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केजरीवाल ने कहा कि उनके और कुमार विश्वास के बीच मिठ्ठी हो गई है

लाइन से छह चुनाव हारने के बाद आम आदमी पार्टी में लाइन से पटाखे फूटे हैं, शिकायतों के. लेकिन ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ गिराया खुद को आम आदमी पार्टी में बचे तीन संस्थापक सदस्यों में से एक बताने वाले कुमार विश्वास ने. टीवी पर इशारों में बोले कि सब गलत-सलत हो रहा है. तो अब अरविंद केजरीवाल कुछ नरम पड़ गए हैं. कह रहे हैं कि हां भई गलतियां हुई हैं. और अब उन्होंने कुमार विश्वास को मनाने के लिए एक ट्वीट भी कर दिया है, नीले तिलक वाले अपने वेरिफाइड अकाउंट से.

लेकिन इत्ता प्यार दिखाने के बावजूद कुमार विश्वास ऩे ढील नहीं दी. रीट्वीट के लिए पूरे तीन घंटे इंतज़ार कराया. कुमार का मूड इन दिनों उखड़ा-उखड़ा सा ही रहा है. तो आप आदमी पार्टी के समर्थक सांस रोक कर इंतज़ार करते रहे. लेकिन अनहोनी नहीं हुई, कुमार विश्वास ने रीट्वीट कर ही दिया. उन्हें राहत मिल गई.

एक तरफ माहौल सीरियस बना हुआ था दूसरी तरफ पब्लिक मौज लेने में लगी थी. एक ट्विटर यूज़र ने अरविंद को याद दिला दिया कि कुमार विश्वास ही नहीं, सानू भी है!

इससे पहले कुमार विश्वास ने पार्टी के साथ अपनी नाराजगी खुल कर ज़ाहिर की थी. 2017 के विधानसभा चुनावों और दिल्ली नगर निगम चुनाव से नदारद रहने और ‘आप’ की लगातार छह हारों के बाद जब कुमार सामने आए, तो उनके पास पार्टी काडर और अरविंद केजरीवाल के लिए ढेर सारी नसीहतें थीं. अभी तक ट्विटर पर इशारों-इशारों में बातें कर रहे कुमार ने 28 अप्रैल को दो टीवी चैनलों को दिए इंटरव्यू में पार्टी से हुई गलतियों पर खुलकर बात की.

‘आप’ सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने पिछले सभी बड़े चुनाव हारने का ठीकरा EVM पर फोड़ा है, जिसका विरोधियों ने खूब मजाक भी उड़ाया. उनके बाद पार्टी के सबसे लोकप्रिय नेता कुमार उनकी इस राय से सहमत नहीं हैं. EVM के मुद्दे पर कुमार ने इंटरव्यू में कहा,

‘EVM में गड़बड़ियां हो सकती हैं, लेकिन उसे देखने के लिए चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट जैसी संस्थाएं हैं. EVM पर सवाल उठाए जाने चाहिए, लेकिन चुनाव हारने की सबसे बड़ी वजह यही है कि लोगों ने हमें वोट नहीं दिया. EVM कितने वोटों के साथ छेड़छाड़ कर लेगी. हमें तय करना होगा कि हम जंतर-मंतर से लड़ने किससे चले थे. और मान लीजिए एक साल बाद EVM में गड़बड़ी सामने आती है, तब तो आप यही कहेंगे कि हां यार, ये आदमी तो सही कह रहा था.’

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हालांकि, कुमार के इंटरव्यू के कुछ ही घंटों बाद केजरीवाल ने ट्विटर पर स्वीकार किया कि उन्होंने कई गलतियां कीं, जिनकी वजह से ‘आप’ चुनाव हारी. उन्होंने लिखा, ‘पिछले दो दिनों में मैंने पार्टी के कई कार्यकर्ताओं से बात की और हमें अपनी गलतियां सुधारने की जरूरत है.’ इस पोस्ट में केजरीवाल ने EVM का एक बार भी जिक्र नहीं किया.

कुमार के खरे इंटरव्यू आने के बाद पार्टी में चुनाव लड़ाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाने वाले संजय सिंह ने कहा है,

‘पार्टी लीडरशिप को एक साथ दिखना होगा. अगर हम कार्यकर्ताओं के एक बेहतर भारत का सपना पूरा करने के लिए काम करना चाहते हैं, तो हमें एकजुट होकर काम करना होगा. हमारे अंदर 100 कमियां हो सकती हैं. उन्हें सुधारने के लिए बंद कमरे में बात की जाए. हमें उपदेश देने वालों की जरूरत नहीं है.’

'आप' नेता संजय सिंह
‘आप’ नेता संजय सिंह

वहीं सोमनाथ भारती ने इसके उलट कुमार का स्पष्ट समर्थन किया. उन्होंने कहा कि कुमार जो भी कह रहे हैं, सही कह रहे हैं और पार्टी को इस पर ध्यान देना चाहिए. हालांकि, कुमार से सोमनाथ की नजदीकी को उनकी केजरीवाल से दूरी से जोड़कर देखा जा रहा है. भारती पर घरेलू हिंसा और दूसरे गंभीर आरोप लगने पर केजरीवाल ने उनका इस्तीफा ले लिया था. इसके बाद भारती की प्रतिक्रिया ऐसी लगी, जैसे उन्हें पार्टी और केजरीवाल से पर्याप्त सपोर्ट नहीं मिला.

सोमनाथ भारती
सोमनाथ भारती

अपने दोनों इंटरव्यू में कुमार जिस अंदाज में नजर आए और फिर उन पर पार्टी के दूसरे वरिष्ठ नेताओं ने जैसे बयान दिए, उससे एक बात तो स्पष्ट है कि आपसी फूट के मामले में ‘आप’ शून्य पर नहीं रह गई है. पार्टी के अंदर कुछ बड़ा घट रहा है. ऐसे में अगर ‘आप’ में फूट पड़ती है, तो एक धड़ा कुमार विश्वास का होगा.

सर्जिकल स्ट्राइक और नोटबंदी जैसे मुद्दों पर केजरीवाल ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुखर होकर घेरा था, लेकिन कुमार की राय इन मुद्दों पर भी केजरीवाल से अलग है. केजरीवाल के सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाने के सवाल पर उन्होंने कहा,

‘जब सर्जिकल स्ट्राइक हुई, तो देश के किसी भी राजनीतिक दल का पहला ट्वीट मेरा आया, जबकि मैं विदेश में था. मेरा मानना है कि नरेंद्र मोदी हमारे राजनीतिक प्रतिद्वंदी हैं. हम उन्हें पूरे देश में घेरेंगे, लेकिन नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं. अगर राष्ट्र सेना के माध्यम से आतंक से लड़ रहा है और सेना सीमापार जाकर पराक्रम दिखा रही है, तो उस समय उस गद्दी पर कोई भी बैठा हो, हमें कंधे से कंधा मिलाकर उसके साथ खड़े हो जाना चाहिए. अरविंद केजरीवाल ने सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल नहीं उठाए थे, लेकिन जो भी था, उसकी जरूरत नहीं थी. उसके बिना काम हो सकता था.’

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कुमार विश्वास पहले भी पार्टी लाइन से हटकर अपने नेताओं की आलोचना करते रहे हैं. आज जब वह राजनीतिक तौर पर पहले जितना एक्टिव नहीं हैं, तब भी उनके बोल पहले जैसे ही दिख रहे हैं. नोटबंदी पर ‘आप’ का जो स्टैंड रहा, उस पर कुमार कहते हैं,

‘नोटबंदी पर प्रतिक्रिया देने में पार्टियों ने कुछ जल्दबाजी की. अगर जनता को कष्ट था, तो उसे खुद बोलना चाहिए. नेताओं को जनता की भाषा बोलनी चाहिए, उसे जनता की भाषा तय नहीं करनी चाहिए. हमें सामने दिख रहा था कि जनता को परेशानी हो रही है, इसलिए ‘आप’ ने विरोध किया. वैसे भी नोटबंदी से न तो भ्रष्टाचार मिटा, न नक्सलियों की कमर टूटी और न कालाधन खत्म हुआ, पर यही बात जनता की तरफ से कही जानी चाहिए थी.’

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पार्टी ने पिछले कई चुनावों में कुमार विश्वास को कोई तवज्जो नहीं दी. ‘आप’ ने पंजाब चुनाव की कैंपेनिंग उन्हीं के वीडियो से की थी, लेकिन उसके बाद वो किनारे लगा दिए गए. इसे वह पार्टी नेतृत्व का फैसला बताते हैं. कुमार ने कहा,

‘मुझे जिन चुनावों में प्रचार करने के लिए कहा गया, मैंने किया. संगठन में कप्तान तय करता है कि आप बैटिंग करेंगे या बॉलिंग. मैं पार्टी की मीटिंग में बैठा जरूर था, लेकिन जो साथी अनुभवी साथी पंजाब लड़ा रहे थे, चुनाव बांट रहे थे, उन्होंने मुझसे प्रचार की कोई बात नहीं की. उन्होंने कहा कि मुझे पंजाब जाने की जरूरत नहीं है. आखिरी चार दिनों में केजरीवाल ने मुझसे प्रचार के लिए कहा था, लेकिन मेरे हिसाब से तब तक इसकी जरूरत खत्म हो चुकी थी.’

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अपने दोनों इंटरव्यू में कुमार ने अपनी पार्टी को इसके अलावा भी कई नसीहतें दीं. पढ़िए क्या कहा कुमार ने:

# पिछली हारों के लिए मैं पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं से माफी मांगतता हूं. हमारे पिछले निर्णय आपको पसंद नहीं आए. हम बंद कमरों में निर्णय ले लेते हैं और आप लोगों के बीच उसे डिफेंड नहीं कर पाते.

# हमें जनता और अपने कार्यकर्ताओं के साथ कनेक्ट दोबारा ढूंढना होगा. हम बीजेपी के कम्युनिकेशन की काट नहीं ढूंढ पाए.

# ‘आप’ भी 10-15% कांग्रेस होने की कगार पर है. बीजेपी तो पहले ही 80% कांग्रेस हो चुकी है. अगर आप शासन में हैं, तो आपको लोक की बात सुननी होगी और उसका जवाब देना चाहिए.


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