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बेंगलुरु: पुलिस हिरासत में अफ्रीकी नागरिक की मौत, विरोध प्रदर्शन करने पर समुदाय के लोगों पर लाठीचार्ज

बेंगलुरु में एक अफ्रीकी नागरिक की कथित रूप से पुलिस हिरासत में मौत का मामला तूल पकड़ता दिख रहा है. अफ्रीकी नागरिक जॉन उर्फ जोएल मालू (Joel Shindani Malu) को पुलिस ने नशीली दवाओं की सप्लाई के आरोप में पकड़ा था. बाद में उसे सीने में दर्द होने पर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बचाया नहीं जा सका. पीड़ित की मौत के बाद बेंगलुरु में रह रहे अफ्रीकी नागरिकों ने विरोध प्रदर्शन किया. हालात तब और बिगड़ गए जब पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया.

क्या है पूरा मामला?

आजतक/इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार 1 अगस्त को पुलिस को एक ड्रग पैडलर के बारे में जानकारी मिली थी. डीसीपी नॉर्थ धर्मेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि जेसी नगर पुलिस थाना इलाके के सब-इंस्पेक्टर रघुपति को मिली सूचना के आधार पर ड्रग पैडलर को पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया था. पुलिस के मुताबिक, रात करीब साढ़े 12 बजे एक होंडा एक्टिवा पर दो विदेशी नागरिक बाबूशाह पाल्या (Babusah Palya) इलाके में पहुंचे. वहां मौजूद मुखबिर के इशारे पर पुलिस भी पहुंच गई. इसी दौरान एक विदेशी मौके से फरार हो गया. लेकिन दूसरा पकड़ लिया गया. उसने अपना नाम जॉन बताया.

पुलिस का कहना है कि जॉन ने भी भागने की कोशिश की थी, लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिली. उसका दावा है कि भागने के दौरान जॉन की जेब से प्लास्टिक के छोटे पैकेट भी गिरे थे, जिनमें सफेद पदार्थ भरा था. पूछताछ के दौरान जॉन ने मान लिया कि वो सफेद पदार्थ MDMA है. ये एक ड्रग होता है, जिसके इस्तेमाल से बॉडी में सेंसेशन होने लगते हैं और उसकी ऊर्जा बढ़ जाती है.

पुलिस के मुताबिक, जॉन ने बताया कि वो इस ड्रग को बेचने के लिए लाया था. हालांकि पकड़े जाने के समय उसने अपनी पहचान बताने और उससे जुड़े दस्तावेज दिखाने से इन्कार कर दिया था. अब कहा जा रहा है कि वो एक अफ्रीकी छात्र था.

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जॉन का फाइल फोटो. फोटो सोर्स- आजतक

हिरासत के दौरान सीने में दर्द

गिरफ्तारी के बाद पुलिस जॉन को थाने ले गई थी. देर रात एफआईआर दर्ज की गई. सोमवार 2 अगस्त की सुबह 5 बजे के आसपास जॉन ने सीने में दर्द की शिकायत की थी. थाने के एसएचओ ने पीएसआई रघुपति को इसकी जानकारी दी. इसके बाद पुलिस उसे अस्पताल ले गई. लेकिन जॉन को बचाया नहीं जा सका. सुबह पौने 7 बजे के आसपास जॉन को मृत घोषित कर दिया गया. उसकी मौत की वजह हार्ट अटैक बताया गया है.

खबर के मुताबिक, मरते वक्त तक भी जॉन की पहचान नहीं हो सकी थी. ऐसे में पुलिस ने पैन अफ्रीकन फेडरेशन से संपर्क किया. पता चला कि जॉन डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो का निवासी था. उसका असली नाम जोएल शिंधानी मालू था. वो छात्र वीज़ा पर भारत आया था, जो 2015 में एक्सपायर हो गया था. उसका पासपोर्ट भी 2017 में एक्सपायर हो गया था.

अफ्रीकी नागरिकों ने किया प्रदर्शन

इस बीच जॉन की मौत की खबर बेंगलुरु में रहने वाले अफ्रीकी समुदाय तक पहुंची. समुदाय के लोगों ने जेसी नगर पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी लोगों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई. ऐसी खबरें हैं कि भीड़ को वहां से हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया.

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जॉन की मौत के बाद थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन करते अफ्रीकी नागरिक. फोटो- आजतक

इंडिया टुडे के मुताबिक, अफ्रीकी नागरिकों ने कहा कि जॉन पूरी तरह स्वस्थ था और हार्ट अटैक से उसकी मौत कैसे हो सकती है. उन्होंने आरोप लगाया है कि जॉन की मौत ‘पुलिस की बर्बरता’ के कारण हुई है. उधर, पुलिस ने जॉन की मौत के मामले में एक केस दर्ज किया है. उसका कहना है कि ये हिरासत में मौत का मामला नहीं है और इस मामले की जांच मानवाधिकार आयोग की गाइडलाइंस के तहत की जाएगी.


वीडियो- बेंगलुरु गैंगरेप केस में खुलासा – टिकटॉक के जरिए बांग्लादेश से लड़कियों की तस्करी

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