Submit your post

Follow Us

PM Cares के पैसों से बने वेंटिलेटर पर सवाल उठे तो बनाने वाले ने राहुल गांधी को घेर लिया

AgVa वेंटिलेटर में शिकायतें आ रही हैं. दिल्ली, मुंबई और गुजरात के कई अस्पतालों से. अस्पतालों ने कहा है कि PM Cares के तहत बने इन AgVa वेंटिलेटरों में ठीक से सांस देने की सुविधा ही नहीं है. वहीं कुछ दूसरे अस्पतालों ने कहा कि ये वेंटिलेटर तो मरीज़ को पूरी तरह से ऑक्सिजन ही नहीं दे पा रहे हैं. कुछ ने कहा कि कुछ वेंटिलेटर तो स्विच ऑन करते ही 5 मिनट के अंदर बैठ गए. ऐसे में कई मीडिया संस्थानों ने AgVa से सवाल पूछे. पूछे कि क्या उनके वेंटिलेटर ख़राब हैं? अस्पताल और डॉक्टर क्यों शिकायत कर रहे हैं? और AgVa का जवाब होता, ‘वेंटिलेटर एकदम ठीक हैं. जिन अस्पतालों को दिया गया है, उन्हें इन वेंटिलेटरों को ऑपरेट करना नहीं आ रहा है.”

अब AgVa हेल्थकेयर ने ANI से बातचीत में कहा है कि उनके वेंटिलेटर बिलकुल ठीक हैं. कम्पनी की नींव रखने वाले प्रोफेसर दिवाकर वैश ने अपनी सफ़ाई में कहा है कि AgVa के वेंटिलेटर बहुत सस्ते हैं. 10-20 लाख रुपए में आने वाले आम वेंटीलेटरों से लगभग 5-10 गुना ज़्यादा सस्ते हैं. उन्होंने आरोप लगाए हैं कि बड़े वेंटिलेटर बनाने वालों के नेक्सस की वजह से उनके वेंटिलेटर पर सवाल उठाए जा रहे हैं. अन्यथा, उनके वेंटिलेटर बिलकुल दुरुस्त हैं. 

डॉ. वैश ने कहा,

“जिन अस्पतालों ने शिकायत की, मैं उन अस्पतालों में ख़ुद गया. उनके सामने डेमो दिखाया. वो गड़बड़ नहीं निकाल सके.”

दिल्ली के लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल ने कहा था कि AgVa के वेंटिलेटरों में BiPAP की सुविधा नहीं है. डॉक्टर वैश का दावा है कि ये फ़ंक्शन मौजूद है, और LNJP ने भी इस फ़ंक्शन को माना है. ग़लत जानकारी देकर और अफ़वाह फैलाकर इस वेंटिलेटर को बदनाम किया जा रहा है. दावा ये कि डॉक्टर वैश कोरोना वार्ड में जाकर ख़ुद इस वेंटिलेटर को अस्पतालों के कोरोनावार्ड में लगाकर दिखाएंगे. दावा किया कि ये वेंटिलेटर हर वो काम कर सकता है, जो बड़े वेंटिलेटर कर सकते हैं. 

दो दिनों पहले Huffpost में एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी. इस रिपोर्ट में AgVa के पूर्व कर्मचारियों ने दावा किया कि AgVa अपने वेंटिलेटर के सॉफ़्टवेयर में गड़बड़ी कर रहा है. जिस वजह से उससे निकलने वाले ऑक्सिजन की मात्रा बढ़ी हुई दिखती है. राहुल गांधी ने इस रिपोर्ट को ट्वीट किया. PM Cares को आड़े हाथों लिया. कहा कि भारतीय लोगों की ज़िंदगी ख़तरे में है. और ख़राब तरीक़े के वेंटिलेटर पब्लिक के पैसे से ख़रीदे जा रहे हैं. डॉक्टर वैश ने कहा कि राहुल गांधी डॉक्टर नहीं हैं, उन्हें डेमो दिया जा सकता है.

“वो बहुत बुद्धिमान व्यक्ति हैं. लेकिन उनके ट्वीट आधारहीन हैं. इन वेंटिलेटरों को मंत्रालय का क्लियरेंस मिला है. अगर वे सवाल उठा रहे हैं, तो मैं उनके सामने पेशेंट को ये वेंटिलेटर लगाकर दिखा सकता हूं.”

क्या है मामला?

दिल्ली के लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल (LNJP) में PM CARES के तहत बने जो वेंटिलेटर भेजे गए थे, वो वेंटिलेटर अपनी बनावट के चलते बहुत ज़्यादा काम के साबित नहीं हो रहे थे. PM Cares के तहत सप्लाई किए गए इन वेंटिलेटरों में BiPAP की सुविधा ही नहीं है. BiPAP यानी Bilevel Positive Airway Pressure. ये मरीज़ को सांस देने का वो तरीक़ा है, जिसके तहत मरीज के मुंह और नाक से सांस की नली नहीं डालनी पड़ती है. बस एक मास्क पहनाना होता है, जिससे मरीज़ के शरीर में जा रही सांस में ज़्यादा से ज़्यादा ऑक्सीजन भेजा जा सके. BiPAP की सुविधा आमतौर पर वेंटिलेटरों में होती है. इसके होने से मरीज़ के शरीर में कोई नली नहीं लगानी पड़ती है, जिससे उसके शरीर में संक्रमण का भी ख़तरा कम हो जाता है. ये जो PM Cares वाले वेंटिलेटर हैं, इनमें BiPAP ने होने के कारण मरीज़ों को सांस की नली लगानी ही पड़ती. 

इसके पहले मुंबई के दो अस्पतालों में PM CARES के तहत बने AgVA वेंटिलेटर्स पर जब कोरोना के मरीज़ों को रखा गया, तो भी मरीज़ सांस नहीं ले पा रहे थे. ऐसे कुल 81 वेंटिलेटर गड़बड़ निकले. और दोनों अस्पतालों ने इन्हें बनाने वाली कम्पनी से इन्हें वापस ले जाने को कहा. सेंट जॉर्ज अस्पताल में गए 39 वेंटिलेटर और जेजे अस्पताल में गए 42 वेंटिलेटर ख़राब निकले. 19 जून को दिए गए अपने फ़ीडबैक में सेंट जॉर्ज अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा कि इन वेंटिलेटरों के टेस्ट रन में ही ऑक्सीजन सप्लाई में 10 प्रतिशत का अंतर देखने को मिला था. एक वेंटिलेटर तो पावर सप्लाई देने के 5 मिनट के अंदर ही फ़ेल हो गया. और जब ICU के मरीज़ों को इन AgVA वेंटिलेटर पर डाला गया, तो उनके भीतर का ऑक्सीजन लेवल आशा के अनुरूप नहीं बढ़ा.

100 परसेंट पर भी AgVa वेंटिलटरों को सेट करने के बाद मरीज़ों का ऑक्सीजन लेवल 86 प्रतिशत के ऊपर नहीं बढ़ रहा था. लेकिन जैसे ही मरीज़ों को दूसरे वेंटिलटरों पर डाला गया, उनका ऑक्सीजन लेवल तुरंत सुधरने लगा. 

इसके पहले अहमदाबाद के सिविल अस्पताल के मेडिकल सुपरिंडेंट जेवी मोदी ने कहा कि AgVa वेंटिलेटर पर जब मरीजों को रखा गया, तो अस्पताल को जो नतीजे चाहिए थे, वो नहीं मिल रहे थे.

क्या है इन वेंटिलेटरों की कहानी?

केंद्र सरकार ने 23 जून को पीएम केयर्स फंड से दो हज़ार करोड़ रुपए जारी किए. 50 हज़ार ‘मेड इन इंडिया’ वेंटिलेटर्स की सप्लाई के लिए. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, इनमें 30 हज़ार वेंटिलेटर भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) बना रहा है. बाकी के लिए AgVa हेल्थकेयर, AMTZ Basic, AMTZ हाई एंड और एलाइड मेडिकल जैसी कंपनियां काम कर रही हैं. और सबसे ज़्यादा सवालों के घेरे में AgVa के वेंटिलेटर हैं.

AIIMS, दिल्ली के न्यूरोसर्जन डॉक्टर दीपक अग्रवाल और रोबॉटिक इंजीनियर प्रोफेसर दिवाकर वैश ने मिलकर इसे बनाया है. इसीलिए दोनों के सरनेम के शुरुआती अक्षरों को मिलाकर AgVa (अगवा) शब्द बना है.


PM CARES फंड के तहत बनाए गए देसी वेंटिलेटर ऐसी हालत में पाए गए हैं

 

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

क्या चल रहा है?

क्रिकेट से ब्रेक लेकर खेतीबाड़ी कर रहे धोनी अब कौन-सा प्रोडक्ट लॉन्च करने जा रहे?

तैयारी चल रही है, तीन महीने बाद रसीद कटेगी.

नीतीश कुमार की भतीजी को कोरोना हुआ, तुरंत सीएम आवास में ही हॉस्पिटल खुल गया

6 डॉक्टर्स, 2 नर्स और स्वास्थ्यकर्मी हर समय रहेंगे.

वाह! CBSE ने स्कूली बच्चों को बड़ी राहत देने वाला फैसला कर डाला

HRD मंत्री ने खुद ट्विटर पर ऐलान किया.

अर्रे ग़ज़ब! इस बहुत बड़ी हॉलीवुड फिल्म में अब अपनी प्रियंका चोपड़ा भी दिखाई देंगी

गेस करिए तो कौन सी फिल्म हो सकती है?

इन जूलरी वालों ने ऐसा क्या काण्ड किया कि ED ने इतिहास का सबसे महंगा कारण बताओ नोटिस भेज दिया

नीरव मोदी, विजय माल्या के बाद कोई नहीं है इनके टक्कर में.

ऐसी क्या वजह है, जो ये डॉक्टर कोरोना मरीज़ों को गले लगाकर विदा करता है?

कारण जानकर आप को भी अच्छा लगेगा.

नीना गुप्ता ने बताया कि वो सरोज खान को लेकर क्या बड़ी प्लानिंग कर रही थीं

सरोज खान के जाने पर नीना का सपना अधूरा रह गया.

कास्टिंग काउच झेल चुकी एक्ट्रेस अदिति राव ने बताया कि कैसे लोग बाद में भी बुली करते हैं

"ये सब बहुत घटिया है". - अदिति राव हैदरी.

'बोल बच्चन' के 8 साल होने पर अजय देवगन ने ट्वीट किया, प्राची देसाई ने बड़ी भूल पर टोक दिया

अब लोग प्राची का सपोर्ट कर रहे हैं.

तो क्या इस साल भारत में नहीं हो पाएगा IPL?

सौरव गांगुली ने तो ऐसा ही इशारा दिया है.