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गुजरात की केमिकल फैक्ट्री के टैंक में ब्लास्ट, आठ मज़दूरों की मौत हो गई

गुजरात का भरूच ज़िला. यहां दहेज नाम की एक जगह पर एक केमिकल फैक्ट्री है. नाम है- यशश्वी रायसेन प्राइवेट लिमिटेड. 3 जून (बुधवार) की दोपहर फैक्ट्री के एक स्टोरेज टैंक में जोरदार ब्लास्ट हुआ, जिसमें आठ वर्कर्स की मौत हो गई और 50 से ज्यादा घायल हो गए.

भरूच ज़िले के आपदा प्रबंधन विभाग का कहना है कि घटना के वक्त फैक्ट्री में करीब 200 वर्कर्स मौजूद थे. इनमें से ज्यादातर बिहार, उत्तर प्रदेश के प्रवासी मज़दूर थे. ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, वाग्रा के सब डिविज़नल मजिस्ट्रेट विजय सिंह परमार ने कहा,

‘एक स्टोरेज टैंक में ब्लास्ट हुआ, जिसकी वजह से आग लग गई. 11 फायर फाइटर्स तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और छह एंबुलेंस को तुरंत काम पर लगाया गया. इन एंबुलेंस ने घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया. वहीं आग को शाम 5:30 तक कंट्रोल में ला लिया गया था.’

भरूच ज़िला कलेक्टर हैं एम. डी. मोदिया. इन्हें विजय सिंह परमारन ने एक रिपोर्ट सौंपी, जिसमें लापरवाही की तरफ इशारा किया गया. रिपोर्ट में कहा गया,

‘उस वक्त फैक्ट्री में कोई भी ज़िम्मेदार व्यक्ति मौजूद नहीं था. फैक्ट्री के एंट्री गेट पर रखे अटेंडेंस रजिस्टर में 231 लोगों की एंट्री थी. पांच लोगों के शव स्टोरेज टैंक के पास पाए गए.’

Chemical Factory 1
ये फैक्ट्री भरूच के दहेज नाम के इलाके में है. कंपनी का मालिक पटेल ग्रुप है. फोटो- PTI.

ब्लास्ट का कारण क्या है?

अधिकारियों के मुताबिक, अभी तक ब्लास्ट के कारण का पता नहीं चल सका है. ऐसा कहा जा रहा है कि स्टोरेज टैंक में हुए ब्लास्ट की वजह से आग फैक्ट्री के बाकी सेक्शन में फैल गई. जो केमिकल्स थे वो काफी ज्यादा कॉन्सेंट्रेटेड थे, जो कि मज़दूरों के ऊपर गिर गए होंगे, जिससे उनकी मौत हुई होगी.

घायलों में से 32 कर्मचारियों को भरूच सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया. वहीं बाकियों को कुछ प्राइवेट अस्पतालों में. इनमें से कुछ ऐसे हैं जिनकी हालत गंभीर है. ज़िला प्रशासन ने फैक्ट्री के आस-पास रहने वाले 4800 लोगों को ऐहतियात के तौर पर वहां से हटा दिया है.

डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर मोदिया कहते हैं,

‘हमने मामले की जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा है. जिस स्टोरेज टैंक में ब्लास्ट हुआ, उसके पास मेथेनॉल और ज़ाइलीन केमिकल के टैंक्स थे. ये दोनों केमिकल काफी ज्यादा ज़हरीले और ज्वलनशील होते हैं. ऐहतियात के तौर पर हमने लाखी गांव से 3000 और लुवारा गांव से 1800 लोगों को हटा दिया है. उन्हें सुरक्षित जगह पर भेजा गया है.’

Chemical Factory
आसमान में काफी ऊपर तक धुआं उठा था. फोटो- PTI.

वहीं भरूच ज़िले के सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SP) राजेंद्र सिंह चुडासमा का कहना है कि एक्सीडेंटल मौत का केस दर्ज किया गया है और जांच शुरू कर दी गई है. ये भी कहा है कि मरने वालों का आंकड़ा फैक्ट्री के सर्वे के बाद बढ़ सकता है. फैक्ट्री के मालिकों से संपर्क किया जा रहा है.

कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक, ये पटेल ग्रुप की कंपनी है. इसका एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिस नवसारी में है. ‘दी लल्लनटॉप’ ने वेबसाइट पर दिए नंबर पर कॉल किया, तो ऑपरेटर से बात हुई. कोई ज़िम्मेदार अधिकारी उस वक्त वहां मौजूद नहीं था. ऑपरेटर ने बताया कि उन्हें जानकारी नहीं है कि हादसा कैसे हुआ, वो भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं. साथ ही ये भी कहा कि 150-200 किलोमीटर की दूरी है, इसलिए जानकारी जुटाने में दिक्कत हो रही है.

गज्जब. इतना बड़ा हादसा हो गया और अभी तक एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिस की तरफ से सक्रियता नहीं दिखाई गई.


वीडियो देखें: विशाखापट्नम गैस लीक में जो FIR दर्ज हुई, उसमें फैक्ट्री के किसी भी स्टाफ मेंबर का नाम ही नहीं!

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