Submit your post

Follow Us

पृथ्वीराज चव्हाण ने ऐसा क्या कहा कि BJP ने कांग्रेस की तुलना मुग़लों-अंंग्रेज़ों से कर दी

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण. उन्होंने केंद्र सरकार से देश के धार्मिक ट्रस्टों में रखे सोने के भंडार का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया. कोरोना वायरस के संकट के बीच. लेकिन इस इस पर बवाल हो गया. बीजेपी ने तुरंत पूछा कि कांग्रेस मंदिरों के सोने पर क्यों नज़र गड़ा रही है? हैशटैग चलने लगा- #CongressEyesTemplesGold. सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं आने लगीं.

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस की तुलना मुग़ल आक्रमणकारियों और ईस्ट इंडिया कंपनी से कर दी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को हिंदुओं से नफरत है. पृथ्वीराज चव्हाण ने इसके बाद सफाई दी कि उनके सुझाव को तोड़ा-मरोड़ा गया है. उन्होंने कहा कि उनके सुझाव को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई है और वो इसे लेकर कार्रवाई करेंगे. ये कोई नया सुझाव नहीं है.

पूरा मामला क्या है? 

पृथ्वीराज चव्हाण ने 13 मई को ट्वीट किया, जिस दिन निर्मला सीतारमण ने आर्थिक पैकेज को लेकर पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की. चव्हाण ने कहा,

सरकार को तुरंत सभी धार्मिक ट्रस्ट के सोने इस्तेमाल करना चाहिए. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक, इसकी कीमत एक ट्रिलियन डॉलर के बराबर है. सोना कम ब्याज दर पर गोल्ड बॉन्ड के जरिए उधार लिया जा सकता है. ये एक इमरजेंसी है.

बीजेपी ने कहा- कांग्रेस हिंदुओं से नफरत करती है

इस पर बीजेपी नेता संबित पात्रा ने उनके ट्वीट को रीट्वीट करते हुए कहा,

मुझे इस बात में कोई संदेह नहीं है कि कांग्रेस और मुगल आक्रमणकारी में कोई अंतर है, जिन्होंने मंदिर को लूटा. साथ ही ईस्ट इंडिया कंपनी और सोनिया की कांग्रेस में भी कोई ज्यादा अंतर नहीं है, क्योंकि ये दोनों ही भारत की संपत्ति बाहर ले गए. कांग्रेस की हिंदुओं से नफरत अभूतपूर्व है.

महाराष्ट्र बीजेपी उपाध्यक्ष किरीट सोमैया ने मराठी में एक वीडियो ट्वीट करते हुए कहा,

पृथ्वीराज चव्हाण ने मांग की है कि सरकार को मंदिरों में रखे सोने का संकट के समय इस्तेमाल करना चाहिए. मैं पृथ्वीराज चव्हाण से पूछना चाहता हूं कि क्या सोनिया गांधी ने आपसे ये मांग करने के लिए कहा है? क्या ये कांग्रेस का मत है? क्या ये मांग कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की है?

चव्हाण ने क्या जवाब दिया

इसके बाद पृथ्वीराज चव्हाण ने विवाद पर जवाब देते हुए दो ट्वीट और किए. उन्होंने कहा,

गोल्ड मॉनेटाइजेशन के मेरे सुझाव को जान-बूझकर तोड़ा-मरोड़ा गया और भक्त मीडिया के एक सेक्शन ने उसे ग़लत तरीके से पेश किया. गोल्ड डिपॉजिट स्कीम तो वाजपेयी सरकार ने 1999 में शुरू की थी.

उन्होंने लोकसभा में जवाब की कॉपी भी ट्वीट की.

चव्हाण ने एक और ट्वीट में कहा,

2015 में मोदी सरकार ने इसका नाम बदलकर गोल्ड मॉनेटाइजेशन कर दिया. लोकसभा में वित्त मंत्रालय की तरफ से दिए गए जवाब के मुताबिक, कई मंदिरों ने अपना सोना गिरवी रखा है. मेरे बयान को जान-बूझकर सांप्रदायिक रंग देने के ख़िलाफ़ मैं ऐक्शन लूंगा.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, उन्होंने कहा, ‘कुछ असामाजिक तत्वों ने इसे कॉन्टेक्स्ट के बाहर ले जाकर तोड़ा-मरोड़ा और कहा कि मैंने खास धर्म को टारगेट किया है. मैं कानूनी कार्रवाई करने जा रहा है. मेरा सुझाव कोई नया नहीं था. जब भी कोई राष्ट्रीय वित्तीय संकट हुई है, प्रधानमंत्रियों ने गोल्ड का सहारा लिया.’

बीजेपी नेता तुषार भोसले ने कहा कि अगर कांग्रेस को देश की आर्थिक स्थिति की इतनी ही चिंता है, तो इसे पहले अपने शासन में कांग्रेस नेताओं द्वारा किए गए घोटालों के पैसे बाहर लाने चाहिए.


बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा को फरीदाबाद पुलिस ने जवाब देने के बाद ट्वीट क्यों डिलीट किया?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

टॉप खबर

बंगाल में हफ्तेभर से क्या बवाल चल रहा है, जिसमें 129 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं

‘तुम कोरोना फैला रहे हो’ कहकर हमला किया, हिंसा भड़की.

लंबे वक्त तक क्रिकेट के नक्शे पर पाकिस्तान को जिंदा रखा था इस जोड़ी ने

वो दिन, जब मिस्बाह-उल-हक़ और यूनिस खान ने क्रिकेट को अलविदा कहा

कश्मीर : चेकप्वाइंट पर गाड़ी नहीं रोकी तो आम नागरिक को CRPF ने गोली मार दी?

क्या है घटना का सच?

रेलवे ने टिकट कटा चुके लोगों को बड़ा झटका दिया है

इसका श्रमिक और स्पेशल ट्रेनों पर क्या असर पड़ेगा?

20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज में से पहले दिन वित्त मंत्री ने क्या-क्या ऐलान किया?

20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज की डिटेल दी.

पीएम मोदी ने जिस Y2K क्राइसिस का ज़िक्र किया, वो क्या था?

पीएम ने 12 मई को देश को संबोधित किया.

अपने भाषण में नरेंद्र मोदी ने अगले लॉकडाउन के बारे में ये हिंट दे दिया है

मोदी के 34 मिनट के भाषण में काम की बात क्या थी?

ट्रेन के बाद अब फ़्लाइट शुरू होगी तो यात्रा के क्या नियम होंगे?

केबिन लगेज, जांच और बैठने की व्यवस्था को लेकर क्या नियम हैं?

गुजरात: CM बदलने की संभावना पर खबर चलाई, पुलिस ने राजद्रोह का केस लिख लिया

इस मामले में गुजरात सरकार की किरकिरी हो रही है.

किसी को सही-सही पता ही नहीं कि दिल्ली में कोरोना से कितनी मौतें हुईं!

सरकार और नगर निगम के आंकड़े अलग-अलग.