Submit your post

Follow Us

ब्लैक फंगस के इलाज में काम आ रहा इंजेक्शन सस्ता होगा, हाईकोर्ट ने सरकार को क्या निर्देश दिए हैं?

म्यूकरमाइकोसिस. इसे ब्लैक फंगस भी कहा जाता है. ये एक फंगल इन्फेक्शन है. देश में इसके मरीज लगातार बढ़ रहे हैं. लगातार ऐसी रिपोर्ट्स आ रही हैं कि लोग कोविड से लड़ते हुए ब्लैक फंगस के शिकार हो रहे हैं, जिससे उनकी आंखें खराब हो रही हैं. दिमाग और शरीर के कई अंगोंं पर असर पड़ रहा है. ब्लैक फंगस के मरीज इतने बढ़ रहे हैं कि इसके इलाज में काम आने वाली दवा की किल्लत हो गई है. इसका इंजेक्शन विदेश से आ रहा है. 27 मई को दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि इस दवा के इंपोर्ट पर लगने वाली ड्यूटी और टैक्स सरकार को हटा देने चाहिए.

आयात से इंपोर्ट ड्यूटी-टैक्स हटाए सरकार

ब्लैक फंगस के इलाज में इस्तेमाल हो रहे इस इंजेक्शन का नाम है एम्फोटेरिसिन-बी. हाईकोर्ट ने 27 मई को सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार से पूछा कि इस पर इम्पोर्ट ड्यूटी इतनी अधिक क्यों हैं, जबकि यही दवा जान बचाने के काम आ रही है. सरकार एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन के आयात पर से इंपोर्ट ड्यूटी और टैक्स हटाए.

दिल्ली हाईकोर्ट ने ये भी कहा कि अगर कोई व्यक्ति ब्लैक फंगस से जुड़ी दवाइयों को विदेश से मंगाता है, तो उससे फिलहाल सिर्फ एक बॉन्ड लिया जाए. बॉन्ड इस बात का कि अगर सरकार इसके आयात पर से ड्यूटी और टैक्स नहीं हटाती तो वो इन्हें भरेगा. कोर्ट ने आगे कहा कि जिंदगियां बचाने के लिए इसकी ज़रूरत है. केंद्र सरकार को सीमित वक्त के लिए ही सही, दवा की इम्पोर्ट ड्यूटी में पूरी तरह से छूट देनी चाहिए.

न्यूज़ एजेंसी ANI का यह ट्वीट देखिए.

केंद्र सरकार की ओर से हाईकोर्ट में कहा गया कि इस बात को CBDT और वित्त मंत्रालय तक पहुंचाया जाएगा. अगले एक-दो दिन में इस पर फैसला हो जाएगा. इस इंजेक्शन पर कितनी इंपोर्ट ड्यूटी लगती है, इसे लेकर कोर्ट में वकीलों ने अलग-अलग बातें कहीं. एक वकील का कहना था कि दवा पर 27 पर्सेंट इंपोर्ट ड्यूटी लगती है. वहीं दूसरे वकील ने कहा कि ये 78 फीसदी तक है. केंद्र सरकार के वकील ने कहा कि उन्हें ये ठीक से नहीं पता कि इस दवा पर कितनी इंपोर्ट ड्यूटी है. वह सरकार से पता करके कोर्ट को बताएंगे.

एक और कंपनी ने शुरू किया प्रोडक्शन

हाईकोर्ट में सुनवाई के इतर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के ऑफिस ने गुरुवार को बताया कि वर्धा की कंपनी ने Amphotericin B Emulsion इंजेक्शन तैयार किया है. अब तक भारत में एक ही कंपनी इसका उत्पादन करती थी. 31 मई से इस इंजेक्शन का वितरण शुरू होगा. इसकी कीमत 1200 रुपये होगी. अभी यह इंजेक्शन 7000 रुपये तक मिल रहा है. ड्रग कंट्रोलर जनरल (DCGI) ने हाल ही में 5 कंपनियों को एम्फोटेरिसिन-बी दवा का उत्पादन की मंजूरी दी थी.

ब्लैक फंगस की अनदेखी न करें

जैसे कि ब्लैक फंगस नाम से ही स्पष्ट है, ये एक फंगस के कारण होता है. फंगस का नाम है म्यूकर. ये ज़्यादातर उन लोगों में हो रहा है जो डायबिटीज के मरीज़ हैं. हालांकि ये कोई नई बीमारी नहीं है, लेकिन कोविड पेशेंट्स में ये तेज़ी से देखी जा रही है. कई डॉक्टर्स का कहना है कि ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि कोविड के इलाज के लिए दिए जा रहे स्टेरॉयड शुगर लेवल बढ़ा रहे हैं. साथ ही कुछ दवाइयों के कारण पेशेंट की इम्युनिटी भी कम हो रही है. जिन लोगों की इम्युनिटी कम है या जिन्हें पहले से कुछ बीमारियां हैं, वो इसके ज़्यादा शिकार हो रहे हैं. डॉक्टरों का कहना है कि म्यूकरमाइकोसिस के लक्षणों को एकदम इग्नोर नहीं करना चाहिए. तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. इसका सही समय पर इलाज शुरू होना बहुत ज़रूरी है.


विडियो- कोरोना से निपटने के बाद म्यूकोरमाइकोसिस यानी ब्लैक फंगस का शिकार क्यों हो रहे हैं?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

टॉप खबर

कॉलर पकड़ने का बदला लेने के लिए सुशील कुमार ने उठाया था दिल दहलाने वाला कदम?

'स्टेडियम में मारपीट के दौरान गैंगस्टर के भाई को पेशाब पिलाने की भी कोशिश हुई थी'.

सरकार के नए नियमों पर कोर्ट पहुंचा वॉट्सऐप, कहा- निर्दोष इंसान जेल जा सकता है

इस पर सरकार ने भी जवाब दिया है.

किस संस्था ने रामदेव के खिलाफ एक हजार करोड़ की मानहानि का केस करने की बात कही है?

इससे बचने के लिए बाबा को क्या करने की सलाह दी है?

ओडिशा पहुंचा तूफान 'यास', पटरियों से बांधने पड़े ट्रेन के पहिए

पश्चिम बंगाल से लेकर झारखंड हाई अलर्ट पर हैं.

सागर हत्याकांड: सुशील कुमार का साथ देने के आरोप में बवाना गैंग के चार मेंबर गिरफ्तार

सागर की हत्या के आरोप में पुलिस सुशील कुमार को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है.

भारत में 26 मई से फेसबुक और ट्विटर जैसे ऐप बंद हो जाएंगे?

क्या हैं भारत सरकार के नए नियम, जिन्हें कंपनियों ने अब तक नहीं माना?

हत्यारोपी पहलवान सुशील कुमार से मेडल्स और अवॉर्ड्स छीने जा सकते हैं, क्या कहते हैं नियम?

पद्म श्री, खेल रत्न और अर्जुन अवॉर्ड के अलावा सुशील कुमार के नाम तमाम मेडल भी हैं.

कौन हैं डॉ.जयेश लेले, जिन्होंने बीच डिबेट में ही रामदेव को शटअप बोल दिया?

एलोपैथी बनाम आयुर्वेद को लेकर डॉक्टर और बाबा के बीच हुई तीखी बहस.

रामदेव ने वापस लिया एलोपैथी के विरोध वाला बयान, कहा- वॉट्सऐप मैसेज पढ़कर बोल दिया था

रामदेव ने बयान पर खेद जताया लेकिन एलोपैथी डॉक्टरों को एक नसीहत भी दे डाली.

यूपी: EWS कोटे से बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी के भाई बने असिस्टेंट प्रोफेसर

विपक्षी पार्टियों ने उठाए सवाल.