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अई शाबाश! टिकट बेच दिए लेकिन S-11 कोच ही लगाना भूल गई रेलवे

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सुनने में आ रहा है कि भारत में जल्दी बुलेट ट्रेनें चलने लगेंगी. बहुत दिनों से सुन रहे हैं. अपार खुशी होगी जब ये ट्रेन असल में चलने, ओह सॉरी! सरपट भागने लगेंगी. लेकिन अभी तो फिलहाल बहुत दुख हो रहा है. दुख उन यात्रियों के लिए जो 18 नवंबर के दिन जबलपुर से नई दिल्ली जाना चाह रहे थे. महाकौशल एक्सप्रेस से.कन्फर्म टिकट था. टाइम पर स्टेशन भी पहुंच गए थे. ट्रेन भी आ गई थी. लेकिन फिर भी कुछ यात्री हैरान-निराश और परेशान हो गए. क्योंकि ट्रेन में एस-11 कोच ही नहीं था. एक पूरा कोच ट्रेन से गायब था. तो जिन यात्रियों के पास एस-11 की टिकटें थीं, उनके सामने बड़ी दिक्कत आ खड़ी हुई. ये कि अब क्या किया जाए?

नेटवर्क 18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जिन-जिन यात्रियों के पास एस-11 कोच की टिकट थीं, उन्होंने जमकर हंगामा मचाया. वो लोग किसी तरह जैसे-तैसे दूसरी बोगियों में एडजस्ट होकर कटनी तक पहुंच गए. लेकिन वहां पहुंचकर उन्होंने जमकर हंगामा मचाया. क्योंकि टीसी ही वहां नहीं आया था. कटनी रेलवे स्टेशन में हंगामा होने के बाद टीसी यात्रियों के पास पहुंचा. लेकिन वो भी कोई समाधान नहीं कर सका. यात्रियों की मांग थी कि एस-11 कोच लगाया जाए. या फिर उनकी यात्रा के लिए कोई व्यवस्था की जाए. यात्री चीखते रहे, लेकिन कुछ नहीं हुआ. खैर, कुछ देर बाद ट्रेन दिल्ली के लिए रवाना हो गई. एस-11 कोच नहीं लगा.

कोच के लापता होने का ये पहला मामला नहीं है. इसके पहले भी ऐसा हो चुका है. साल 2014 में छिंदवाड़ा से दिल्ली आने वाली पातालकोट एक्सप्रेस में भी एक कोच नहीं था. तब भी किसी ने कुछ नहीं सुना. यात्रियों ने इधर-उधर एडजस्ट करते हुए सफर किया. उम्मीद करते हैं कि हमारी प्यारी बुलेट ट्रेन के साथ सब अच्छा होगा.


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