Submit your post

Follow Us

मदरसे में मिला देसी कट्टा, जानिए क्या होता था

103
शेयर्स

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बिजनौर नाम का जिला है. इस जिले में है एक मदरसा. कल इस मदरसे से मिले हथियार और एक कार.

मामला शेरकोट मोहल्ले का है. यहां मदरसा दारुल कुरआन हमीदिया है. यहां बुधवार यानी 10 जुलाई को पुलिस ने छापा मारा. पुलिस को मदरसे से पांच देसी तमंचे, एक 0.32 बोर की पिस्टल और कुछ ज़िंदा कारतूस मिले. पुलिस को सभी हथियार दवाई के डिब्बों में मिले.

दवा के डिब्बों में मिले हथियार
दवा के डिब्बों में मिले हथियार

मदरसे के बाहर पुलिस को एक कार भी मिली, जिसके बारे में पुलिस का सोचना है कि इस कार का उपयोग हथियारों की तस्करी में होता था.

पुलिस ने इस मामले में छः लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि इस मामले से जुड़े दो लोग फरार हैं. पुलिस ने बताया है कि हथियार लाने और बेचने वाले दो लोग किसी तरह बचकर फरार हो गए हैं, जिनकी गंभीरता से तलाश जारी है. भागे हुए दो लोगों का नाम आसिफ और आरिफ है. दोनों सगे भाई हैं और अवैध हथियारों की तस्करी में प्रमुख बताए जा रहे हैं.

गिरफ्त में लिए गए लोगों में मदरसा संचालक मोहम्मद साजिद, कारी सिकंदर, कारी साबिर, ज़फर, अजीज़ुर्रह्मन और उनके बेटे हैं. मोहम्मद साजिद ने बातचीत में बताया है कि वो और बाकी लोग मिलकर अवैध रूप से हथियारों की तस्करी करते थे. इस तस्करी से मिलने वाले पैसों से मदरसे का संचालन होता था.

पुलिस ने कहा है कि अगर आरिफ और आसिफ पकड़े जाते हैं तो और खुलासे हो सकते हैं. पुलिस तो अपनी पूछताछ और शुरुआती जांच के आधार पर कह रही है कि ये मामला बिहार तक जाता है, लेकिन आरिफ और आसिफ के पकड़े जाने पर ही किसी थ्योरी पर पुष्टि संभव है.

स्थानीय मीडिया और सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बिजनौर में हथियारों के मिलने के बाद इंटेलिजेंस ब्यूरो और एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड ने भी मौके पर पहुंचकर तफ्तीश की. इंटेलिजेंस ब्यूरो मतलब खुफिया विभाग, और एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड यानी आतंकरोधी दस्ता. एटीएस यूपी पुलिस का ही अंग है और यूपी पुलिस के अधीन ही कार्रवाई करती है.

आरोपियों को पकड़कर ले जाती पुलिस
आरोपियों को पकड़कर ले जाती पुलिस

अब इस मामले में खबरें और अफवाहें उड़ रही हैं कि मदरसे में ‘आतंक का सामान’ या ‘जखीरा’ मिला है, लेकिन हमें मिली जानकारी के अनुसार ऐसा मामला नहीं है. ये हथियारों की खरीद-फ़रोख्त पैसे कमाने के लिए होती थी, जैसा शुरुआती जांच में पता चला है. इसके अलावा हथियारों की मात्रा भी पांच देसी कट्टों और एक 0.32 बोर की पिस्टल तक ही सीमित है, जिसे देखकर ये कहा जा सकता है कि ये संख्या उतनी बड़ी नहीं, जैसी अफवाहें उड़ रही हैं.

8 में से 6 अभियुक्त हिरासत में हैं और पुलिस की जांच जारी है. हिरासत में लिए गए लोगों के खिलाफ शस्त्र अधिनियम 1959 के तहत चालान काटकर उन्हें जेल भेज दिया गया है. पुलिस का कहना है कि उनके मुखबिर चारों तरफ फैले हुए हैं, जल्द ही फरार लोग गिरफ्त में लिए जाएंगे.


लल्लनटॉप वीडियो : किताबों और शिक्षकों के लिए हो रही है 1 महीने से हड़ताल, लेकिन किसी को परवाह नहीं

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें
Bijnor : Illegal firearms confiscated from UP Madrassa, Police arrests, rumors and stories upscaling

क्या चल रहा है?

महाराष्ट्र : चुनाव से तीन महीने पहले मुख्य निर्वाचन अधिकारी बदले गए

क्यों और किस वजह से, इसका जवाब नहीं मिल रहा

धोनी को 7वें नंबर पर क्यों भेजा, कोच शास्त्री और कोहली से ये सवाल पूछा जाने वाला है

टीम इंडिया की रिव्यू मीटिंग होने वाली है. लगेगी क्लास.

मिडिल आर्डर के बल्लेबाजों पर क्या बोले कोच रवि शास्त्री?

हार के बाद कोच रवि शास्त्री ने चुप्पी तोड़ी है.

अंतरिक्ष में चंद्रयान भेज रहे ISRO के वैज्ञानिकों की सैलरी सरकार ने कम क्यों कर दी?

15 हज़ार से ज़्यादा वैज्ञानिक और इंजीनियर्स, पहले से 10 हज़ार रुपए कम पाया करेंगे. हर महीने.

कोहली, शास्त्री से पूर्व कप्तान और चीफ सेलेक्टर बेहद नाराज़ हैं

रायडू को दो साल तक वर्ल्डकप के लिए तैयार किया और जब समय आया तो अनदेखी क्यों की?

DGP ने बताया, श्रीदेवी की हत्या हुई थी!

DGP के दोस्त, जो फॉरेंसिक एक्सपर्ट थे, ने इस बात के पक्ष में कुछ तथ्य भी रखे थे.

पायल रोहतगी ने कहा- मुझे हिंदुस्तान में रहने में डर लग रहा है

उधर एजाज़ खान का वीडियो भी आया जो इतना भड़काऊ है कि उन्हें जेल में होना चाहिए.

धोनी बीजेपी जॉइन करने वाले हैं, बीजेपी के बड़े नेता का दावा

ये भी कहा कि कई बार मिल चुका हूं, बातचीत चल रही है.

सेमी फाइनल में चौथे नंबर पर क्यों नहीं उतरे धोनी, रवि शास्त्री ने खुलासा किया

7वें नंबर पर धोनी को भेजे जाने पर आम पब्लिक के साथ दिग्गजों ने भी सवाल उठाए हैं.

हार के बाद ड्रेसिंग रूम में क्या हुआ?

सेमीफाइनल मैच में रोहित और धोनी का वो रुआंसा सा चेहरा दिखा जो फैंस कभी देखना नहीं चाहते थे.