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'लापरवाही और ढीले नेतृत्व से बढ़े मामले', रघुराम राजन ने मोदी सरकार पर साधा निशाना

भारत कोरोना (Corona Virus) की दूसरी लहर से जूझ रहा है. लगातार मामले बढ़ते जा रहे हैं. ऑक्सीजन की किल्लत से लेकर अस्पताल में बेड पाने को लेकर लोग त्राहिमाम कर रहे हैं. सिस्टम ध्वस्त हो चुका है. ऐसे में केंद्र सरकार पर भी सवाल उठ रहे हैं. सवाल ये हैं कि कोरोना की पहली लहर के बाद जब हमारे पास इतना समय था, तो स्वास्थ्य व्यवस्था दुरुस्त क्यों नहीं की गई? इंटरनेशनल मीडिया भी मोदी सरकार के कोरोना नियंत्रण के प्रयासों की जमकर आलोचना कर रहा है. हाल ही में अमेरिकी मीडिया कंपनी ब्लूमबर्ग ने पूर्व RBI गवर्नर रघुराम राजन (Raghuram Rajan) का इंटरव्यू लिया. इस इंटरव्यू में ब्लूमबर्ग ने कोरोना संकट से जूझ रहे भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल किए. इसका जवाब देते हुए आरबीआई के पूर्व गवर्नर ने भारत में अभी चल रहे हालात को दूरदर्शिता और सजग नेतृत्व की कमी का उदाहरण बताया.

राजन ने कहा कि अन्य देशों के मुकाबले कोरोना की पहली लहर के बाद इंडिया में कम क्षति हुई थी. लेकिन दूसरी लहर ने तबाही मचा दी. उन्होंने भारत सरकार से इस पर सवाल किया कि अगर सरकार सावधान होती, सतर्क होती, तो ये बात समझ जाती कि कोरोना खत्म नहीं हुआ है. उन्होंने आगे कहा,

कोई भी अगर इस बात का ध्यान रख रहा होता कि दुनिया में चल क्या रहा है, खासतौर पर ब्राज़ील में, तो पहचान जाता कि वायरस जरूर वापस आता है और वो भी पहले से भयानक रूप में.

Raghuram Rajan 1
रघुराम राजन के मुताबिक हमें दूसरे देशों से सीख लेने की जरूरत थी. फोटो – इंडिया टुडे फाइल

रघुराम राजन के अनुसार पिछले साल कोरोना से जुड़े मामलों का ग्राफ कम होते देख सरकार को लगा कि हम उबर गए हैं. इसलिए अचानक से ही सब कुछ पब्लिक के लिए खोल दिया गया. पहले की तरह भीड़ जुटने लगी. आगे जाकर यही लापरवाही नुकसानदायक साबित हुई. वायरस फिर लौट आया. वो भी नए वेरिएंट के साथ. लापरवाही का नतीजा ये हुआ कि वायरस तेजी से फैलने लगा. इंटरव्यू में राजन से पूछा गया कि इंडिया की हालत इतनी खराब कैसे हो गई. इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन की प्रक्रिया में ढील बरती गई. राजन ने आगे कहा

इंडिया जैसी आबादी के लिए बड़ी मात्रा में वैक्सीन की आवश्यकता थी. लेकिन सरकार ने इसपर ध्यान नहीं दिया. उन्हें लगा कि हम पहले भी कोरोना से उबर चुके हैं. तो हमारे पास काफी समय है. इंडिया के पास वैक्सीन को लेकर पुख्ता तैयारी नहीं थी. बावजूद इसके, सरकार ने दूसरे देशों में वैक्सीन भेजी. वो वैक्सीन अब इंडिया के काम आ सकती थी.

बता दें कि 04 मई को भारत में कोरोना के 3,82,315 नए मामले रिकॉर्ड किए गए. देश के अस्पतालों में जगह नहीं है. ऑक्सीजन और वेंटिलेटर्स की किल्लत है. हर बढ़ते दिन के साथ साथ संक्रमण के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं.


वीडियो: जानिए, दूसरी के बाद तीसरी लहर से बचने के लिए क्या-क्या करना होगा?

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