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कास्टिंग काउच झेल चुकी एक्ट्रेस अदिति राव ने बताया कि कैसे लोग बाद में भी बुली करते हैं

अदिति राव हैदरी की फिल्म ‘सूफीयम सुजातयुम’ अमेजॉन प्राइम पर रिलीज़ हो चुकी है. फिल्म मलयालम भाषा में है. अदिति के अलावा इससें एक्टर जयसूर्या लीड रोल में हैं. फिल्म को विजय बाबू ने डायरेक्ट किया है. ये तो हुई फिल्म की जानकारी. अब बात करते हैं, अदिति राव हैदरी की. जिन्होंने अपने एक ऑनलाइन इंटरव्यू में इस फिल्म के साथ-साथ ओटीटी प्लेटफॉर्म और थिएटर पर फिल्में रिलीज करने को लेकर हो रही बहस और कास्टिंग काउच पर भी बात की है.

हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में अदिति ने कास्टिंग काउच के सवाल पर बताया कि सब ठीक होने के बाद भी कैसे लोगों को परेशान किया जाता है. हालांकि अदिति भी कास्टिंग काउच फेस कर चुकी हैं और खुद को आठ महीने तक सबसे दूर रखा था. कोई काम नहीं किया था. अदिति कहती हैं –

सिर्फ मैं ही नहीं हूं. कई लोग हैं, जिनके साथ ऐसा होता है. कई लोग इससे आसानी से बाहर निकल आते हैं और कुछ लोग मैनेज नहीं कर पाते. मैं लकी थी कि मैंने खुद को इससे बाहर निकाल लिया. और हैरान करने वाली बात तो ये है कि सब कुछ जब ठीक हो जाता है, उसके बाद फिर लोग बुली करने लगते हैं. बात करो तो भी और न करो तो भी. जबकि लोगों को रिस्पेक्ट देनी चाहिए. मैं एक प्रोटेक्टिव प्लेस से आती हूं, मेरे पेरेंट्स सपोर्टिव हैं. पर कई लोगों के साथ ऐसा नहीं होता है. तो हमें उन्हें बुली नहीं करना चाहिए. हमें उनके बारे में कोई निष्कर्ष नहीं निकाल लेना चाहिए. हमें लोगों के बारे में ये जजमेंट नहीं करना चाहिए कि उनके साथ ऐसा हुआ है या नहीं, उन्होंने कुछ किया है या नहीं. ये बहुत ही घटिया है, ये सब नहीं होना चाहिए. 

अदिति का कहना है कि लोगों के बारे में गलत न बोलकर उन्हें परेशान नहीं करना चाहिए. क्योंकि कई लोगों के साथ बहुत गंभीर समस्या होती है. उन्हें खुद डील करने देना चाहिए. हमें नहीं पता होता है उसके बारे में, पर हम उन्हें परेशान करते हैं. इन बातों के बीच अदिति ने फिल्म के बारे में और अपने किरदार के बारे में भी बताया. कहा

फिल्म का किरदार काफी अच्छा था. साइन लैंग्वेज को निभाने के लिए उन्होंने काफी मेहनत की. इस भाषा को सिखाने के लिए सेट पर एक टीचर भी अपॉइंट किया गया था. और ये कैरेक्टर उन्हें अच्छा भी लगा. उनके लिए ये रोल चैलेंजिंग था. पहले कभी ऐसा किरदार नहीं निभाया था.

अदिति ने कहा कि वो एक एक्टर बनने के पहले एक डांसर थीं. अपनी पहली फिल्म में वो देवदासी बनीं थीं. उसमें एक डांसर का ही रोल निभाया था. उन्होंने तमिल, तेलगू, हिंदी भाषा की फिल्मों में काम किया है, तो अब वो ये नहीं देखती हैं कि फिल्म किस भाषा में उन्हें ऑफर हो रही है. बस वो फिल्म का कंटेंट देखती हैं. अच्छा लगता है, तो हां बोल देती हैं. अदिति ने ओटीटी और थिएटर में रिलीज हो रही फिल्मों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी. उनका कहना है कि फिल्में थिएटर में रिलीज होती हैं, तो मन में उथल-पुथल होती रहती है कि आज फर्स्ट डे-फर्स्ट शो है. थिएटर में फिल्म रिलीज होगी. पर ओटीटी पर फिल्में रिलीज होने से ये है कि पहले ही दिन वो सभी के पास पहुंच जाती है. तो कोई लोड नहीं है. बस सबकी दुआ मिलनी चाहिए.


वीडियो देखें : ‘मिर्ज़ापुर’ फेम विक्रांत मैसी ने बताया, ‘अवॉर्ड फंक्शन में बेस्ट एक्टर के लिए नॉमिनेट किया गया, लेकिन बुलाया नहीं’

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