबूर हैं. क्योंकि उनकी सोसायटी वाले उन्हें ‘कोरोना कैरियर’ समझकर भेदभाव कर रहे थे. सोसायटी वालों के इस रवैये से दुखी होकर डॉक्टर माधव ने अपना घर छोड़ दिया और होटल में रहने चले गए.

डॉक्टर माधव, मदन मोहन मालवीय अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर हैं. उनका घर द्वारका में है और वो लाजपत नगर के होटल में रह रहे हैं. ‘इंडिया टुडे’ से जुड़ी मौसमी सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक, डॉक्टर माधव का कहना है,

‘मैं OYO रूम में रह रहा हूं. दो दिन पहले अपने पालतू कुत्ते के साथ यहां आया हूं. लॉकडाउन खत्म होने तक मैं यहीं से अस्पताल जाऊंगा. मेरे ऊपर ‘कोरोना कैरियर’ का लेबल लगा दिया गय. मेरे पड़ोसी मुझे इग्नोर करते थे. मुझे अपमानित महसूस होता था. मैं दुखी था. उन्होंने मेरी डोमेस्टिक हेल्प तक को कॉम्प्लेक्स में नहीं आने दिया.’

रिपोर्ट निगेटिव आई थी, फिर भी

‘द हिंदू’ की रिपोर्ट के मुताबिक, 16 मार्च से 31 मार्च तक डॉक्टर माधव की ड्यूटी राजीव गांधी सुपर स्पशलिटी अस्पताल के कोविड-19 वॉर्ड में लगी थी. उसके बाद वो क्वारंटीन भी रहे थे. उनके तीन कलीग्स कोरोना पॉजिटिव आए थे, जिसके बाद डॉक्टर माधव का भी टेस्ट हुआ, रिपोर्ट निगेटिव आई. उनका कहना है कि रिपोर्ट निगेटिव होने के बाद भी सोसायटी वाले उनके साथ अच्छा बर्ताव नहीं कर रहे थे. वो कहते हैं,

‘करीब एक महीने से मेरे साथ बुरा बर्ताव हो रहा है. क्योंकि मैं कोविड-19 के मरीज़ों के आस-पास रहा था. मैं जिस लिफ्ट से जाता था, उसमें वो नहीं आते. मुझसे ये भी कहा गया कि मैं अपार्टमेंट के मेन गेट को टच न करूं. मैं जहां भी जाता, लोग वहां से अपना डायरेक्शन ही बदल देते.’

डॉक्टर माधव की पत्नी भी डॉक्टर हैं. दोनों को काम पर जाना पड़ता है. लंबी शिफ्ट्स लगती हैं. इस वजह से उनके पास खुद के लिए खाना बनाने का भी वक्त नहीं होता. लॉकडाउन-3 में सरकार ने डोमेस्टिक हेल्प को काम पर जाने की परमिशन दे दी, लेकिन डॉक्टर माधव की सोसायटी वालों ने उनकी डोमेस्टिक हेल्प को आने की परमिशन नहीं दी. डॉक्टर के मुताबिक, उनसे कहा गया कि वो अपनी डोमेस्टिक हेल्प को अपने घर पर ही रखें.

डॉक्टर माधव ने पुलिस से शिकायत भी की थी. जब वो OYO होटल गए रहने के लिए, तब कुछ अधिकारी उन्हें वापस लाने के लिए भी वहां गए भी थे, लेकिन डॉक्टर माधव का कहना है कि वो सोसायटी में होने वाला अपमान नहीं सहन कर सकते, इसिलए लॉकडाउन खत्म होने तक वहीं रहेंगे. OYO ने भी ट्वीट करके डॉक्टर का स्वागत किया है.

वहीं सोसायटी के मैनेजमेंट का कहना है कि उन्होंने डॉक्टर माधव से किसी तरह का बुरा बर्ताव नहीं किया.


वीडियो देखें: कोरोना संक्रमण के दौर में भी इस राज्य के सैकड़ों डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ ड्यूटी नहीं कर रहे!

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