Submit your post

Follow Us

लद्दाख में भारत और चीन के बीच डोकलाम जैसे हालात हैं?

भारत और चीन के बीच लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा. पहले सिक्किम के नाकू ला में और अब लद्दाख क्षेत्र में भी तनाव चल रहा है. पैंगोंग झील, गलवान नदी के पास भारतीय और चीनी सैनिक आमने-सामने हैं. कई दिनों से. दोनों सैनिकों के बीच झड़प की भी ख़बरें आई हैं.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 26 मई को तीनों सेनाओं के प्रमुख और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत के साथ बैठक की है. इस बैठक में लद्दाख क्षेत्र में चीन के साथ तनाव पर बातचीत हुई. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, बैठक में तय किया गया कि चीन के साथ जारी विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाया जाएगा. भारतीय सेना जहां डटी हुई है, वहीं रहेगी. इसके साथ ही भारत सड़क निर्माण जारी रखेगा. साथ ही यह देखते हुए कि चीन लगातार सैनिकों की संख्या बढ़ा रहा है, भारत भी अपनी तैनाती को बढ़ाएगा.

भारत की सड़क से है चीन को दिक्कत

भारत और चीन के बीच बॉर्डर को लेकर आम सहमति नहीं है. भारत और चीन के सैनिक LAC (लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल)  पर टकराते रहते हैं. लेकिन लद्दाख का मसला शांत होने का नाम नहीं ले रहा. 9 मई को हुई झड़प के बाद कई दौर की वार्ताओं के बाद भी चीजें सामान्य नहीं हो सकी हैं. मीडिया रिपोर्ट्स मुताबिक़, भारत लद्दाख में एक सड़क बना रहा है. इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत कर रहा है. भारत ने करीब 260 किलोमीटर लंबे दारबुक-श्योक-दौलत बेग ओल्डी DBO सड़क पिछले साल ही पूरी की है. इसके साथ ही कुछ लिंड रोड और पुल बनाए जा रहे हैं. चीन को ये हजम नहीं हो रहा. वह इस बात पर विरोध कर रहा है. इसी के चलते गतिरोध बढ़ा है. वे भारत के कंस्ट्रक्शन और एक निश्चित पॉइंट से आगे गश्त को लेकर आपत्ति कर रहे हैं.  इसी को लेकर सबसे पहले इस महीने के शुरू में दोनों ओर के सैनिक भिड़ गए थे.

पैंगोग लद्दाख में है जो कि अब एक केंद्र शासित प्रदेश है. फोटो: गूगल मैप्स
पैंगोग लद्दाख में है जो कि अब एक केंद्र शासित प्रदेश है. फोटो: गूगल मैप्स

पेंगोंग झील का मसला

पेंगोंग झील के पास भी मामला उलझा हुआ है. यह झील 135 किलोमीटर लंबी है. भारत के हिसाब से 45 किलोमीटर का हिस्सा भारत का है और बाकी चीन का. झील के उत्तर में उभार बने हुए हैं. पश्चिम से पूर्व की तरफ ऐसे 8 उभार हैं. इन्हें फिंगर्स कहा जाता है. भारत का मानना है कि LAC फिंगर 8 से गुजर रही है. भारत फिंगर 4 तक पेट्रोलिंग करता है. लेकिन हाल के कुछ साल में चीन ने पट्रोलिंग फिंगर 2 तक शुरू कर दी. और इतना ही नहीं चीन फिंगर 2 पर ही भारत को रोक रहा है. यानी भारत के जवान फिंगर 2 से आगे 5 मई को पट्रोलिंग करने गए, तो उनको चीन ने वहीं रोक दिया.

चीन ने पैंगोंग झील के पास टेंट लगाए, तो भारत ने भी खूंटा गाड़ दिया है. इलाके में चीन ने गश्त तेज कर दी है और झील पर नावों की तैनाती बढ़ा दी हैं. आसान भाषा में इसका मतलब ये है कि मामला आसानी से सुलझता नहीं दिख रहा है.

ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या लद्दाख में जो चल रहा है, वह डोकलाम जैसा है क्या? 2017 में सिक्किम के डोकलाम क्षेत्र में भारत और चीन के सैनिक भिड़ गए थे. यह मामला करीब ढाई महीने तक चला था.

जान लेते हैं कि डोकलाम में हुआ क्या था?

सिक्किम नेपाल, चीन और भूटान के बीच में पड़ता है. क्षेत्रफल के लिहाज से ये भारत का दूसरा सबसे छोटा राज्य है. लेकिन इसकी भौगोलिक स्थिति इसे सामरिक तौर पर काफी संवेदनशील बनाती है. सिक्किम पार चीन बसा है. सिक्किम के नीचे है सिलीगुड़ी कॉरिडोर. यह कॉरिडोर पूर्वोतर भारत को पूरे देश से जोड़ता है. जून-अगस्त, 2018 तक डोकलाम को लेकर भारत-चीन के बीच काफी तनातनी रही. सिक्किम वाले बॉर्डर के पास भूटान-चीन सीमा के नजदीक ही है ये डोकलाम. जिस जगह पर भारत, चीन और भूटान की सीमाएं एक-दूसरे से मिलती हैं, उसका नाम है डोका-ला. ये ‘डोका-ला’ डोकलाम का ही हिस्सा है, जो कि सिक्किम सेक्टर में पड़ता है.

चीन डोकलाम को तिब्बत का हिस्सा बताता है. चूंकि तिब्बत पर उसका कब्जा है, तो उसके हिसाब से डोकलाम पर भी अपना हक़ जताता है. इसके साथ ही चीन ये भी कहता है कि तीनों देशों की सीमाएं डोका-ला में नहीं, बल्कि इसके दक्षिण में स्थित गामोचेन में मिलती हैं. ऐसे में चीन गामोचेन नाम की जगह तक सड़क बढ़ाने लगा. ये जगह भूटान की सीमा में आती है.

ऐसे में भारत और भूटान ने इस पर आपत्ति जताई. जवाब में चीन की सेना डोका-ला में घुस गई. चूंकि भारत भूटान का सामरिक पार्टनर है, तो भूटान की तरफ से इस जगह की पहरेदारी भी भारतीय सेना ही करती है. चीनी सैनिकों ने डोका-ला में घुसकर भारत के कुछ बंकर भी तबाह कर दिए. इसके बाद ही दोनों देशों में तनातनी शुरू हुई. ऐसा लगा कि अब जंग शुरू हुई, तब शुरू हुई. भारत को दिक्कत ये थी कि अगर चीन गामोचेन तक रोड ले आता, तो सिलिगुड़ी कॉरिडोर के काफी नजदीक पहुंच जाता. वैसे डोकलाम पर अपना दावा करने के पीछे भी चीन की यही मंशा है. वो सिक्किम समेत पूरे नॉर्थ-ईस्ट राज्यों में भारत की स्थिति कमजोर करना चाहता है. भारत के इसी हिस्से में अरुणाचल भी है, जिसे चीन तिब्बत का दक्षिणी हिस्सा बताता है. लेकिन कूटनीतिक स्तर पर मामला संभाल लिया गया गया था. जंग की नौबत नहीं आई थी. 73 दिनों तक भारत और चीन की फौज आमने-सामने थी.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के ट्विटर पेज से 28 अगस्त, 2017 का यह ट्वीट देख सकते हैं.

डोकलाम में भी चीन आक्रामक था और अभी लद्दाख में भी है. लद्दाख क्षेत्र में भारत-चीन सैनिकों की झड़पें होती रहती हैं, लेकिन डोकलाम में ऐसा नहीं था.

मौजूदा हालात क्या हैं?

अभी लद्दाख में चल रहे रार पर कई ऑब्जर्वर्स को उम्मीद थी कि चीन के विदेश मंत्री वांग यी सालाना प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुछ कहेंगे, लेकिन 24 मई को पेइचिंग में हुई इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने इस मसले पर कुछ भी नहीं कहा.

चीन में भारत के राजदूत रहे गौतम बंबावाले ने ‘इंडियन एक्सप्रेस’ से बातचीत करते हुए कहा कि चीन ने डोकलाम मसले से पब्लिक हैंडलिंग सीखी है. उन्होंने सोचा कि भारत मीडिया को पहले बताएगा, इसलिए उन्होंने ऐसा पहले किया. हम शांत हैं और ऐसा सोच समझकर किया है. वे डोकलाम जैसे हालात नहीं चाहते. ऐसे हालात में शांत कूटनीति से नतीजे आ सकते हैं.

भारत में कोरोना वायरस के बढ़ते मामले को लेकर चीन अब भारत में रह रहे अपने नागरिकों को वापस बुला रहा है. चीन ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है, जब सिक्किम और लद्दाख में चीन और भारतीय सैनिक आमने-सामने हैं.


विडियो- दुनियादारी: रूस पर आरोप लगाकर USA के ‘ओपन स्काइज़ ट्रीटी’ छोड़ने से क्या होगा?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

क्या चल रहा है?

कोरोना की दो रिपोर्ट्स में पॉजिटिव पाए गए एक्टर किरण कुमार के तीसरे टेस्ट की रिपोर्ट में क्या आया?

पहली दो रिपोर्ट्स पॉजिटिव थीं लेकिन लक्षण कोई नहीं दिख रहा था.

'वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ जीतना ही नहीं चाहते थे धोनी, रोहित और विराट'

बेन स्टोक्स ने अपनी किताब में किया दावा.

क्या खेती-किसानी को लेकर सरकार का सारा फोकस मार्केटिंग पर है, प्रोडक्शन पर नहीं?

चार एक्सपर्ट जुटे तो क्या बात हुई?

इंडिगो के बाद अब एयर इंडिया विमान में कोरोना संक्रमित यात्री मिला

संक्रमित यात्री एयर इंडिया का कर्मचारी भी है.

कोलकाताः भीड़ ने TMC विधायक पर हमला किया, चेहरे पर मारे गए पत्थर

स्थानीय मेयर का आरोप है कि हमला BJP-RSS ने करवाया है.

रवि शास्त्री ने 6 गेंदों पर 6 छक्के मारे, ये बात उनकी मां को अगली सुबह भेलपूरी वाले से पता चली

123 गेंदों पर 200 मारे थे शास्त्री ने.

स्टेशन के बाहर घंटों रुकी रही ट्रेन, दो दिन से भूखे मज़दूर पटरी पर सोकर विरोध जताने पर मजबूर

कुछ ने शर्ट उतारकर, तो कुछ ने दूसरी ट्रेनों को रोककर प्रदर्शन किया.

जब नेहरू को मवेशियों के रहने की जगह पर रहना पड़ा था

पेन चुराने के लिए पड़ी थी मार. बरसी पर पढ़िए जवाहर लाल नेहरू के किस्से.

दो महीने बाद शुरू हुईं घरेलू उड़ानें, इस फ्लाइट में मिला कोरोना संक्रमित यात्री

पहले होटल और फिर हॉस्पिटल में क्वारंटीन.

कोरोना: 'उबर' ने भारत में अपने एक-चौथाई कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का ऐलान किया

'ओला' का हाल भी कुछ ऐसा ही है.