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चंद्रयान की लैंडिंग की रात मोदी बेचैनी में क्या-क्या कर रहे थे? पता चल गया

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इसरो का चंद्रयान. आंशिक रूप से असफलता हाथ लगी. क्योंकि विक्रम लैंडर से आखिरी क्षणों में संपर्क टूट गया और अब भी लैंडर से संपर्क नहीं साधा जा सका है. लेकिन लैंडिंग की रात प्रधानमंत्री मोदी इसरो में मौजूद थे, और इस बारे में बहुत सारी बातें हमें पता लगी हैं.

इस बारे में इसरो के वैज्ञानिकों ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया है. अखबार ने लिखाहै,

“प्रधानमंत्री मोदी इसरो कमांड सेंटर में मौजूद थे. और उनके वादे और उनका साथ इसरो का भविष्य संवारने में मदद करेगा.”

इस बारे में इसरो के एक वरिष्ठ अधिकारी और कुछ सूत्रों ने वो बातें बताई हैं, जो हम सभी को अब तक नहीं पता थी.

6 सितम्बर की रात इसरो के भेजे चंद्रयान की लैंडिंग चांद पर होनी थी. उसी सुबह नरेंद्र मोदी का हवाई जहाज दिल्ली उतरा. वे रूस से आ रहे थे. अगले ही दिन यानी 7 सितम्बर को महाराष्ट्र में उनके कार्यक्रम थे. और उसके अगले दिन यानी 8 सितम्बर को हरियाणा में. समय कम था. रूस से लौटने के बाद प्रधानमंत्री मोदी के पास बहुत सारा कागज़ी कामधाम पड़ा हुआ था. लेकिन विक्रम लैंडर की लैंडिंग के समय वे इसरो के बंगलुरु के कमांड सेंटर में भी होना चाह रहे थे.

नरेंद्र मोदी ने बंगलुरु की फ्लाईट पकड़ी. और हवाई जहाज़ में काम करते रहे. सूत्रों ने बताया है,

“रात 9 बजे प्रधानमंत्री मोदी का प्लेन लैंड हुआ. और तब से ही वे बहुत पॉजिटिव फील कर रहे थे.”

इसके बाद मोदी इसरो के कमांड सेंटर के पास मौजूद होटल चले गए. वहां कुछ बच्चों से मिले. और रात 1 बजे निकल गए कमांड सेंटर के लिए. रात 1:50. ये लगभग तय हो चुका था कि विक्रम लैंडर से इसरो का संपर्क टूट चुका था. नरेंद्र मोदी विजिटर गैलरी में बैठे हुए थे. इसरो चेयरमैन के सिवन तेज़ी से नरेंद्र मोदी के पास पहुंचे. बताया कि संपर्क टूट गया है. हम कोशिश में हैं.

मोदी तुरंत विजिटर गैलरी के पास मौजूद लाउन्ज में चले गए. वहां उन्होंने के सिवन से कहा कि वे शांत रहें और आशा न छोड़ें. मोदी ने ये भी कहा कि सारा देश वैज्ञानिकों के साथ खड़ा है. इसके बाद मोदी उस कमरे में चले गए जहां सभी वैज्ञानिक बैठे हुए थे. मोदी ने कहा, “हिम्मत बनाए रखिए.”

इसके बाद मोदी होटल आ गए. वहां अपने सहयोगियों से मोदी ने कहा,

“मैं कल सुबह वैज्ञानिकों से मिलने जाऊंगा. इसरो चीफ को फ़ोन करो और समय फ़िक्स करो.”

इससे प्लान में अचानक परिवर्तन हो गया. नरेंद्र मोदी की टीम ने इस बारे में तुरंत महाराष्ट्र और हरियाणा की सरकारों को सूचित कर दिया. मोदी रात भर नहीं सो सके थे. अपने सहयोगियों को फोन करते रहे. जो ख़याल आ रहे थे, उन्हें लिखते रहे. इसरो में मौजूद वैज्ञानिकों के लिए उन्होंने अपने विचार हिंदी और गुजराती में लिखे. इसरो में वैज्ञानिकों से मिलने के बाद और के सिवन को शांत कराने के बाद जब मोदी मुंबई के लिए हवाई जहाज में बैठे थे, तो उन्होंने अपने सहयोगियों से कहा,

“मैंने इसरो के कमांड सेंटर में बैठकर भारत की मजबूती देखी है, और उन लोगों को देखा है, जो देश को इतना मजबूत बनाते हैं.”

फिलहाल Chandrayaan 2 के विक्रम लैंडर से संपर्क की कोशिशें जारी हैं. चांद की सतह पर मिल तो गया है, लेकिन फिर भी सिग्नलों का जवाब अब तक नहीं मिल सका है.


लल्लनटॉप वीडियो : नासा ने बताया कि इसरो का चंद्रयान से कनेक्शन क्यों नहीं हो पा रहा है?

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