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कोरोना से पिता की मौत हुई तो बेटी ने वो काम किया, जो अस्पताल को करना चाहिए था

कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान कई ऐसी खबरें आ रही हैं, जिनसे सरकार और प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं. ऐसी ही एक खबर आई बिहार के बेतिया से. यहां एक कोरोना संक्रमित मरीज की मौत हो गई, तो अस्पताल प्रशासन ने उसे छुआ तक नहीं. जिसके बाद खुद मृतक की बेटी ने अपने पिता का शव पैक किया और एंबुलेंस में रखा. उधर, अस्पताल प्रशासन इस मामले की जांच करने की बात कह रहा है.

पूरा मामला क्या है?

इंडिया टुडे से जुड़े पत्रकार रामेंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक, मामला बेतिया के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल का है. यहां मंशा टोला के रहने वाले 55 वर्षीय ड्राइवर फखरू जमा की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई. दावा है कि मृतक के परिजन अस्पताल से शव को कोरोना प्रोटोकॉल के तहत सौंपने की मांग कर रहे थे.

लगभग 6 घंटे तक इंतजार के बाद भी जब पिता का शव पैक नहीं किया गया, तो उनकी बेटी रेशमा परवीन ने कंट्रोल रूम में शिकायत की. जिसके बाद उन्हें PPE किट और शव पैक करने वाला बैग दिया गया. फिर रेशमा ने अपने भाई मोहम्मद शिबू की मदद से पिता के शव को बैग में पैक किया. भाई-बहन ने डेडबॉडी को स्ट्रेचर पर रखा. उससे शव को नीचे लेकर आए और उसके बाद एंबुलेंस से अंतिम संस्कार के लिए ले गए.

परिवार का क्या कहना है?

इस मामले में उनकी बेटी ने बताया कि बॉडी को किसी ने पैक नहीं किया. वो लोग सुबह पांच बजे से बैठे थे. पर अस्पताल की तरफ से कोई मदद नहीं मिली.

तीन तारीख से यहां पर मरीज को भर्ती किया है. सुबह पांच बजे से कितना बोला बॉडी को पैक करने के लिए, पर कोई पैक नहीं किया. फिर कंट्रोल रूम से शिकायत करने के बाद मुझे PPE किट मिला और फिर हम पैक किए हैं.

वहीं मृतक के बेटे ने बताया कि उनके पिता को सांस लेने में दिक्कत थी. सुबह मौत हो गई. फोन करके कितनी बार बोला बॉडी पैक करने के लिए तो जवाब आया कि अभी पैक करा रहें. और दोपहर के 12 बज गए, किसी ने पैक नहीं करवाया. फिर कंट्रोल रूम से सामान मिला शिकायत के बाद. और अब बॉडी पैक किया है.

 

अस्पताल ने खारिज किए आरोप 

इस मामले में जब अस्पताल के अधीक्षक डॉ. प्रमोद तिवारी से पूछा गया तो उन्होंने कहा डेड बॉडी का डिस्पोजल हम कोविड प्रोटोकॉल के तहत ही करते हैं. शव की पैकिंग भी अस्पताल ने की और एंबुलेंस तक भी अस्पताल कर्मियों ने ही पहुंचाया है. इसके लिए ड्यूटी असाइन है. हमें नहीं पता लड़की झूठ बोल रही है या नहीं. हमने अपनी तरफ से जांच करवाई थी और ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है.


वीडियो देखें: संभावना सेठ ने आखिर क्यों कहा कि उनके पिता को केवल कोरोना ने नहीं मारा?

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