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PM मोदी के भाई प्रह्लाद को आगे-पीछे चलने के लिए पुलिस नहीं मिली, तो थाने के सामने धरने पर बैठ गए

लोग कह रहे हैं कि ‘जब सैंया भये कोतवाल तो डर काहे का’. इसी कहावत को कुछ अपडेट करे दे रहे हैं. ‘जब भैया बने प्रधानमंत्री तो डर काहे का’.  हालांकि प्रह्लाद मोदी ने कोई कानून नहीं तोड़ा है, लेकिन जो कुछ भी हुआ है उससे सोशल मीडिया उनके मजे खूब ले रहा है.

दरअसल हुआ ये कि पीएम मोदी के छोटे भाई प्रह्लाद मोदी अहमदाबाद से हरिद्वार जा रहे थे. वो भी सड़क के रास्ते. लेकिन जयुपर से अजमेर वाले रास्ते पर वो नाराज़ हो गए. क्योंकि उन्हें पुलिस एस्कॉर्ट नहीं मिली और वो फिर धरने पर बैठ गए. करीब एक घंटे वो बगरू पुलिस थाने के बाहर बैठे रहें, और लगातार पुलिस एस्कॉर्ट की मांग करते रहे. ये पूरी घटना मंगलवार की रात जयपुर अजमेर नेशनल हाईवे के बीच घटी.

जयपुर के पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव के मुताबिक:

प्रह्लाद मोदी सड़क के रास्ते जयपुर आ रहे थे. वे लगातार एस्कॉर्ट की मांग कर रहे थे. जिसके लिए वो एलिजिबल नहीं थे. हमारे पास उन्हें सिर्फ दो पीएसओ उपलब्ध कराने के आदेश थे. जो पहले से ही बगरू थाने में मौजूद थे. लेकिन प्रह्लाद मोदी उन्हें अपनी गाड़ी में ले जाने को तैयार नहीं थे. वे अलग अलग पुलिस की गाड़ी की मांग कर रहे थे. जो कि किसी भी हाल में मुमकिन नहीं था.

जिसके बाद पुलिस कमिश्नर ने ये भी कहा कि हमने उन्हें दो पीएसओ मुहैया कराने वाला आदेश दिखाया. फिर बताया कि उन्हें अलग से पुलिस की गाड़ी नहीं मिल सकती. पहले वो तैयार नहीं हुए. फिर काफी समझाने के बाद वो समझ गए और फिर अंत में वो दो पीएसओ के साथ चले गए. थाने पर ये पूरा घटनाक्रम करीब एक घंटे चला.

अब समझने वाली बात है कि प्रह्लाद मोदी नाराज क्यों हो गए. दरअसल प्रोटोकॉल के मुताबिक पीएम मोदी के रिश्तेदार की पूरी जानकारी इंटेलिजेंस ब्यूरो के पास होती है. जो पूरी एक्टिविटी की जानकारी रखते हैं. लेकिन जब वो सड़क के रास्ते हरिद्वार जा रहे थे, तभी उनके साथ पहले से मौजूद एस्कॉर्ट ने उनके साथ आगे चलने से मना कर दिया. ये वाकया जयपुर के दूदू ग्रामीण इलाके के पास का है. प्रह्लाद मोदी पुलिस एस्कॉर्ट को साथ लेकर जाने की ज़िद पर अड़ गए. फिर बगरू थाना के अधिकारी ने उन्हें पुलिस एस्कॉर्ट मुहैया कराया तब वो हरिद्वार के लिए रवाना हुए.


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