Submit your post

Follow Us

क्या अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से बैन हो जाएगी साउथ अफ्रीका की क्रिकेट टीम?

साउथ अफ्रीका क्रिकेट पर खतरा मंडरा रहा है. 10 सितंबर को दक्षिण अफ्रीकी सरकार ने क्रिकेट साउथ अफ्रीका (CSA) को एक महीने के लिए सस्पेंड कर दिया. बोर्ड के पिछले कामकाज की जांच भी शुरू कर दी गई है. साथ ही क्रिकेट से जुड़ा सारा कामकाज साउथ अफ्रीकन कंफेडरेशन एंड ओलंपिक कमिटी (SASCOC) को सौंप दिया. SASCOC के कार्यकारी सीईओ रवि गोवेंदर ने कहा कि यह कदम क्रिकेट साउथ अफ्रीका के शासन से जुड़े मुद्दों और नकारात्मकता को हटाने के लिए उठाया गया है, ताकि भविष्य में कामकाज सही और प्रभावी हो सके.

उन्होंने कहा कि हाल में CSA से जुड़ी कई बातों को लेकर विवाद हुआ. यह चिंता की बात है. ऐसे में बोर्ड से जांच रिपोर्ट मांगी गई थी, लेकिन रिपोर्ट नहीं दी गई. इसलिए अब बोर्ड को काम छोड़ने और हटने को कह दिया गया है. बाकी कामकाज के लिए एक टास्क टीम बनाई जाएगी, जो उनकी ओर से उठाए गए कदमों की जांच करेगी और एक महीने में रिपोर्ट देगी.

लेकिन इस घटनाक्रम से साउथ अफ्रीका में अंतराष्ट्रीय क्रिकेट को लेकर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी अपने से जुड़ी संस्थाओं में सरकारी दखल को मान्यता नहीं देती है. सरकारी दखल होने पर वह बोर्ड की मान्यता रद्द कर देती है. ऐसे में क्रिकेट साउथ अफ्रीका पर भी यह खतरा मंडरा रहा है.

साउथ अफ्रीका क्रिकेट गहरे संकट से गुजर रहा है. अब उसके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से बाहर जाने का खतरा मंडरा रहा है.
साउथ अफ्रीका क्रिकेट गहरे संकट से गुजर रहा है. अब उसके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से बाहर जाने का खतरा मंडरा रहा है.

पर मामला क्या है?

CSA पिछले करीब एक साल से संकट से गुजर रहा है. इस एक साल में बोर्ड की कार्यशैली लगातार संदेह भरी रही है. इसका असर टीम के खेल पर भी पड़ा है. साउथ अफ्रीकन क्रिकेट टीम को लगातार हार झेलनी पड़ी है. इसके बाद ग्रीम स्मिथ जैसे पूर्व क्रिकेटरों को टीम से जुड़ा कामकाज देखना पड़ा. इसी कड़ी में पिछले दिनों CSA के फैसलों की जांच की गई.

जांच रिपोर्ट में बोर्ड को चलाने वाले लोगों को कटघरे में खड़ा किया गया. रिपोर्ट में कहा गया कि कई गलत फैसले लिए गए. मनमर्जी से काम किया जा रहा था, इस वजह से CSA की छवि खराब हुई. इसके बाद अगस्त, 2020 में सीईओ थबांग मोरो को हटा दिया गया. उन पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगे. मोरो को दिसंबर, 2019 में भी इसी तरह के आरोपों में सस्पेंड किया गया था.

खिलाड़ियों ने भी बोर्ड की खिंचाई की

अगस्त, 2020 में जिस रिपोर्ट के आधार पर मोरो को हटाया गया, उसे सार्वजनिक नहीं किया गया. ऐसे में बोर्ड की ईमानदारी फिर से शक के दायरे में आ गई. इसी बीच बोर्ड से जुड़े स्पॉन्सर्स ने भी बोर्ड के रवैये पर प्रश्न चिह्न लगाया. सितंबर की शुरुआत में साउथ अफ्रीका की पुरुष और महिला टीम के 30 बड़े खिलाड़ियों ने बोर्ड की आलोचना करते हुए एक लेटर लिखा था. इसमें 5 सितंबर को होने वाली सालाना आम सभा को मुल्तवी करने पर CSA की खिंचाई की गई थी.

साउथ अफ्रीका क्रिकेट पिछले करीब एक साल से संकट से गुजर रहा है.
साउथ अफ्रीका क्रिकेट पिछले करीब एक साल से संकट से गुजर रहा है.

ब्लैक लाइव्ज पर भी CSA की थूथू हुई

वहीं ब्लैक लोगों के अधिकारों के मसले पर भी CSA घिर गया. कई ब्लैक प्लेयर्स ने भेदभाव का आरोप लगाया. उन्होंने ब्लैक लोगों को समान अधिकार देने की मांग को दोहराया. इनमें लुंगी एनगिडी, मखाया एनटिनी जैसे नाम थे. इस मसले पर कुछ वाइट प्लेयर अलग ही राग अलापने लगे. पैट सिमकॉक्स और बोएटा डिपनार जैसे पूर्व प्लेयर ने खुलेआम ब्लैक अधिकारों को दबाने वाली बात कह दी. उन्होंने ‘ऑल लाइव्ज मैटर’ का नारा बुलंद कर दिया. इससे भी बोर्ड की काफी किरकिरी हुई. इन सबके बीच 10 सितंबर को साउथ अफ्रीका की सर्वोच्च खेल संस्था ने बोर्ड का काम अपने हाथ में ले लिया.

बता दें कि साउथ अफ्रीका रंगभेद के चलते कई साल तक आईसीसी से प्रतिबंधित रहा था. साल 1991 में उसकी फिर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी हुई थी.

साउथ अफ्रीका में क्रिकेट पर सवालिया निशान

वहीं आईसीसी भी साउथ अफ्रीका क्रिकेट में हुए इस फेरबदल पर नज़र रखे हुए है. वह मामले में CSA से रिपोर्ट मांगने की तैयारी में है. माना जा रहा है कि CSA के काम में सरकारी दखल के बाद अब साउथ अफ्रीकी क्रिकेट बोर्ड सस्पेंड हो सकता है. अगर ऐसा हुआ, तो साउथ अफ्रीका क्रिकेट टीम के अंतरराष्ट्रीय मैचों पर भी पाबंदी लग जाएगी. वैसे भी आने वाले सीजन का कार्यक्रम अभी तक तय नहीं हुआ है. साथ ही कोरोना वायरस के चलते साउथ अफ्रीका की सरहदें बंद हैं. ऐसे में घरेलू और विदेशी सीरीज पर भी कोई फैसला नहीं हुआ है. हालांकि अभी जो खिलाड़ी आईपीएल या इसी तरह के दूसरे टूर्नामेंट में खेल रहे हैं, उन पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

icc
फोटो सोर्स: रॉयटर्स

सस्पेंशन के खतरे पर क्या कहा गया

आईसीसी से सस्पेंशन के खतरे पर SASCOC का मानना है कि उन्हें आईसीसी का समर्थन मिलेगा. क्योंकि वे अपने देश में क्रिकेट की हालत को ठीक करने का काम कर रहे हैं. SASCOC के सीईओ रवि गोवेंदर ने कहा-

आईसीसी ने भी CSA को लेकर कुछ चिंताएं जाहिर की थीं. हमें भरोसा है कि हमारा फैसला जरूरी था और आईसीसी भी इस बात को मानेगी. जो फैसला हमने लिया, वह संविधान के नियमों के तहत है और आईसीसी इस बात का सम्मान करेगी कि हम बड़ी संस्था हैं. इस बात में कोई शक नहीं है कि टास्क टीम जो रिपोर्ट देगी, उसके बारे में हम आईसीसी से बात करेंगे.

इधर, CSA ने SASCOC की कार्रवाई को खारिज किया है. उसका कहना है कि उसके कामकाज में दखल देने के खिलाफ वह कानूनी राय ले रहा है. हालांकि वह SASCOC के साथ बात भी कर रहा है, ताकि क्रिकेट की भलाई के लिए का रास्ता निकाला जा सके. अब देखना होगा कि बोर्ड के इस संकट का क्या हल निकलता है.


Video: जोकोविच ने टेनिस बॉल से अंपायर को घायल किया, फिर जो हुआ वो किसी भी फैन के लिए सीखने वाला है

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

टॉप खबर

क्या यूपी में कोविड किट खरीद में घोटाला हुआ है? जांच के लिए SIT बनी

बीजेपी नेताओं ने ही घोटाले का आरोप लगाया है. ताजा मामला सहारनपुर से आया है.

जोकोविच ने अंपायर को गेंद मार घायल किया, उसके बाद जो हुआ वो क्रिकेट फैन्स के लिए सीख है

और इंडिया के बड़े सुपरस्टार्स के लिए भी.

ड्रग्स मामले में रिया चक्रवर्ती गिरफ्तार, आरोप साबित हुए तो 10 साल कैद हो सकती है

भाई शौविक और सुशांत के हाउस मैनेजर सैमुअल मिरांडा पहले ही अरेस्ट हो चुके हैं.

GDP गिरने पर रघुराम राजन ने सरकार को बहुत बड़ी नसीहत दे दी है

किस बात पर रघुराम राजन ने कहा, 'सरकार अपने खोल में चली गयी'

अर्जुन कपूर के बाद मलाइका अरोड़ा भी कोरोना पॉज़िटिव!

मलाइका की बहन ने एक न्यूज़ वेबसाइट को दी जानकारी.

एक्टर और सांसद अनुभव मोहंती पर पत्नी ने घरेलू हिंसा का आरोप लगाया

कोर्ट में याचिका दायर की, सात सितंबर को होगी सुनवाई.

बेंगलुरु से पहला केस सामने आया, कोरोना को लेकर जिस बात का डर था, वही हुआ!

डॉक्टरों ने भी इसी बात का डर जताया था.

अर्जुन कपूर की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव, घर में ही खुद को आइसोलेट किया

इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर जानकारी दी.

गुजरात दंगा: तीन मामलों से कोर्ट ने पीएम नरेंद्र मोदी का नाम हटाया

कोर्ट ने कहा- “आरोप अस्पष्ट हैं. सबूत नहीं हैं.”

अरुणाचल के कांग्रेस विधायक का दावा- बॉर्डर से पांच भारतीयों को उठा ले गया चीन

पुलिस ने कहा, कुछ भी कंफर्म नहीं, सेना ही दे सकती है जानकारी.