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क्या कहता है बिहार का पहला ओपिनियन पोल: NDA को मिलेगा बहुमत? नीतीश फिर बनेंगे सीएम?

बिहार चुनाव से ठीक पहले मंगलवार 20 अक्टूबर की शाम इंडिया टुडे ग्रुप के न्यूज़ चैनल आजतक पर लोकनीति और सीएसडीएस का एक ओपिनियन पोल दिखाया गया. इस ओपिनियन पोल के मुताबिक बिहार में एक बार फिर से नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बन सकती है. इस खबर में हम आपको बताएंगे कि किसको कितनी सीटें और कितने फीसदी वोट मिल सकते हैं. साथ ही ये भी आपको बताएंगे कि बिहार की जनता के लिए मुख्य मुद्दे कौन से हैं लेकिन उससे पहले जान लीजिए कि इस ओपिनियन पोल को कैसे कराया गया.

कैसे कराया गया ओपिनियन पोल?

# इस पोल को 10 से 17 अक्टूबर तक कराया गया.
# 37 विधानसभा क्षेत्रों, 148 पोलिंग स्टेशन को इस सर्वे में कवर किया गया.
# इस ओपिनियन पोल के लिए 3731 लोगों से बात की गई.
# इस सर्वे के लिए 60 फीसदी पुरुष और 40 फीसदी महिलाओं से बात की गई.
# सर्वे के लिए 90 फीसदी ग्रामीण और 10 फीसदी शहरी लोगों से बात की गई.
# इस सर्वे के लिए हर आयुवर्ग के लोगों से बात की गई.
# सैंपल में 16 फीसदी सवर्ण, 51 फीसदी ओबीसी, 18 फीसदी एससी और 14 फीसदी मुस्लिमों से बात की गई.

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फोटो साभार- आजतक

जानिए इस ओपिनियन पोल की खास बातें-

# 52 फीसदी लोग नीतीश कुमार के काम से संतुष्ट हैं जबकि 44 फीसदी लोग असंतुष्ट हैं.
# 2015 में नीतीश कुमार से 80 फीसदी लोग संतुष्ट थे जबकि 18 फीसदी लोग असंतुष्ट थे.
# प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काम से 61 फीसदी लोग संतुष्ट हैं जबकि 35 फीसदी लोग असंतुष्ट हैं.
# 2015 में 72 फीसदी लोग पीएम मोदी के काम से संतुष्ट थे वहीं 23 फीसदी लोग असंतुष्ट थे.
# 31 फीसदी लोग नीतीश कुमार को सीएम के रूप में देखना चाहते हैं, 27 फीसदी लोग तेजस्वी यादव, 5 फीसदी लोग चिराग पासवान, 4 फीसदी लोग सुशील मोदी, और 3 प्रतिशत लोग लालू यादव को सीएम पद पर देखना चाहते हैं.

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फोटो क्रेडिट- आजतक

क्या नीतीश कुमार फिर से सीएम बनेंगे?

# 55 फीसदी बीजेपी सपोर्टर्स चाहते हैं कि नीतीश सीएम बनें. जबकि 2010 में 91 फीसदी बीजेपी समर्थक चाहते थे कि नीतीश सीएम बनें.

# 93 फीसदी जेडीयू समर्थक चाहते हैं कि नीतीश सीएम बनें जबकि 2010 में 89 फीसदी जेडीयू समर्थक ही नीतीश को सीएम बनते देखना चाहते थे.

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फोटो क्रेडिट- आजतक

2020 चुनाव के मुद्दे क्या हैं?

# 29 फीसदी लोग विकास, 20 फीसदी लोग बेरोजगारी, 11 फीसदी महंगाई, 6 फीसदी गरीबी, 7 फीसदी शिक्षा को बड़ा मुद्दा मानते हैं.

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फोटो साभार- आजतक

किसको कितने वोट मिल सकते हैं?

लोकनीति और सीएसडीएस के सर्वे के मुताबिक चुनाव में एनडीए को 38 फीसदी, महागठबंधन को 32 फीसदी, जीडीएसएफ को 7 फीसदी, एलजेपी को 6 फीसदी और अन्य को 17 फीसदी वोट मिल सकते हैं.

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फोटो- आजतक

किसको कितनी सीटें मिल सकती हैं?

लोकनीति और सीएसडीएस के सर्वे के मुताबिक चुनाव में एनडीए को 133 से 143 सीटें मिलने का अनुमान है. महागठबंधन को 88 से 98 सीटें मिल सकती हैं. एलजेपी को दो से छह सीटें मिलने की संभावना है वहीं अन्य के खाते में छह से 10 सीटें जा सकती हैं.

सर्वे के मुताबिक 10 फीसदी लोगों ने कहा कि उन्होंने कोई निर्णय नहीं लिया है कि वो किसको वोट देंगे. 14 प्रतिशत ने कहा कि वो मतदान के दिन फैसला लेंगे कि किसको वोट करना है.

सर्वे के मुताबिक नीतीश कुमार एक बार फिर से बिहार के सीएम बन सकते हैं और सूबे में एनडीए की सरकार बन सकती है. हालांकि तेजस्वी उनसे अधिक पीछे नहीं दिखाई देते.

बिहार चुनाव से जुड़ी खास बातें

बिहार विधानसभा चुनाव की चर्चाएं इस वक्त चरम पर हैं. बिहार में 28 अक्तूबर को पहले चरण के लिए, 3 नवंबर को दूसरे चरण के लिए और 7 नवंबर को तीसरे चरण के लिए वोटिंग होगी. इस चुनाव के नतीजे 10 तारीख को सामने आ जाएंगे. आपको बता दें कि बिहार में कुल 243 विधानसभा सीट हैं.

पहले चरण में 71 सीटों के लिए वोटिंग होगी, दूसरे चरण में 94 सीटों के लिए और तीसरे चरण में 78 सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे. चुनाव में तीन बड़े गठबंधन मैदान में हैं- एनडीए, जीडीएसएफ और महागठबंधन.

एनडीए में शामिल पार्टियां- जेडीयू, बीजेपी, विकासशील इंसान पार्टी, और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा
महागठबंधन में शामिल पार्टियां- आरजेडी, कांग्रेस और वामदल
छह दलों वाले ग्रैंड डेमोक्रेटिक सेक्युलर फ्रंट (जीडीएसएफ) में शामिल पार्टियां- RLSP, BSP, AIMIM, SBSP, SJDD, JPS
अन्य पार्टियां- एलजेपी, शिवसेना, आदि

मुख्यमंत्री पद के लिए चेहरे-
– एनडीए की ओर से सीएम पद के लिए चेहरा नीतीश कुमार हैं.
– महागठबंधन की ओर से सीएम पद के लिए चेहरा तेजस्वी यादव हैं.
– जीडीएसएफ की ओर से सीएम पद के लिए चेहरा उपेंद्र कुशवाहा हैं.

इनके अलावा जन अधिकार पार्टी (लोकतांत्रिक) के नेतृत्व में एक और गठबंधन है जिसका नाम है प्रोगरेसिव डेमोक्रेटिक अलाइंस. इस गठबंधन में आजाद समाज पार्टी, एसडीपीआई और बहुजन मुक्ति पार्टी शामिल हैं. इस गठबंधन की ओर से सीएम पद का चेहरा पप्पू यादव हैं.

और आखिर में सीएम पद के चेहरे के रूप में एक और नाम है जिसकी बिहार में खासी चर्चा है. प्लूरल्स पार्टी की पुष्पम प्रिया चौधरी. उन्होंने खुद को सीएम पद उम्मीदवार घोषित किया हुआ है.

2015 के नतीजे क्या थे?

साल 2015 में जेडीयू ने 71, आरजेडी ने 80, कांग्रेस ने 27, बीजेपी ने 53, एलजेपी ने 2, आरएलएसपी ने 2, हम ने 1, लेफ्ट ने 3, और निर्दलों ने 4 सीटें जीती थीं.

बिहार चुनाव 2010 के नतीजे

साल 2010 में जेडीयू ने 115, बीजेपी ने 91, आरजेडी ने 22, एलजेपी ने 3, कांग्रेस ने 4, निर्दलों ने 6, जेएमएम और लेफ्ट ने 1-1 सीट जीती थी.

बिहार में लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजे

2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने बिहार में 17 सीटें, जेडीयू ने 16 सीटें, एलजेपी ने 6 सीटें, और कांग्रेस ने एक सीट जीती. आरजेडी अपना खाता तक नहीं खोल पाई थी.

बिहार में लोकसभा चुनाव 2014 के नतीजे

2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने बिहार में 22 सीटें, एलजेपी ने 6, आरजेडी ने 4, जेडीयू ने 2, आरएलएसपी ने 3, कांग्रेस ने 2 और नेशनलिस्ट कांग्रेस ने 1 सीट जीती थी.


वीडियो- बिहार चुनाव: जानिए इन 6 कैंडिडेट्स के बारे में, जो अपनी राजनीतिक विरासत आगे बढ़ा रहे हैं

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