Submit your post

Follow Us

बिहारः यूनिवर्सिटी की बेहतरी के काम में जुटे असिस्टेंट प्रोफेसर को दबंग छात्रों ने पीटा

बिहार का भोजपुर. वीर कुंवर सिंह यूनिवर्सिटी. यहां करीब तीन साल पहले डॉक्टर अमरेंद्र नारायण ने फिजिक्स के असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर जॉइन किया. मिसिसिप्पी स्टेट यूनिवर्सिटी से पीएचडी रहे, आईआईटी से पढ़ने वाले अमरेंद्र ने कई बेहतर नौकरी के प्रस्ताव को ठुकरा कर आरा की इस यूनिवर्सिटी से जुड़े. अमरेंद्र का कहना है कि यूनिवर्सिटी की बेहतरी के लिए उनके द्वारा उठाए जा रहे कदमों के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है.

अमरेंद्र के यूनिवर्सिटी में आने से क्या बदला और यह बात किसे नहीं पची?

डॉक्टर अमरेंद्र का कहना है कि जब उन्होंने यूनिवर्सिटी जॉइन की थी तो यूनिवर्सिटी के रिजल्ट में लेट-लतीफी होती थी क्योंकि कोई कंप्यूटर सेंटर नहीं था. इस सबके साथ ही पीएचडी थीसिस में चोरी, नकल आदि की शिकायतें आ रही थीं. ऐसे में उन्हें परीक्षा परिणामों को समय से पब्लिश करने के लिए कंप्यूटर सेंटर विकसित करने की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई. उन्होंने कंप्यूटर सेंटर विकसित किया और यूनिवर्सिटी के करोड़ो रुपये बचाए जो सालाना कॉन्ट्रैक्ट पर खर्च किए जा रहे थे. अमरेंद्र ने पीएचडी थीसिस में कॉपी+पेस्ट को पकड़ने के लिए प्लेगिअरिज़्म टेस्ट की शुरुआत की.

अमरेंद्र को क्यों निशाना बनाया गया?

इंडिया टुडे से बातचीत में अमरेंद्र ने कहा कि 13 अगस्त को जब वह यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर सेंटर से बाहर आ रहे थे तो विवेक पांडेय उर्फ़ जितेंद्र पांडेय और उसके एक साथी ने उनपर हमला किया था. अमरेंद्र ने कहा, “जब उन्हें कंप्यूटर सेंटर की पहुंच से दूर रखा गया तो उन्हें बुरा लगा और उन लोगों ने मुझे तब तक मारा जब तक कि मैं बेहोश न हो गया.”

अमरेंद्र ने बताया कि उस दिन उन्होंने पुलिस में शिकायत नहीं की क्योंकि यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने कहा था कि वे इस मामले को देखेंगे.

इसके बाद 15 अगस्त को विवेक ने अमरेंद्र पर यूनिवर्सिटी कैंपस में छेड़छाड़ का आरोप लगाया और मामला दर्ज करवाया. हालांकि, एक भी स्टूडेंट ने इस तरह की शिकायत पुलिस में नहीं की थी. पुलिस ने यूनिवर्सिटी के एक दर्जन से अधिक अधिकारियों से पूछताछ के बाद इन आरोपों को गलत पाया.

Amrendra Narayan Fir Copy
प्रोफेसर अमरेंद्र ने पुलिस से शिकायत दर्ज कराई है. (फोटो: इंडिया टुडे)

मामला बढ़ता देख अमरेंद्र ने 17 अगस्त को सदर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद पुलिस ने विवेक पर धारा 323, 341, 353 और 504 के तहत मामला दर्ज किया. इसके साथ ही अमरेंद्र ने विवेक के खिलाफ़ सोशल मीडिया पर उसे बदनाम करने को लेकर भी शिकायत दर्ज की.

विवेक पर इससे पहले भी दो प्रोफेसर को कथित तौर पर धमकाने के मामले दर्ज हैं. पांडे अभी फरार चल रहा है और पुलिस की खोजबीन जारी है.

यूनिवर्सिटी और पुलिस प्रशासन क्या कह रही?

यूनिवर्सिटी के प्रॉक्टर एसपी सिंह ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत करते हुए कहा है कि स्थानीय पुलिस ने डॉक्टर अमरेंद्र जे खिलाफ़ आरोपों को गलत पाया है. हमने शिकायत दर्ज करने के लिए वक्त लिया क्योंकि 15 अगस्त को यूनिवर्सिटी बंद थी. उन्होंने बताया कि यह संभव है कि अमरेंद्र द्वारा उठाए गए क़दमों से कई लोगों को दिक्कत पहुंची है. विवेक विवादों में रहा है. हम मामले को लेकर अमरेंद्र के साथ हैं.

मामले को लेकर बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने बताया, “मारपीट का मामला सच पाया गया है. कोर्ट से वॉरंट लिया जा रहा है क्योंकि विवेक फरार चल रहा है. हम उसे गिरफ़्तार करने की कोशिश कर रहे हैं. मामले की निगरानी मुख्यमंत्री ऑफिस कर रही है.”


विडियो- चोरी के शक में पेड़ से बांधकर इतना पीटा कि युवक की मौत हो गई

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

टॉप खबर

अवमानना वाले मामले में सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत भूषण को क्या सज़ा दी है?

प्रशांत भूषण के दो ट्वीट का मुद्दा था.

अनलॉक-4 की गाइडलाइंस जारी, मेट्रो चलेगी, जानिए स्कूल खोलने को लेकर क्या कहा गया है

धार्मिक और राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर क्या छूट मिली है?

NEET, JEE आगे बढ़ाने की मांग कर रहे छात्र ये पांच कारण बता रहे हैं

तय समय पर परीक्षा कराने के लिए 150 शिक्षाविदों ने लिखी PM मोदी को चिट्ठी.

कोर्ट ने कहा, ये शर्त पूरी किए बिना अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा पर दिल्ली दंगों में हेट स्पीच का केस नहीं

बीजेपी नेताओं के खिलाफ़ याचिका ख़ारिज करते हुए अदालत ने और क्या कहा, ये भी पढ़िए.

पाकिस्तान के किस बयान में इंडिया ने एक के बाद एक पांच झूठ पकड़ लिए हैं?

पाकिस्तान ने आतंकवाद फैलाने में भारत का नाम ले लिया, बस हो गया काम.

सोनिया-राहुल को पत्र लिखने पर कांग्रेस मंत्री ने नेताओं से कहा, ‘खुल्लमखुल्ला टहलने नहीं दूंगा’

माफ़ी नहीं मांगने पर परिणाम भुगतने की बात कर डाली.

प्रशांत भूषण के खिलाफ़ अवमानना का मुक़दमा सुन रहे सुप्रीम कोर्ट के इन तीन जजों की कहानी क्या है?

पूरी रामकहानी यहां पढ़िए.

महाराष्ट्र: रायगढ़ में पांचमंज़िला इमारत ढही, 50 से ज़्यादा लोग दबे

एनडीआरएफ की तीन टीमें राहत के काम में जुटी हैं.

क्या 73 दिन में कोरोना वैक्सीन आ रही है? बनाने वाली कंपनी ने बताई सच्ची-सच्ची बात

कन्फ्यूजन है कि खुश होना है या अभी रुकना है?

प्रशांत भूषण ने कही ये बात, तो कोर्ट बोला- हजार अच्छे काम से गुनाह करने का लाइसेंस नहीं मिल जाता

बचाव में उतरे केंद्र की अपील, सजा न देने पर विचार करें, सुप्रीम कोर्ट ने दिया दो-तीन दिन का वक्त