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इस यंग बॉक्सर की वजह से मेरी कॉम को बड़ा झटका लगने वाला है!

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मेरी कॉम और निखत ज़रीन. एक ही वेट कैटेगरी में खेलने वाली भारत की दो बेहतरीन बॉक्सर्स. 36 साल की मेरी जहां छह बार वर्ल्ड चैंपियन रह चुकी हैं वहीं 24 साल की ज़रीन इंडियन बॉक्सिंग का भविष्य हैं. ये दोनों हाल ही में एक विवाद में फंस गई थीं. विवाद का कारण था टोक्यो 2020 ओलंपिक में जाने के लिए होने वाले क्वॉलिफायर्स.

इन क्वॉलिफायर्स से पहले टीम के सलेक्शन की प्रोसेस होनी थी. नियमों के मुताबिक, आमतौर पर ट्रायल्स के बाद टीम फाइनल होती है. लेकिन यहां मेरी कॉम को सीधे भेजने की बात चल रही थी. इससे नाराज निखत ने स्पोर्ट्स मिनिस्टर को खुली चिट्ठी लिखकर ट्रायल्स की मांग की.

निखत की इस मांग मेरी कॉम ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह तो जानती तक नहीं कि निखत कौन है. हालांकि उन्होंने साफ कहा था कि वह BFI के फैसले का आदर करेंगी. लंबी खींचतान के बाद आखिरकार BFI ट्रायल्स पर सहमत हो गया है.

#अब होंगे ट्रायल्स

अब बात पक्की हो चुकी है. छह बार की वर्ल्ड चैंपियन मेरी कॉम और युवा बॉक्सर निखत ज़रीन के बीच ट्रायल होगा. यह ट्रायल दिसंबर के अंतिम हफ्ते में होगा. इसके जरिए तय किया जाएगा कि ओलंपिक क्वॉलिफायर्स की 51Kg कैटेगरी में भारत की तरफ से कौन सी बॉक्सर जाएगी. टाइम्स ऑफ इंडिया का दावा है कि बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (BFI) और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) ने इन ट्रायल्स की पुष्टि कर दी है.

दावा किया जा रहा है कि BFI प्रेसिडेंट अजय सिंह के ऑफिस स्टाफ द्वारा उन्हें इसकी सूचना दे दी गई है. जल्दी ही मेरी कॉम और निखत को भी इसके बारे में बता दिया जाएगा. इनके साथ ही अब 69Kg में खेलने वाली लवलीना बोर्गोहेन को भी ट्रायल्स से गुजरना होगा.

#कैसे हुआ फैसला
यह फैसला गुरुवार, 7 नवंबर को हुई एक हाईप्रोफाइल मीटिंग में लिया गया. इस मीटिंग में BFI के पदाधिकारी, SAI ऑफिशियल, SAI के डायरेक्टर जनरल संदीप प्रधान, खेल मंत्रालय का एक अधिकारी और दो विदेशी कोच, रफाएले बर्गामस्को और सैंटियागो नीवा मौजूद थे.

SAI हेडक्वॉर्टर पर हुई इस मीटिंग में BFI के पदाधिकारियों और विदेशी कोचों ने मामले पर पूरी जानकारी दी. बताया गया कि चीन के वुहान में होने वाले पहले ओलंपिक क्वॉलिफायर्स के लिए सेलेक्शन पॉलिसी को लंबी चर्चा के बाद फाइनल किया गया था. इस चर्चा में प्रेसिडेंट, उनके ऑफिस के लोगों समेत पूरा बोर्ड उपस्थित था. साथ ही यह भी कहा गया कि ट्रायल के नियम अब बदले नहीं जा सकते.

#प्रेसिडेंट की गलती
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक इस मीटिंग में बर्गामस्को ने एक खुलासा किया है. उन्होंने कहा, ‘मेरी कॉम को कभी भी निखत के खिलाफ ट्रायल देने से दिक्कत नहीं थी. यह सारा विवाद BFI प्रेसिडेंट अजय सिंह के एक बयान से शुरू हुआ. मेरी कॉम ने सिंह के बयान को डिफेंड करना शुरू कर दिया. सच तो यह है कि कोच हमेशा से ट्रायल्स के पक्ष में थे.

सिंह ने मीडिया से कहा था कि पुरुष और महिला दोनों बॉक्सर्स के लिए नियम समान होना चाहिए. वर्ल्ड चैंपियनशिप के मेडलिस्टों को वुहान क्वॉलिफायर्स में सीधी एंट्री मिलनी चाहिए. जबकि नियमों के मुताबिक विमिंस वर्ल्ड चैंपियनशिप का फाइनल खेलने वालों को ही यह अधिकार मिलना था. जबकि ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वालों को ट्रायल्स से गुजरना होगा. मेरी कॉम और लवलीना दोनों ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज़ मेडल्स जीते थे.


बॉक्सर मैरी कॉम से क्यों नाराज़ हुई निखत ज़रीन जो उन्हें स्पोर्ट्स मिनिस्टर तक को चिट्ठी लिखनी पड़ी?

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