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ऋषि कपूर और इरफ़ान की मौत से क्या जरूरी बात सीखने के लिए कहा धर्मेंद्र ने

इरफ़ान और ऋषि कपूर के गुज़रने पर हिंदी सिनेमा के दिग्गज कलाकार धर्मेंद्र ने भी रिएक्ट किया है. सबसे पहले उन्होंने 29 अप्रैल के दिन इरफ़ान के लिए कहा था –

“इरफ़ान के साथ कभी-कभार की मुलाक़ात हमेशा स्नेहपूर्ण होती थीं. जब से उसकी बीमारी के बारे में सुना था, मैं उसकी सेहत के लिए प्रार्थना करता था. उसकी बेवक़्त मौत के बारे में सुनकर उदास हूं. उसके परिवार को दिल से दिलासा देता हूं. भगवान् उन्हें इस मुश्किल समय में ताकत दे. इरफ़ान, तुझे जन्नत नसीब हो.” 

अगले दिन 30 अप्रैल को ऋषि कपूर के निधन की ख़बर आई तो धर्मेंद्र ने याद करते हुए ट्वीट किया –

“सदमे के बाद सदमा, ऋषि भी चला गया. उसने कैंसर से बहादुरी से लड़ाई लड़ी. वह मेरे लिए बेटे जैसा था. मैं बहुत उदास हूं. टूट गया हूं. उसके परिवार के लिए दुआ करता हूं.”

 

धर्मेंद्र के कहने से किया था ऋषि ने फिल्म में गैस्ट रोल

अब धर्मेंद्र ने न्यूज़ एजेंसी पीटीआई से बात की है. इसमें उन्होंने कहा कि वे भारतीय सिनेमा के इन दो दिग्गज एक्टर्स के चले जाने से बहुत दुखी हैं –

“कल से एक अजीब सा सन्नाटा है. एक खालीपन महसूस कर रहा हूं. पहले इरफ़ान के जाने से, और अब कपूर. मन में गहरी उदासी छाई है. उन दोनों ने कैंसर से एक लंबी और मुश्किल लड़ाई लड़ी. लग रहा था कि वे ठीक हो जाएंगे. दोनों ही बेमिसाल एक्टर हैं. दोनों ने ही  फिर से काम करना शुरू कर दिया, और अचानक से चले गए. दिल को धक्का लगा है.” 

धर्मेंद्र ने ऋषि कपूर के साथ बहुत सी फिल्मों में काम किया है. ‘सितमगर’, ‘क़ातिलों के क़ातिल’, ‘टैल मी ओ खुदा’. लेकिन उनका नाता फिल्मों से भी गहरा था. उन्होंने कहा कि वे ऋषि को कभी नहीं भूल पाएंगे.

“वह एक बहुत खुशमिजाज़ इंसान था. मेरे लिए एक बेटे की तरह था. हम दोस्त थे, लेकिन वह मेरी बात सुनता था, और मेरी बहुत इज़्ज़त करता था. जैसा सनी और बॉबी के साथ है. एक फिल्म थी ‘नौकर बीवी का’. जिसमें उसने एक गैस्ट रोल किया था. उसने किया क्योंकि मैंने उसे कहा था, और इसके लिए उसने कोई रुपया नहीं लिया.” 

उन्होंने कहा कि कि मौत को टाला नहीं जा सकता. लेकिन जो लोग चले गए, हमें उनकी ज़िंदगी से कुछ सीखना चाहिए.

“जब परिवार में कोई पैदा होता है, तो हम सब खुश होते हैं. लेकिन जब कोई चला जाता है, तो हम शोक मनाते हैं और रोते हैं. हम मौत से कुछ भी सीखते नहीं हैं. मुझे लगता है कि हरेक मौत हमें कुछ सिखाती है. प्यार से साथ रहना और एकता रखना ही सब कुछ है, लेकिन हम सब यह भूल जाते हैं.”

Dharmendra Rishi Kapoor
फिल्म ‘टैल मी ओ खुदा’ के सीन में विनोद खन्ना, धर्मेंद्र और ऋषि कपूर

काले बादलों में सूरज की किरण

लॉकडाउन में धर्मेंद्र अपने लोनावला वाले फार्महाउस पर हैं. उन्होंने कोरोना लॉकडाउन पर भी अपने विचार साझा किए. प्रदूषण के कम होने की तरफ ध्यान खींचते हुए बोले –

“लॉकडाउन की वजह से प्रदूषण नहीं है. इतनी ताज़ा हवा है. आसमान साफ़ है. सबकुछ खूबसूरत दिख रहा है. मैं यह देखकर बहुत खुश हूं. यह मुझे पुराने समय की याद दिला रहा है कि हम कैसे जीते थे. हमें लॉकडाउन को सकारात्मक रूप से लेना चाहिए.”

उन्होंने बताया कि जब वे फिल्में करते हैं, तो शहर चले जाते हैं. वर्ना वहां अपने फार्महाउस में खुश रहते हैं. अपनी ज़िंदगी का मकसद बताया कि –

“मेरा जन्म हुआ है ख़ुशी देने के लिए, मनोरंजन करने के लिए और सब लोगों को प्रेरित करने के लिए.”  

Dharmendra Rishi Vintage
धर्मेंद्र, शत्रुघ्न सिन्हा और ऋषि कपूर की एक पुरानी तस्वीर (फोटो: मिथिकल इंडिया पिंटरेस्ट)

लालच ना हो, तो कम भी ज़्यादा होता है

उन्होंने कोरोना महामारी को इंसानों की गलती का परिणाम बताया. इससे ज़िंदगी भर के लिए सीख लेने के लिए कहा –

“यह धरती मां ने हमारे गाल पर ज़ोरदार थप्पड़ मारा है. हमें प्रकृति से प्यार करना चाहिए. उसे बढ़ावा देना चाहिए. वायरस हम लोगों की वजह से आया है. हम अपने ही हाथों यह भुगत रहे हैं. उम्मीद करता हूं कि लोग समझें, और गैर-जरूरी चीज़ों को कम करें. लालची ना होकर जो अपने पास है, उसमें खुश रहें. कम हमेशा अच्छा होता है. सब लोगों को सादा जीवन अपनाना चाहिए. यह ज़िंदगी भर की एक सीख है.” 

धर्मेंद्र 84 साल के हो चुके हैं. उन्हें आखिरी बार 2018 की फिल्म ‘यमला पगला दीवाना: फिर से” में देखा गया. उनके बेटे एक्टर्स सनी और बॉबी देओल ने भी इस फिल्म में उनके साथ एक्टिंग की थी. अब वे अपने फार्महाउस में प्राकृतिक तरीके से सब्ज़ियां उगाते हैं. इंस्टाग्राम पर अपने फैंस से बातचीत करते रहते हैं. उनकी यह वीडियो देखिए –


वीडियो देखें – पोते करण देओल की फिल्म पल-पल दिल के पास की वजह से मुमकिन हो पाया है

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