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यूपी में धान खरीद अधिकारी को BJP सांसद ने मां की गाली देकर बेहद भद्दी बात बोली

उपेंद्र सिंह रावत. बाराबंकी से BJP के सांसद. उनका एक ऑडियो वायरल है. इसमें वह क्षेत्रीय विपणन अधिकारी को गालियां दे रहे हैं. इंडिया टुडे ग्रुप से जुड़े पत्रकार सैयद रेहान मुस्तफ़ा की खबर के मुताबिक यह ऑडियो धान क्रय केंद्र, हुसैनगंज का है. जिस अधिकारी को फोन पर सांसद गाली दे रहे हैं, उनका नाम दीपक तोमर हैं.

क्या है ऑडियो में?

फोन पर सांसद जी कह रहे हैं,

योगी जी कोई चश्मा बनवाकर देंगे, जिससे किसान और व्यापारी परखोगे आप लोग?

दूसरी तरफ से आवाज आती है,

नहीं, ऐसा तो नहीं है सर.

फिर सांसद कहते हैं,

वहां बैठकर के हमारे जो तीनों मंडल अध्यक्ष हैं, क्या इनसे डायलॉग बोल रहे थे कि सरकार से 60 किलो करा दो, ये करा दो, वो करा दो, सरकार तुम्हारी है.

अधिकारी कहता है,

सर, ऐसा नहीं है.

सांसद कहते हैं,

(शुरू के शब्द क्लियर सुनाई नहीं देते) …तो ^%@& में लाठी घुसेड़ देंगे हम बताए देते हैं.

अधिकारी कहता है,

सर, हम आज छुट्टी चले जाएंगे. हमें कोई तकलीफ नहीं सर.

सांसद कहते हैं,

जा छुट्टी पर.

अधिकारी जवाब देता है,

ठीक है सर, बिल्कुल सर.

फिर सांसद बोलते हैं,

माद#&$

ये सारा कुछ आप इस वीडियो में सुन सकते हैं

जब सांसद से इसके बारे में पूछा गया कि अभद्र भाषा वाले वायरल वीडियो की सच्चाई क्या है और किस तरह से वह उसका खंडन करते हैं, तो उन्होंने खंडन छोड़कर सब कुछ कर डाला. उन्होंने ये भी कहा कि अगर कोई और अधिकारी ऐसा करेगा, तो उन्होंने जो कहा है, उसे करना भी शुरू करेंगे.

उन्होंने कहा,

आपने पहले ही कहा कि धान की खरीद को लेकर किसान परेशान हैं. अनियमितताएं बरती जा रही हैं, ये बात बिल्कुल सही है. बहुत सारे प्रयास भी किए गए हैं. तमाम कोशिशें भी की गई हैं लेकिन ये लोग मानने वाले नहीं है. परसों जो हमारे अध्यक्ष हैदरगढ़ के मुन्नू सिंह, दूसरे कोठी के मंडल अध्यक्ष कौशलेंद्र शुक्ला. इन दोनों लोगों को शिकायतें मिलीं क्रय केंद्र से कि जो कल ट्रॉली आई है, वो आज तौल रही है. 25-30 दिन से किसानों की ट्रॉलियां खड़ी हैं. किसान वही पर लेटा है, सो रहा है. एक महीने से. उनकी ट्रॉली नहीं तौली जा रही है. उन्होंने जब SMI से बात की कि ऐसा क्यों कर रहे हो. व्यापारियों का धान क्यों खरीद रहे हो. किसानों को क्यों परेशान कर रहे हो. इस पर SMI ने कहा कि योगी जी से कह दें कि चश्मा दे दें हमको कि पता चल जाए कि कौन किसान है और कौन व्यापारी है.

उन्होंने आगे कहा,

इस तरह की भाषा एक लोक सेवक बोल रहा है, जो SMI के पद पर है. हमारे मुख्यमंत्री के लिए इस तरह की भाषा बोल रहा है. उसके लिए क्या करना चाहिए. मैंने जब बात की, तब भी उसी तरीके की बात. एक ट्रॉली किसानों का धान तौलते हैं, तो चार ट्रॉली व्यापारियों का तौलते हैं. यही कर रहे हैं ये लोग. जिले के किसानों के लिए और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं होगा. अगर कोई अधिकारी इनके सम्मान के साथ खिलवाड़ करेगा. जिस तरह हमारे मंडल अध्यक्ष की बेइज्जती करके भगाया वहां से. इस तरह अगर कोई अधिकारी और करेगा, तो मैंने अभी जो कहा है, उसको करना भी शुरू करूंगा.


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